कटनी मेडिकल कॉलेज: PPP मॉडल पर विधानसभा में सवाल: विधायक घनघोरिया ने सरकार की मंशा, अनुबंधित संस्था पर उठाए प्रश्न - Katni News

मध्य प्रदेश विधानसभा के वर्तमान सत्र में कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की लंबे समय से चली आ रही मांग का मुद्दा उठा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से कटनी में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) म

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विधायक घनघोरिया ने आरकेडीएफ (RKDF) समूह से जुड़ी पारिवारिक संस्था स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन को पीपीपी मोड का ठेका दिए जाने पर सरकार से प्रश्न किए। उन्होंने पूछा कि क्या इस संस्था से जुड़ी कंपनियों पर एसटीएफ (STF) द्वारा फर्जी मार्कशीट जारी करने के मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

घनघोरिया ने सरकार से यह भी पूछा कि यदि संस्था संदेहास्पद है, तो क्या सरकार इसके साथ किए गए अनुबंध को निरस्त करने पर विचार कर रही है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि ऐसी विवादित पृष्ठभूमि वाली संस्था से मेडिकल कॉलेज का संचालन कराने पर कटनी की आम जनता को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा या यह केवल व्यावसायिक हितों को पूरा करेगी।

विधायक ने सदन को बताया कि कटनी की जनता पीपीपी मॉडल के बजाय पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज चाहती है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर क्षेत्र में जन-आक्रोश व्याप्त है। विधायक द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दिया। सरकार के अनुसार, वर्तमान में उक्त संस्था के विरुद्ध एसटीएफ में कोई जांच प्रक्रियाधीन नहीं है।

सही इलाज न होने की आशंका निराधार

मंत्री शुक्ला ने स्पष्ट किया कि निजी एवं पीपीपी मोड के मेडिकल कॉलेजों से भी आम जनता को स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने कॉलेज में सही इलाज न होने की आशंकाओं को निराधार बताया। राज्य शासन ने वित्तीय संसाधनों के बेहतर और संतुलित उपयोग को ध्यान में रखते हुए पीपीपी मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि पीपीपी मोड की जगह अब शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कोई विचार नहीं है। निर्माण कार्य पहले ही प्रारंभ हो चुका है मंत्री ने दावा किया कि पीपीपी मोड पर बन रहे मेडिकल कॉलेज को लेकर क्षेत्र की जनता में कोई रोष या असंतोष नहीं है।

युवा कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशू।

युवा कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशू।

कांग्रेस बोली- सरकार का जवाब कटनी के साथ छल कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशू ने बताया कि ​विधानसभा में सरकार द्वारा दिए गए इस जवाब पर शुक्रवार को युवा कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशू ने कहा कि कटनी की जनता वर्षों से सरकारी मेडिकल कॉलेज की आस लगाए बैठी थी। कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) और कई सामाजिक संगठनों ने जनता के साथ मिलकर इसके लिए कई बड़े आंदोलन किए।

क्षेत्रीय सांसद वीडी शर्मा और मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने समय-समय पर शासकीय मेडिकल कॉलेज का झूठा आश्वासन देकर जनता को छला है। मिश्रा ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भोपाल में आरकेडीएफ पर फर्जी मार्कशीट बनाने के गंभीर मामले दर्ज हुए थे और स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन उसी से जुड़ी संस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संस्था संदेहास्पद नहीं थी, तो मुख्यमंत्री ने अपने निर्धारित भूमिपूजन कार्यक्रम को अंतिम समय में रद्द क्यों किया था ​आंदोलन की दी चेतावनी ​दिव्यांशु मिश्रा ने चेतावनी दी कि सरकार भले ही जनता के आंदोलनों और जन-भावनाओं को नजरअंदाज कर रही हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी और छात्र संगठन इस मुद्दे को दबने नहीं देंगे। जनता के हक, पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाओं और छात्रहितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक निरंतर संघर्ष जारी रहेगा।