Rahul Gandhi Dehradun : देहरादून में फ्लॉप रहा राहुल गांधी का 'युवा संवाद'? महेंद्र भट्ट बोले - 'न खुद कुछ समझे, न युवाओं को समझा पाए' - Doon Horizon

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने भर्ती घोटालों, धार्मिक स्थलों के विवाद और खनन माफिया के मुद्दों पर आंकड़े रखते हुए कांग्रेस को ही सभी समस्याओं की जननी बताया।

देहरादून, 18 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Rahul Gandhi Dehradun Visit : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। हकीकत यह है कि आम कांग्रेसी कार्यकर्ता खुद राहुल गांधी से डरा हुआ है। उनके नाम के साथ एक खास मिथक जुड़ चुका है। यही कांग्रेस के भीतर बेचैनी की असली वजह बनी हुई है।

भट्ट ने कांग्रेस प्रभारी के हालिया आरोपों का सीधा जवाब दिया। राहुल गांधी के देहरादून दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने एक कड़वी सच्चाई सामने रखी। राहुल गांधी की बातें यहां का युवा समझ नहीं पाया। खुद राहुल गांधी भी उत्तराखंड के युवाओं को अपनी बात समझाने में पूरी तरह विफल रहे।

पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश हुई। नतीजा यह रहा कि उनके कार्यक्रम में युवा पहुंचे ही नहीं। जो थोड़े बहुत युवा वहां मौजूद थे, उन्होंने भी जल्दी से वहां से निकल जाने में ही अपनी भलाई समझी।

भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा का रुख एकदम साफ है। जिन भी राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए, वहां पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराई गई हैं। उत्तराखंड का इतिहास देखा जाए तो स्थिति अलग है। दरोगा भर्ती घोटाला हो या पटवारी भर्ती घोटाला, इन सभी अनियमितताओं की जड़ें कांग्रेस के शासनकाल से जुड़ी हैं।

सरकारी विभागों में नौकरियां बेचने का खुला खेल कांग्रेस की सरकार में ही पनपा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन हालातों को देखते हुए सख्त कदम उठाए। राज्य में एक कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया। आज वर्ष 2026 में यह कानून देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन चुका है। दूसरे राज्य भी उत्तराखंड के इस कानून का अनुसरण कर रहे हैं।

कांग्रेस द्वारा धार्मिक स्थलों में अनियमितताओं के लगाए जा रहे आरोप महज एक दिखावा हैं। यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी की सीमा तक सीमित है। बद्रीनाथ धाम में हुई घटना पर त्वरित कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

अयोध्या का मामला भी इसी तर्ज पर निपटाया जा रहा है। वहां गठित एसआईटी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। जिन लोगों ने भगवान राम को काल्पनिक बताया और सनातन धर्म पर सवाल उठाए, वे आज धार्मिक स्थलों की छवि खराब करने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

प्रदेश में माफिया तंत्र को जड़ से खत्म करने का काम जारी है। सरकार ने कड़े कानून और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। कांग्रेस की सरकार में खनन माफिया को सीधा सरकारी संरक्षण मिला हुआ था। आज वही खनन राज्य सरकार के लिए आय का एक मजबूत स्रोत बन चुका है। यह बदलाव माफियाओं पर कसी गई नकेल का सीधा परिणाम है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान द्वारा जारी विज्ञप्ति में कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। कांग्रेस अपने दुष्प्रचार के लिए कितने भी नए हथकंडे अपना ले, जनता उनकी असली नीयत भली-भांति पहचानती है। मतदाता कांग्रेस को फिर से सबक सिखाने को आतुर हैं।