दिल्ली से पटना लौटते ही RJD प्रदेश कार्यालय पहुंचे तेजस्वी यादव, पार्टी नेताओं के साथ की अहम बैठक
Bihar Politics: दिल्ली से पटना लौटते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हाईलेवल बैठक शुरू की। बैठक करीब एक घंटे से जारी है।
बैठक में आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगली लाल मंडल, राज्यसभा सांसद संजय यादव, मनोज झा, विधायक आलोक मेहता, एमएलसी सुनील सिंह, भोला यादव और भाई वीरेंद्र समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। तेजस्वी यादव के पटना लौटने के तुरंत बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ इस बैठक को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
उधर, आरक्षण को लेकर मांझी और चिराग पासवान के बीच मचे सियासी घमासान को लेकर तेजस्वी ने हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, "गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज!
दो केंद्रीय मंत्री श्री जीतनराम मांझी और चिराग पासवान 𝐑𝐒𝐒 के निर्देश पर विपरीत दिशाओं में बात कर 𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 के आरक्षण खत्म करने के मूल उद्देश्य से ध्यान भटका आरक्षण सर्मथक जनभावना का आंकलन करना चाहते है। जिनका खुद का स्वतंत्र वजूद नहीं होता वो ऐसे ही 𝐁𝐮𝐧𝐜𝐡 𝐨𝐟 𝐓𝐡𝐨𝐮𝐠𝐡𝐭𝐬 मानने वालों के निर्देशन में अभिनय करते है।
सर्वप्रथम तो आरक्षित कोटे से जीते ये मंत्री संविधान और आरक्षण विरोधियों की गोद में बैठ सत्ता का चरम सुख प्राप्त कर रहे है। इन्हें समाज और वैचारिकी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आरक्षण से इन दोनों को सख़्त नफ़रत है तो ग़ैर आरक्षित सीटों से चुनाव लड़कर देख लें, ज्ञान चक्षु खुल जायेंगे।
आरक्षण विरोधी बीजेपी के साथ रहते श्री नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जी की पार्टियों की क्या स्पष्ट विचारधारा है, यह कोई नहीं जानता?
अगर ये पार्टियां आरक्षण समर्थक है तो हमारी सरकार में बिहार में बढ़ाई गयी 𝟔𝟓 % आरक्षण सीमा को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल क्यों नहीं कराते? ये घोर अवसरवादी और सुविधाभोगी नेता आरक्षण बढ़वायेंगे नहीं, विचारधारा की राजनीति करेंगे नहीं केवल और केवल मंत्री पद, सुरक्षा और बंगला प्राप्त करने के लिए येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहेंगे।
मोहन भागवत ने भी पहले आरक्षण समीक्षा की बात की थी, बिहार ने कान पकड़ कर अच्छे से उठक-बैठक करवा दी थी। अब फिर करेंगे तो बिहारी लोग 𝐑𝐒𝐒/𝐁𝐉𝐏 का मुर्गा बना देगा।"