एक्ट्रेस पर RPF अफसर पर ब्लेड से हमले का आरोप: स्लीपर टिकट पर एसी कोच में बैठी थीं अंतरा बनर्जी

6 घंटे पहले

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मॉडल अंतरा बनर्जी को अरावली एक्सप्रेस में आरपीएफ (RPF) कर्मचारी पर हमले के आरोप में हिरासत में लिया गया।

उन पर आरोप है कि स्लीपर क्लास का टिकट होने के बाद भी वे सूरत जाने के लिए रिजर्व्ड एसी कोच में बैठ गई थीं। सीट को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने रेजर ब्लेड से आरपीएफ जवान पर हमला कर दिया।

मामला 12 अगस्त का है। रीवली जीआरपी (GRP) ने 13 अगस्त को FIR दर्ज करने के बाद उन्हें नोटिस देकर जमानत पर रिहा कर दिया।

एसी कोच में बैठी थीं, सीट छोड़ने से इनकार किया पुलिस के मुताबिक, अंतरा बनर्जी एक शूट के सिलसिले में सूरत जा रही थीं। उनके पास स्लीपर क्लास का टिकट था, लेकिन वे एसी कोच की रिजर्व्ड सीट पर जाकर बैठ गईं। यह घटना 12 अगस्त की रात बोरीवली और दहानू स्टेशन के बीच रात लगभग 9:30 बजे से 10:50 बजे के बीच हुई।

जब एक यात्री ने उनसे रिजर्व्ड सीट खाली करने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद यात्री ने टिकट कलेक्टर हरिकेश त्रिपाठी और आरपीएफ को मामले की सूचना दी।

एक्ट्रेस अंतरा बनर्जी।

एक्ट्रेस अंतरा बनर्जी।

आरपीएफ अफसर पर ब्लेड से हमला किया, कपड़े उतारे आरपीएफ के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर यामिनीकांत मिश्रा ने शिकायत में बताया कि वे और कॉन्स्टेबल राजेश कुमार विवाद सुलझाने पहुंचे थे। आरोप है कि अंतरा बनर्जी ने अधिकारियों के साथ बदसलूकी की और हिंसक हो गईं।

इसके बाद उन्होंने हाथ में रेजर ब्लेड लहराया और एएसआई मिश्रा के साथ-साथ खुद को भी घायल कर लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारी की यूनिफॉर्म और मोबाइल फोन को भी नुकसान पहुंचाया।

कांच तोड़ने की कोशिश की, दहानू स्टेशन पर ट्रेन से उतारा घटना के दौरान कोच में मौजूद यात्री डर गए। हालात बिगड़ते देख आरपीएफ कर्मचारियों ने एसी कोच के दरवाजे बंद कर दिए। ट्रेन से बाहर निकलने के लिए अंतरा ने खिड़की का शीशा तोड़ने का भी प्रयास किया।

यह पूरा हंगामा करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चला। इसके बाद दहानू रेलवे स्टेशन पर उन्हें ट्रेन से उतारकर सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया।

नोटिस देकर जमानत पर रिहा अगली सुबह बोरीवली जीआरपी ने अंतरा को कस्टडी में ले लिया। बोरीवली जीआरपी इंस्पेक्टर कुंडा गावड़े के अनुसार, चश्मदीदों ने बताया कि एसी कोच का टिकट न मिलने के कारण वे मानसिक तनाव में हो सकती हैं। पूछताछ के दौरान अंतरा ने अपने वकील या परिजनों से संपर्क करने से इनकार कर दिया और खुद को गिरफ्तार करने की मांग की।

पुलिस ने 13 अगस्त को सुरक्षा खतरे में डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और बदसलूकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद वे शांत हुईं और बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत नोटिस देकर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

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