PWD में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू, लेकिन जांच और कोर्ट केस बने रोड़ा; 10 अफसरों में सिर्फ 2 को मिली पदोन्नति

PWD में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू, लेकिन जांच और कोर्ट केस बने रोड़ा; 10 अफसरों में सिर्फ 2 को मिली पदोन्नति

लोक निर्माण विभाग (PWD) में लंबे इंतजार के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू तो हो गई है, लेकिन विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों के चलते कई वरिष्ठ अधिकारियों की राह अब भी मुश्किल बनी हुई है। कार्यपालन यंत्री (EE) से अधीक्षण यंत्री (SE) पद के लिए 10 वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था, लेकिन इनमें से केवल दो अधिकारियों को ही पदोन्नति का लाभ मिल सका।

जानकारी के अनुसार, पदोन्नति समिति की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की समीक्षा की गई। इस दौरान 10 कार्यपालन यंत्रियों के नाम अधीक्षण यंत्री पद के लिए विचाराधीन थे। इनमें से 2 अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया, जबकि 6 अधिकारियों के प्रमोशन लिफाफे बंद रखे गए। वहीं, 2 अधिकारी बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो गए।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन अधिकारियों के लिफाफे बंद रखे गए हैं, उनके खिलाफ विभागीय जांच या न्यायालयीन प्रकरण लंबित हैं। ऐसे मामलों में नियमों के तहत अंतिम निर्णय होने तक पदोन्नति रोक दी जाती है। यही वजह रही कि वरिष्ठता और पात्रता होने के बावजूद कई अधिकारियों को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाया।

PWD में पदोन्नति का मामला लंबे समय से लंबित था। विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी और जिम्मेदार पदों पर रिक्तियों के कारण कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई थी। अब प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों में फंसे कर्मचारियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। यदि जांच में अधिकारी दोषमुक्त पाए जाते हैं तो भविष्य में उनके प्रमोशन पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

वहीं, सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों के मामले में अब पदोन्नति का लाभ मिलना संभव नहीं होगा। इससे उन अधिकारियों में निराशा है, जो लंबे समय तक विभाग में सेवा देने के बाद भी उच्च पद पर पहुंचने से पहले ही रिटायर हो गए।

PWD में पदोन्नति को लेकर अब उन अधिकारियों की नजरें भी अगले चरण की प्रक्रिया पर हैं, जिनके मामले फिलहाल लंबित हैं। विभाग आने वाले समय में अन्य पदों पर भी प्रमोशन प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। हालांकि, जांच और न्यायालयीन मामलों के कारण कई अधिकारियों की पदोन्नति पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

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