रंगदारी मामले में जेल में बंद हैं RJD नेता: स्पेशल पब्लिक प्रोस्क्यूटर की होगी नियुक्ति, महाधिवक्ता बोले- रीतलाल मामले में गवाह ही नहीं आते थे - Bihar News

आरजेडी नेता दानापुर के पूर्व विधायक रीतालाल यादव इन दिनों रंगदारी के मामले में जेल में हैं। अन्य कई मामले उन पर हैं। उनके बाहुबल की कई कहानियां हैं। अब रीतलाल यादव पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

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यह जानकारी राज्य सरकार के महाधिवक्ता एस.डी संजय ने दी है। उन्होंने कहा, रीतलाल यादव पर कई मुकदमे हैं, उनके मुकदमे में गवाह ही नहीं आते थे, इससे सरकार के सारे मुकदमे फेल हो जाते थे।

इसलिए सरकार ने स्पेशल पब्लिक प्रोस्क्यूटर सिविल कोर्ट के क्रिमिनल लॉयर राम विनय सिंह के नाम का रेकमेंडेशन नियुक्ति के लिए किया था। सरकार ने उसे ओके कर दिया है। कई अच्छे वकीलों की नियुक्ति सरकार ऐसे ही और मामलों के लिए करने जा रही है।

200 पदों पर एपीपी और 50 पद पर सीनियर एपीपी की बहाली

एसडी संजय ने कहा, 200 पदों पर एपपी और 50 पद पर सीनियर एपीपी की बहाली प्रक्रिया में है। जो लोग छूट गए हैं अप्लाई कर दें, एक सप्ताह का समय और दिया जा रहा है। जो बचे हुए जिले हैं वहां भी बहाली होगी। कई जिलों में अलग-अलग अपराधों के लिए स्पेशल पीपी की नियुक्ति होनी है। नाम आए हुए हैं। जरूरत पड़ी तो फिर से नाम मंगवाएंगे।

11 साल बाद सरकारी वकील बदले

एस.डी संजय ने कहा,11 साल से बिहार में सरकारी वकीलों का बदलाव नहीं हुआ था। हमारा स्ट्रेंथ 55-56 था जो अब बढ़ कर 125 तक आ गया। नियुक्ति में काफी अड़चनें थीं। 2020 के बाद से प्रयास चल रहा था पर लेकिन असफल था। 2023 में रुल भी बन गया था।

मैंने आने के बाद 119 लॉ अफसर बहाल किए जिसमें 16 एडिशनल एडवोकेट जनरल, 23 गवर्नमेंट एडवोकेट, 40 स्टैंडिग काउंसिल और 40 जीपी यानी गवर्नमेंट प्लीडर हैं। उनकी नियुक्ति सरकार के द्वारा कर दी गई है। मैं सेलेक्शन कमिटी का चेयरमैन हूं, मैंने अनुसंशा की थी।

अब जूनियर काउंसिल की प्रक्रिया चल रही है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने 9 लोगों को नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट में एएजी के रुप में ऐश्वर्य सिन्हा और केशव रंजन, स्डैंडिंग काउंसिल के रूप में अक्षत अमृतांशु औऱ ऋषि कुमार अवस्था के अलावा पांच एएससी अदिती त्रिपीठी, अजमत हयात अमानुल्लाह, पुर्णेन्दु वाजपेयी, अमित चौधरी और नवीन कुमार बहाल किए गए हैं। अभी और भी नई नियुक्तियां होनी है नया विज्ञापन भी इसके लिए आ रहा है।

वकीलों को स्टाइपेंड के लिए स्क्रूटनी जारी

एस.डी संजय ने कहा, 30 करोड़ रुपए अधिवक्ताओं के हित के लिए आए थे और बैंक में जमा थे। मुझे बताया गया कि यह बैंक में रहेगा और स्टाइपेंड स्कीम में खर्च नहीं किया जा सकता। मैंने कहा कि क्यों नहीं स्टाइपेंड स्कीम में खर्च किया जा सकता? जब सरकार ने यह वादा किया है कि 1 जनवरी 2024 के बाद जिन अधिवक्ताओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है उन्हें पांच हजार रुपए देंगे तो हम इस पैसे से क्यों नहीं दे सकते!

ने कहा, एस.डी संजय वकीलों को स्टाइपेंड के लिए स्क्रूटनी जारी है।

ने कहा, एस.डी संजय वकीलों को स्टाइपेंड के लिए स्क्रूटनी जारी है।

आगे कहा, पैसा बैंक में रखना और स्टाइपेंड नहीं देना उचित नहीं था। हमने फैसला लिया और जून में प्रस्ताव पास किया। अब आवेदनों की स्क्रूटनी की जा रही है। जिन लोगों ने एक जनवरी 2024 के बाद रजिस्टेशन कराया है उन्हें 5 हजार रुपए देंगे। लेकिन इसका कैरिटेरिया है। जो संपन्न हैं उन्हें लाभ नहीं मिलेगा, रिटायर कर चुके एडवोकेट को भी नहीं मिलेगा।

योग्य एडवोकेट को लाभ मिलेगा। 70 से 80 की स्क्रूटनी हो चुकी है। जिस दिन यह संख्या 100 हो जाएगी उन्हें 5-5 हजार का चेक देंगे। मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री से इसके लिए समय लेंगे।