'हर स्टूडेंट को...', Rakul Singh ने किया छात्रों का समर्थन, पोस्ट में कही ये बात

Rakul Singh Supports Students: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन को सितारों ने सपोर्ट किया है. कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपना-अपना रिएक्शन दिया है. इस बीच अब रकुल प्रीत सिंह ने भी इस पर अपना पक्ष रखा है और छात्रों को सपोर्ट किया है. आइए जानते हैं कि इस मामले पर रकुल का क्या कहना है?

रकुल ने शेयर किया पोस्ट

दरअसल, रकुल प्रीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है. इस पोस्ट में रकुल ने लिखा है कि हर स्टूडेंट को यह जानने का हक है कि उनकी मेहनत और उनके सपने मायने रखते हैं. जब युवा आवाजें मिलकर निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग करती हैं, तो उनकी बात को सहानुभूति और सम्मान मिलना चाहिए.

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क्या बोलीं रकुल?

रकुल ने आगे लिखा कि मुझे उम्मीद है कि एक निष्पक्ष और रचनात्मक बातचीत होगी, जिससे इसमें शामिल सभी लोगों का भरोसा बढ़ेगा. मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे देश के संस्थान उनकी बात सुनेंगे, सार्थक बातचीत करेंगे और इन स्टूडेंट्स को वे जवाब दिलाने की दिशा में काम करेंगे, जिनके वे हकदार हैं, जय हिंद.

कमल हासन ने भी किया सपोर्ट

ना सिर्फ रकुल प्रीत सिंह बल्कि रकुल के पहले कई सेलेब्स ने छात्रों का समर्थन किया है. इसके अलावा अभिनेता कमल हासन ने भी अपने एक्स अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) से पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा है कि हमें इंतजार नहीं करना चाहिए था, जब एक बच्चा रोया था तभी हमें उसकी बात सुन लेनी चाहिए थी.

We should have listened when one child cried.

Instead, we waited until far too many of our children died.

A system where coaching replaces learning, anxiety replaces curiosity, and criminality replaces merit is rotten.

A nation has failed when its children are met with…

— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) July 23, 2026

आर माधवन का पोस्ट

इसके अलावा आर माधवन ने भी इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर करते हुए समर्थन जाताया है. उन्होंने लिखा है कि शिक्षा में देश का भविष्य बदलने की ताकत होती है. हर स्टूडेंट ऐसी व्यवस्था का हकदार है, जो निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता पर आधारित हो. युवाओं की क्षमता में विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में आज मैं सभी छात्रों और अभिभावकों की चिंता और निराशा को समझता हूं. शिक्षा व्यवस्था को लोगों में विश्वास, निष्पक्षता और अवसर की भावना पैदा करनी चाहिए.

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