Railway Rules: ट्रेन की चादर या कंबल चुराया तो सीधा जेल? जानिए क्या कहता है रेलवे का कानून
Mon, 24 Aug 2026 10:57 AM IST
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Mon, 24 Aug 2026 10:57 AM IST
सार
Railway Bedsheet: रेलवे की चादर ओढ़े तीन लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि, वीडियो से यह साबित नहीं होता कि चादरें ट्रेन से चोरी की गई थीं। वहीं RTI के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच करीब 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम गायब हुए, जिससे रेलवे को करीब 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
अगर आपने कभी भारतीय रेलवे की AC ट्रेन में सफर किया है तो बेडरोल किट जरूर देखी होगी। सफर के दौरान यात्रियों को चादर, कंबल, तकिया और तौलिया जैसी चीजें दी जाती हैं। अब रेलवे की इन्हीं चादरों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में तीन लोग सफेद चादरें ओढ़े दिखाई दे रहे हैं और इन पर ‘WESTERN RAILWAY’ लिखा नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच सवाल उठने लगे कि आखिर रेलवे की बेडशीट आम लोगों तक कैसे पहुंची। हालांकि, सिर्फ इस वीडियो को देखकर यह दावा करना सही नहीं होगा कि वीडियो में नजर आ रहे लोगों ने ये चादरें ट्रेन से चोरी की थीं।
रेलवे की चादर चोरी करना पड़ेगा भार - फोटो : AI Generated
वीडियो में आखिर क्या दिख रहा है?
वायरल क्लिप में तीन लोग एक दुकान के पास खड़े दिखाई देते हैं। तीनों ने सफेद रंग की बड़ी चादरों को शरीर पर इस तरह लपेट रखा है, जैसे शॉल या कोई दूसरा कपड़ा ओढ़ा हो। खास बात यह है कि इन चादरों पर ‘WESTERN RAILWAY’ लिखा हुआ साफ दिखाई देता है। वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे की बेडशीट के इस्तेमाल और उनके आम लोगों तक पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। लेकिन किसी वीडियो में रेलवे का नाम लिखा दिखना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह सामान चोरी का ही है।
रेलवे की चादर चोरी करना पड़ेगा भार - फोटो : AI Generated
रेलवे की संपत्ति चोरी करने पर क्या होगा?
रेलवे की संपत्ति को चोरी करना या उस पर अवैध कब्जा करना Railway Property एक्ट 1966 के तहत अपराध हो सकता है। पहली बार दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की जेल और 1000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा अपराध करने पर सजा और कड़ी हो सकती है।
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रेलवे की चादर चोरी करना पड़ेगा भार - फोटो : AI Generated
चार साल में करोड़ों का नुकसान
रेलवे के AC कोच से बेडरोल सामान गायब होने को लेकर RTI से मिली जानकारी में भी बड़ी संख्या सामने आई है। जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच AC कोचों से करीब 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम चोरी या गायब होने की जानकारी सामने आई। इससे रेलवे को करीब 104.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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रेलवे की चादर चोरी करना पड़ेगा भार - फोटो : AdobeStock
क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान करीब 46.54 लाख फेस टॉवल, 41.13 लाख बेडशीट, 23.59 लाख पिलो कवर, 12.95 लाख कंबल और 2.76 लाख तकिए गायब हुए। यानी वायरल वीडियो ने भले ही नई बहस छेड़ दी हो, लेकिन रेलवे के बेडरोल सामान के गायब होने के आंकड़े पहले से ही चिंता बढ़ाने वाले हैं।