बच्चा बोला- मुझे बचा लो, बहुत दर्द हो रहा: तीन साल से 'कम्प्लीट प्रोलैप्स' बीमारी, ऑपरेशन के लिए पिता ने सरकार-समाज से मांगी मदद - Panna News

अजयगढ़ तहसील के ग्राम सिंहपुर में 5 वर्षीय मासूम किसन पिछले तीन वर्षों से "कम्प्लीट प्रोलैप्स" (Complete Prolapse) नामक गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। उसकी हालत इतनी गंभीर है कि वह न ठीक से बैठ पाता है और न लेट पाता है, दिन-रात असहनीय दर्द में खड़ा रहने

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बेटे के इलाज के लिए बेबस पिता ने अपनी जमीन और मकान तक बेच दिया है। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी किसन की बीमारी ठीक नहीं हुई और न ही उसका दर्द कम हुआ। अब यह परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है।

शनिवार को माता-पिता मासूम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ पहुंचे। डॉक्टर ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराने और शीघ्र ऑपरेशन कराने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार, अब ऑपरेशन ही इलाज का एकमात्र विकल्प बचा है।

अस्पताल में दर्द से तड़पते मासूम किसन के मुंह से सिर्फ एक ही आवाज निकल रही थी- “मुझे बचा लो... बहुत तेज दर्द हो रहा है।” मासूम की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

100 में से 1 को होती है ये बीमारी

जिला अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रदीप गुप्ता ने बताया कि यह एक बहुत ही रेयर किस्म की बीमारी है, जो 100 में से एक बच्चों को होती है। इसका मुख्य कारण बच्चों के जन्म के बाद से ही उनमें कमजोरी बनी रहना है।

उन्होंने बताया कि उक्त बच्चे की बीमारी के संबंध में जानकारी ली है। बच्चे के सर्जिकल विशेषज्ञ डॉक्टर के ऑपरेशन से ही इस बीमारी का समाधान हो पाएगा। यह बीमारी मेडिसिन से ठीक होने वाली नहीं है।

न राशन कार्ड, न संबल, सरकारी मदद से भी वंचित परिवार

विडंबना यह है कि इस संकट की घड़ी में परिवार के पास कोई सरकारी सहारा भी नहीं है। गरीब पिता के पास न तो संबल कार्ड है, न अंत्योदय कार्ड और न ही गरीबी रेखा (BPL) का राशन कार्ड। इलाज में सब कुछ गंवा चुका यह परिवार अब दाने-दाने को मोहताज है और ऑपरेशन कराने में पूरी तरह असमर्थ है।

पीड़ित परिवार ने सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाजसेवियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि उनके बेटे की जिंदगी बचाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

डॉक्टर की सलाह

अजयगढ़ BMO डॉ. सोभाराम शर्मा ने कहा कि बच्चे की स्थिति काफी गंभीर है। प्राथमिक जांच के बाद उसे उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) में रेफर कर जल्द से जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई है।

अजयगढ़ BMO डॉ. सोभाराम शर्मा।

अजयगढ़ BMO डॉ. सोभाराम शर्मा।

पिता ने क्या बताया?

बच्चे के पिता चुनवाद कोरी ने कहा कि बेटे के इलाज में मकान और जमीन सब बिक गया। अब हमारे पास एक रुपया नहीं बचा। सरकार और समाज से विनती है कि मेरे बच्चे को बचा लीजिए।

बच्चे के पिता चुनवाद कोरी।

बच्चे के पिता चुनवाद कोरी।