बद्रीनाथ चढ़ावा घोटाला: प्रमोद नौटियाल को कोर्ट से नहीं मिली राहत, भेजा गया जेल
बद्रीनाथ चढ़ावा घोटाला: प्रमोद नौटियाल को कोर्ट से नहीं मिली राहत, भेजा गया जेल
Badrinath Donation Row: जिला न्यायालय ने पुलिस की रिमांड अर्जी और आरोपी की जमानत याचिका दोनों खारिज कर दी हैं. अदालत के आदेश के बाद प्रमोद नौटियाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
Written By : अतुल चौहान | Updated at : 26 Jul 2026 07:26 PM (IST)

बद्रीनाथ धाम (फाइल फोटो )
उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम के चढ़ावा हेराफेरी मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल को अदालत से राहत नहीं मिली है. चमोली जिला न्यायालय ने पुलिस की रिमांड अर्जी और आरोपी की जमानत याचिका दोनों खारिज कर दी हैं. अदालत के आदेश के बाद प्रमोद नौटियाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान एसआईटी ने अदालत से आरोपी को पुलिस रिमांड पर देने की मांग की थी. जांच एजेंसी का कहना था कि मामले से जुड़े कुछ अहम तथ्यों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने के लिए आरोपी से और पूछताछ की जरूरत है. वहीं बचाव पक्ष ने जमानत की मांग करते हुए अदालत में अपना पक्ष रखा.
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अदालत ने दोनों अर्जियां कीं खारिज
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी और प्रमोद नौटियाल की जमानत याचिका, दोनों को खारिज कर दिया. इसके बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए.
चढ़ावा हेराफेरी की जांच में जुटी है SIT
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंपी थी. जांच के दौरान समिति के कर्मचारी रहे प्रमोद नौटियाल की भूमिका सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया. जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है.
कई पहलुओं की हो रही जांच
एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि कथित हेराफेरी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं. इसके अलावा वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पूरे मामले की परतें सामने लाई जा सकें.
आगे क्या होगा?
अदालत से रिमांड और जमानत दोनों अर्जियां खारिज होने के बाद अब मामले की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी. एसआईटी जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
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अतुल चौहान को पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 35 वर्षों का अनुभव है. एबीपी न्यूज़ के साथ 17 सालों से जुड़े हैं और उत्तराखंड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले एएनआई समेत अन्य बड़े संस्थानों से जुड़े रहे हैं. वे कुमाऊं रीजन, उत्तराखंड के ब्यूरो चीफ रहे और क्षेत्रीय पत्रकारिता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतुल चौहान ने तीन दशक से अधिक के पत्रकारिता जीवन में राजनीति, प्रशासन, आपदा, विकास, सामाजिक सरोकार, चुनाव, अपराध और जनहित के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर रिपोर्टिंग की है. मेल आईडी- [email protected]
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Published at : 26 Jul 2026 07:15 PM (IST)
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