Rajasthan News: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती में MBC कोटे पर शुरू हुआ विवाद, विजय बैंसला ने की जांच की मांग

Rajasthan News: राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 की चयन प्रक्रिया में MBC यानी मोस्ट बैकवर्ड क्लास (अति पिछड़ा वर्ग) कोटे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से 12 अगस्त 2026 को जारी एक कार्यालय आदेश की सूची सामने आने के बाद सलेक्शन प्रोसेस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस सूची में MBC श्रेणी के तहत कुछ ऐसे अभ्यर्थियों के नाम दर्ज होने का भी दावा किया गया है, जिनकी जातियों को लेकर आपत्ति जताई गई थी. मामले को लेकर गुर्जर नेता विजय बैंसला ने जांच की मांग करते हुए चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

परिवहन विभाग को आवंटित किए गए 169 चयनित अभ्यर्थी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीधी भर्ती-2024 आयोजित की गई थी. सलेक्ट हुए अभ्यर्थियों को प्रशासनिक सुधार विभाग के 8 जुलाई 2026 के आदेश के आधार पर अलग-अलग विभागों में नियुक्ति के लिए आवंटित किया गया था. इसी क्रम में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से 12 अगस्त को कार्यालय आदेश जारी किया गया था. विभागीय आदेश के अनुसार, रिक्त पदों और अभ्यर्थियों की वरीयता के आधार पर गैर-अनुसूचित क्षेत्र के 161 तथा अनुसूचित क्षेत्र के 8 चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रादेशिक और जिला परिवहन कार्यालयों में पदस्थापन दिया गया है. इसी सूची में MBC श्रेणी के कुछ नामों को लेकर विवाद सामने आया हैं.

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रविकान्त सैनी और विमल कुमार शर्मा के नाम पर जताई गई आपत्ति

विवादित सूची में मेरिट नंबर 1158 पर रविकान्त सैनी का नाम दर्ज है. उनके पिता का नाम बुध नारायण सैनी और जन्मतिथि 29 जनवरी 2000 बताई गई है. सूची में उनकी कैटेगरी MBC दर्ज है और पदस्थापन HQ बताया गया है. इसी तरह मेरिट नंबर 1376 पर विमल कुमार शर्मा का नाम है. उनके पिता का नाम जगदीश प्रसाद शर्मा और जन्मतिथि 26 नवंबर 1996 दर्ज है. सूची में उन्हें भी MBC कैटेगरी में दिखाया गया है और RTO भरतपुर (Enforcement) में पदस्थापन दिया गया है.

इन दोनों नामों को लेकर विवाद शुरू हुआ है कि सैनी और शर्मा सरनेम वाले अभ्यर्थियों को MBC श्रेणी में किस नियम या प्रावधान के तहत शामिल किया गया था. हालांकि, सिर्फ सरनेम के आधार पर किसी अभ्यर्थी की आरक्षण पात्रता तय नहीं की जा सकती हैं. अंतिम स्थिति संबंधित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण-पत्र और भर्ती नियमों के अनुसार ही स्पष्ट होगी.

सूची में अन्य अभ्यर्थियों की अलग-अलग कैटेगरी

विभाग की सूची में अन्य चयनित अभ्यर्थियों के नाम भी दर्ज हैं, जिनमें अलग-अलग आरक्षण श्रेणियां दिखाई गई हैं. मेरिट नंबर 647 पर विपिन धाकड़, 753 पर प्रथम सिंह, 780 पर महिपाल सैनी, 878 पर शिव कुमार कटारा, 941 पर कमलेश कुमार शर्मा, 1132 पर पवन ढाका, 1224 पर चिन्दू लाल गुर्जर, 1237 पर फारूक रंगरेज, 1262 पर सुशील खोजा और 1326 पर दिनेश कुमार के नाम शामिल हैं. इसके अलावा विजय कुमार, मणिराज चारण, तरुण सुधार और शरीफ मोहम्मद के नाम भी सूची में दर्ज हैं. इनमें OBC और EWS सहित अलग-अलग कैटेगरी दिखाई गई हैं.

विजय बैंसला ने की जांच और दोबारा दस्तावेज सत्यापन की मांग

गुर्जर नेता विजय बैंसला ने MBC कोटे में शामिल किए गए नामों को लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने सवाल किया कि यदि संबंधित अभ्यर्थी MBC श्रेणी के पात्र नहीं हैं तो उन्हें इस कैटेगरी में चयन का लाभ किस आधार पर दिया गया. बैंसला ने पूरी चयन प्रक्रिया की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर परिणाम रद्द कर पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन कराने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर गलत तरीके से किसी अभ्यर्थी ने MBC आरक्षण का लाभ उठाया है, तो इससे वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दस्तावेजों और कैटेगरी की जांच जरूरी है.

शिकायत मिलने पर जांच का आश्वासन

वहीं, कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन आलोक राज ने कहा है कि फिलहाल इस मामले में बोर्ड के पास कोई शिकायत नहीं पहुंची है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी. अब इस पूरे विवाद में अगला कदम शिकायत और दस्तावेजों की जांच पर निर्भर करेगा. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित अभ्यर्थियों को MBC श्रेणी में शामिल करने का आधार क्या था और क्या चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है.

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