रांची विवि में शोध व नवाचार को मिलेगी नई दिशा, Research Fellowship और Seed Money की पहल
Ranchi : रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की पहल पर विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार को नई दिशा देने के उद्देश्य से शनिवार को एक महत्वपूर्ण अकादमिक विमर्श आयोजित किया गया. विमर्श का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और Sustainable Development Goals (SDGs) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, प्रासंगिक एवं प्रभावी शोध को बढ़ावा देना और विश्वविद्यालय में मजबूत Research Ecosystem विकसित करना रहा.


कार्यक्रम की अध्यक्षता DSPMU, रांची के कुलपति एवं Research Promotion and Development Committee (RPDC) के चेयरमैन प्रो. राजीव मनोहर ने की. बैठक की शुरुआत में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने विश्वविद्यालय में Research Fellowship शुरू किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फैकल्टी सदस्यों को शोध एवं परियोजनाओं के शुरुआती चरण में प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही Seed Money उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही विश्वविद्यालय के Incubation Centre को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने पर भी जोर दिया गया.
प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि शोध को केवल अकादमिक प्रकाशनों तक सीमित न रखते हुए समाज, पर्यावरण, उद्योग और स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ना जरूरी है. विश्वविद्यालय में SDGs के अनुरूप व्यापक सामाजिक प्रभाव वाले शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा. उन्होंने NEP-2020 की भावना के अनुरूप multidisciplinary, interdisciplinary और collaborative research को विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया.
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. राजीव मनोहर ने शोध परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न funding opportunities की जानकारी दी. उन्होंने फैकल्टी सदस्यों से UGC सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय funding agencies की वेबसाइट और पोर्टल नियमित रूप से देखने और Calls for Proposals के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण project proposals तैयार करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि वर्तमान शोध परिदृश्य में ऐसे Interdisciplinary एवं Collaborative Projects की जरूरत है, जिनमें विभिन्न विषयों, विभागों और संस्थानों की विशेषज्ञता को एक साथ लाया जा सके. उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध सहयोग विकसित करने और शोध को व्यापक अकादमिक नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
RPDC के विशेषज्ञ सदस्यों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध परियोजनाएं प्राप्त करने के अपने अनुभव साझा किए. इनमें हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर, उत्तराखंड की प्रो. सीमा धवन, C.O.E., D.S.E.U. के प्रो. राजेश कुमार और G.G.S.I.P. यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट प्रोफेसर डॉ. विजिता सिंह अग्रवाल शामिल रहीं. रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आर. के. शर्मा RPDC के कन्वेनर के रूप में उपस्थित रहे.
विशेषज्ञों ने project idea development, उपयुक्त funding agency की पहचान, proposal writing, national एवं international collaboration, budgeting और project outcomes को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी शोध परिवेश में नवीन विचार, स्पष्ट objectives, measurable outcomes, interdisciplinary approach और मजबूत collaboration सफल परियोजना प्रस्ताव की प्रमुख आधारशिलाएं हैं.
बैठक में विश्वविद्यालय के सभी डीन, विभागाध्यक्ष एवं विभिन्न विषयों के शिक्षक उपस्थित रहे. शिक्षकों ने project funding से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं और व्यावहारिक चुनौतियां विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया.
विमर्श में Quality Research, Innovation, Consultancy, Industry-Academia Collaboration, Interdisciplinary Research और Technology Transfer को बढ़ावा देने के साथ शोध को SDGs और स्थानीय एवं राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई.
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय एक सशक्त, जीवंत और innovation-driven research ecosystem विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसका उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अपने विचारों को गुणवत्तापूर्ण शोध परियोजनाओं में बदलने के लिए आवश्यक अवसर और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना है.
उन्होंने विश्वास जताया कि Faculty Research Fellowship, Seed Money, सुदृढ़ Incubation Centre और RPDC के विशेषज्ञ मार्गदर्शन से रांची विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को नई गति मिलेगी और विश्वविद्यालय NEP-2020 और SDGs के अनुरूप impactful एवं socially relevant research के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
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