'करिश्मा कपूर में एटीट्यूड बहुत ज्यादा था...', शगुफ्ता अली ने कह डाली ऐसी बड़ी बात, मच गई हलचल

Shagufta Ali on Karisma Kapoor: बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस करिश्मा कपूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. हालांकि इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि दिग्गज एक्ट्रेस शगुफ्ता अली का एक इंटरव्यू है. जी हां, हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने 90 के दशक की फिल्मों, करिश्मा कपूर के साथ काम करने के अनुभव और गोविंदा-करिश्मा की सुपरहिट जोड़ी के टूटने को लेकर खुलकर बात की. शगुफ्ता अली के इस इंटरव्यू के कई हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. खासतौर पर करिश्मा कपूर को लेकर दिया गया उनका बयान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.

'हीरो नंबर 1' की शूटिंग का सुनाया किस्सा

सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने 1997 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म 'हीरो नंबर 1' की शूटिंग के दिनों को याद किया. इस फिल्म में गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. शगुफ्ता ने बताया कि उस दौर में करिश्मा कपूर बेहद मेहनती कलाकार थीं और अपने काम को लेकर काफी सीरियस रहती थीं. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि करिश्मा का स्वभाव काफी  एंबिशियस था. उनके मुताबिक, "करिश्मा बहुत ज्यादा एंबिशियस थीं. वो बहुत मेहनती थीं, लेकिन उनका एटीट्यूड भी काफी ज्यादा था." शगुफ्ता का ये बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.

गोविंदा-करिश्मा की जोड़ी क्यों टूटी?

इंटरव्यू के दौरान शगुफ्ता अली से ये भी पूछा गया कि गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट जोड़ी, जिसने 'हीरो नंबर 1', 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'साजन चले ससुराल' और कई और फिल्मों में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, तो वो आखिर समय के साथ क्यों टूट गई? इस सवाल के जवाब में शगुफ्ता ने अपनी राय रखते हुए कहा, "शायद दोनों का इंटरेस्ट खत्म हो गया होगा. प्यार-मोहब्बत खत्म हो गई होगी. हीरोइनों के मूड का भी क्या भरोसा. बहुत ज्यादा एंबिशियस होना भी हमेशा अच्छा नहीं होता." उन्होंने ये भी दोहराया कि करिश्मा बेहद मेहनती थीं, लेकिन उनके अंदर एम्बिशन काफी ज्यादा था. 

90 के दशक की सबसे सफल जोड़ी

एक समय ऐसा था जब गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे सफल ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में गिनी जाती थी. दोनों ने साथ में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और उनकी कॉमिक टाइमिंग, डांस और केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया. हालांकि बाद में दोनों कलाकार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो गए और यह जोड़ी धीरे-धीरे बड़े पर्दे से गायब हो गई.

टीवी इंडस्ट्री में बदलते माहौल पर भी जताई चिंता

करिश्मा कपूर पर बात करने के अलावा शगुफ्ता अली ने मौजूदा टीवी इंडस्ट्री के माहौल पर भी खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि आज के समय में टीवी सेट पर पहले जैसी अनुशासन और प्रोफेशनल कल्चर नहीं रही. उन्होंने कहा, "अब जो टीवी सीरियल बन रहे हैं, उनमें पहले जैसी तमीज-तहजीब नहीं दिखाई देती. अगर आप पुराने कलाकारों से पूछेंगे तो उनमें से ज्यादातर यही बात कहेंगे. ये सिर्फ मेरी शिकायत नहीं  है." शगुफ्ता का मानना है कि पहले कलाकार अपने काम और सीनियर्स का काफी सम्मान करते थे, जबकि अब माहौल काफी बदल चुका है.

'मोबाइल फोन सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन बन गया है'

शगुफ्ता अली ने कहा कि आजकल मोबाइल फोन टीवी सेट पर सबसे बड़ी परेशानी बन गया है. उनके मुताबिक, कलाकार अक्सर शूटिंग के दौरान भी फोन में व्यस्त रहते हैं. सीन की तैयारी और रिहर्सल पर पहले जितना ध्यान नहीं दिया जाता. कई लोग मॉनिटर के पास खड़े होकर सेल्फी लेने या सोशल मीडिया पर ज्यादा फोकस करते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के कलाकार निर्देशक का सम्मान सबसे पहले करते थे और पूरी तैयारी के साथ कैमरे के सामने आते थे.

'पहले काम के प्रति अलग समर्पण था'

शगुफ्ता अली ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय कलाकारों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता अच्छा अभिनय और निर्देशक के निर्देशों का पालन करना होता था. उन्होंने कहा कि चाहे किसी कलाकार की निर्देशक से व्यक्तिगत बनती हो या नहीं, लेकिन सेट पर हमेशा पूरा सम्मान दिया जाता था. यही वजह थी कि उस दौर की फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में एक अलग तरह की गंभीरता और अनुशासन दिखाई देता था.

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