पत्नी ज्यादा कमाने लगे, तो पति क्यों हो जाते हैं असहज? रिसर्च ने बताया कारण

आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और खुद को साबित कर रही हैं। च्छे पदों पर काम करते हुए उनकी कमाई भी काफी अधिक है। यहां तक कि कई घरों में पत्नी की सैलरी पति से ज्यादा होती है और कभी-कभी तो वही पत्नी ही परिवार को आर्थिक रूप से संभालती भी है। समाज शायद इस बदलाव को स्वीकार करने लगा है, लेकिन क्या हमारे रिश्ते (Healthy Marriage Relationship Tips) भी इस बदलाव के लिए तैयार हैं?

अमूमन यह देखने में आता है कि पत्नी की सैलरी बढ़ने के बाद पति का व्यवहार थोड़ा बदलने लगता है। बातों में रूखापन, चिड़चिड़ापन और ना दिखाई देने वाला तनाव मन ही मन काफी परेशान करता है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में इस विषय पर दिलचस्प बातें सामने आई हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में-

क्या कहती है स्टडी?

हालिया स्टडी में यह बात सामने आई कि जब पत्नी परिवार में पति से ज्यादा कमाने लगती है, तो कुछ पुरुष मानसिक दबाव या असहजता महसूस कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा हर परिवार में नहीं होता। लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि समाज में आज भी पुरुष को परिवार का मुख्य कमाने वाला मानने की सोच पूरी तरह बदली नहीं है। जिसकी वजह से कुछ पुरुष अपनी भूमिका को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। ऐसे में रिश्तों पर असर होना लाजमी है।  

क्या ज्यादा कमाने वाली महिलाओं पर जिम्मेदारियां कम हो जाती हैं?

Working Indian woman and her husband sharing household responsibilities together.
घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारियां मिलकर निभाने से रिश्ते में संतुलन बना रहता है।

अगर आप यह सोचती हैं कि ज्यादा कमाने पर महिलाओं को घर-परिवार की जिम्मेदारियों से कुछ हद तक राहत मिल सकती है, तो ऐसा नहीं है। कई अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि पत्नी की आय ज्यादा होने के बावजूद घर के कामों और बच्चों की जिम्मेदारी अक्सर उसी के हिस्से में ज्यादा रहती है। यानी ऑफिस में भी पूरी जिम्मेदारी और घर लौटने के बाद भी घर का काम। इसे विशेषज्ञ डबल बर्डन कहते हैं, जो समय के साथ मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ा सकता है।

क्या हर ऐसे रिश्ते में तनाव होना तय है?

Indian husband celebrating his wife's professional success at home.
जब एक की सफलता को दोनों अपनी उपलब्धि मानते हैं, तो रिश्ता और भी मजबूत बनता है।

हाल ही में हुई स्टडी आमतौर पर भारतीय समाज व सोच को उजागर करती है, लेकिन हर रिश्ते में ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसे हजारों परिवार भी हैं, जहां पत्नी-पति से ज्यादा कमाती हैं, फिर भी उनका रिश्ता बेहद खुशहाल है। ऐसे रिश्तों में अक्सर कुछ चीजें देखने को मिलती हैं। मसलन- 

  • एक-दूसरे का सम्मान
  • खुलकर बातचीत
  • घरेलू जिम्मेदारियों का बराबर बंटवारा
  • आर्थिक फैसलों में साझेदारी
  • एक-दूसरे की सफलता पर गर्व करना

जब पति-पत्नी कमाई की तुलना करने की जगह खुद को एक टीम मानते हैं, तो उनका रिश्ता अधिक खुशहाल बनता है। 

अगर आपके घर में भी ऐसा है, तो क्या करें?

अगर आपके घर में भी पत्नी की आय पति से ज्यादा है, तो आपस में तुलना करने के स्थान पर इसे परिवार की उपलब्धि मानें।

घर खर्च व आर्थिक दायित्वों को साझा जिम्मेदारी समझें।

घर के काम आय नहीं, सुविधा के हिसाब से बांटें।

एक-दूसरे की सफलता को खुलकर सेलिब्रेट करें।

किसी भी तरह की असहजता पर खुलकर बातचीत करें।

FAQ

Q.

पत्नी की ज्यादा कमाई से पति असुरक्षित क्यों महसूस करते हैं?

A.

पारंपरिक सामाजिक सोच के कारण पुरुषों को बचपन से 'मुख्य कमाने वाला' (Breadwinner) माना जाता है। जब पत्नी ज्यादा कमाने लगती है, तो पुरुषों को अपनी भूमिका और सामाजिक पहचान को लेकर इनसिक्योरिटी महसूस होने लगती है।

Q.

ज्यादा कमाने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए 'डबल बर्डन' क्या है?

A.

डबल बर्डन का अर्थ है ऑफिस में पूरी लगन से काम करने के बाद घर आकर भी खाना पकाने, सफाई और बच्चों की देखभाल जैसी घरेलू जिम्मेदारियों का पूरा बोझ अकेले उठाना।

Q.

क्या पैसों का अंतर शादीशुदा जिंदगी को नुकसान पहुंचा सकता है?

A.

अगर कपल्स के बीच ईगो (Ego) और कम्युनिकेशन गैप हो, तो पैसों का अंतर तनाव पैदा कर सकता है। लेकिन अगर रिश्ते में आपसी समझ, सम्मान और टीमवर्क हो, तो यह कभी समस्या नहीं बनता।

Q.

शादी में फाइनेंशियल इनसिक्योरिटी से बचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

A.

सबसे अच्छा तरीका एक साझा बजट (Joint Budget) बनाना, पैसों से जुड़े फैसले मिलकर लेना और कमाई के आंकड़ों के आधार पर घर में किसी को छोटा या बड़ा न समझना है।