Ranchi Student Protest : रांची में छात्र आंदोलन पर दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा, पेपर लीक विवाद पर गतिरोध बरकरार - Haribhoomi
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। शनिवार को सरकार और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही, जिसके बाद कल दोपहर 12 बजे दोबारा बैठक बुलाई गई है।
मंत्री संजय यादव ने बताया कि रविवार दोपहर 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक और दौर होगा।
- Published: 08 Aug 2026, 09:47 PM IST
- Last Updated: 08 Aug 2026, 09:47 PM IST
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले को शांत करने और प्रदर्शनकारियों के साथ जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार की ओर से लगातार बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में शनिवार को राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्रियों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता आयोजित की गई। हालांकि, विस्तृत चर्चा के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी और यह बैठक भी पूरी तरह से बेनतीजा साबित हुई।
पुरानी और प्रमुख मांगों पर अड़े छात्र प्रतिनिधि, सरकार का आश्वासन रहा बेअसर
वार्ता के दौरान सरकार की ओर से आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराने और बीच का रास्ता निकालने की पुरजोर कोशिश की गई। प्रशासनिक व सरकारी प्रतिनिधियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी छात्र अपनी पुरानी और प्रमुख मांगों पर पूरी तरह अड़े रहे। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। सरकार की दलीलें और आश्वासन छात्रों को संतुष्ट करने में पूरी तरह नाकाम रहे, जिसके चलते दूसरे दौर की बातचीत भी बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।
मंत्री संजय यादव ने दी जानकारी, कल दोपहर 12 बजे फिर बुलाई गई बैठक
बातचीत बेनतीजा रहने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री संजय यादव ने जानकारी दी कि बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का एक और दौर होगा।
इस अगली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि सरकार इस बार छात्रों के गुस्से को शांत करने और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कराने के लिए कुछ नए विकल्पों पर विचार कर सकती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का बड़ा सवाल
रांची में शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
यही वजह है कि छात्र इस बार बिना किसी ठोस समाधान के पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कल दोपहर होने वाली बैठक के रुख से ही यह साफ हो पाएगा कि राज्य सरकार छात्रों का भरोसा जीतने में सफल हो पाती है या आंदोलन और गहराएगा।