फर्जी ट्रस्ट डीड से RBL बैंक में खुलवाए खाते: डॉक्टर दंपती पर कोर्ट के आदेश पर मुकदमा, जांच में जुटी पुलिस - Lucknow News

लखनऊ में आरबीएल बैंक की इंदिरानगर शाखा के ब्रांच मैनेजर मलय मोहन ने डॉक्टर दंपती पर फर्जी ट्रस्ट डीड के जरिए बैंक खाते खुलवाने, रुपए के लेनदेन में गड़बड़ी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मैनेजर ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई

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ब्रांच मैनेजर मयल मोहन ने पुलिस से की शिकायत में बताया कि साल 2022 में हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट की संस्थाओं हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, सफेदाबाद (बाराबंकी) और हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अटरिया (सीतापुर) के नाम से आरबीएल बैंक की इंदिरानगर ब्रांच में खाते खोले गए थे। खाते खोलते समय डॉ. अमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी ऋचा मिश्रा ने खुद को ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए ट्रस्ट डीड और अन्य केवाईसी दस्तावेज जमा किए थे।

जांच में ट्रस्ट डीड फर्जी होने का दावा

बैंक मैनेजर का आरोप है कि मार्च 2026 में कैसरबाग थाने में दर्ज गबन के मुकदमें की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने ट्रस्ट के खातों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद बैंक ने सभी खातों को 'नो-डेबिट' कर दिया।

बाद में ट्रस्ट की मूल डीड का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि बैंक में जमा कराई गई ट्रस्ट डीड कूटरचित थी। मूल ट्रस्ट डीड में सात ट्रस्टी थे, जबकि बैंक में जमा दस्तावेज में केवल डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा को ही ट्रस्टी दिखाया गया था।

फोन पर जान से मारने की धमकी का आरोप

मलय मोहन का कहना है कि खातों पर रोक लगाए जाने से नाराज डॉ. अमोद कुमार सचान ने 17 मार्च की रात फोन कर खाते तुरंत चालू करने का दबाव बनाया। बैंक की असमर्थता जताने पर उन्होंने अपशब्द कहे और परिवार सहित जान से मारने, लखनऊ में न रहने देने तथा नौकरी नहीं करने देने की धमकी दी। साक्ष्य के लिए बैंक मैनेजर के पास बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

मलय मोहन का कहना है कि उन्होंने गाजीपुर थाने और बाद में पुलिस आयुक्त को भी लिखित शिकायत भेजी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। जिसके आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ।

94 करोड़ तक घोटाले की जानकारी

हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज फाउंडर ट्रस्टी बृज किशोर सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने बताया कि हम लोग को जब जानकारी हुई बैंक के खातों में कुछ गड़बड़ी चल रही है। इस पर बैंक में जाकर पता किया तो मालूम हुआ कि हमारी ओरिजनल डीड फोर्ज करके एक नकली डीड तैयार की गई।

जिसमें सिर्फ डॉ. अमोद कुमार सचान और ऋचा मिश्रा हैं, उसी के द्वारा सारे बैंक का संचालन हो रहा है। इस तरह कॉलेज का बहुत सारा पैसा अर्नगल व पर्सल चीजों में खर्च किया गया है। पुलिस ने जो कोर्ट में लिखकर दिया है, उसमें 94 करोड़ तक की फ्रॉड की जानकारी मिली है।

लेकिन ये मामला 600 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। फ्रॉड के बाद से कोई संपर्क नहीं किया। बस दावा करते हैं कि कॉलेज उनका है। कैसरबाग पुलिस ने सारे साक्ष्य जुटा लिए हैं। अब पता नहीं कार्रवाई में देर क्यों हो रही है।

मामले में थाना प्रभारी गाजीपुर का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।