RSS में महिला विंग अलग है, मुख्य संगठन में महिलाएं क्यों नहीं? जानें क्या बोले मोहन भागवत

RSS में महिला विंग अलग है, मुख्य संगठन में महिलाएं क्यों नहीं? जानें क्या बोले मोहन भागवत

RSS प्रमुख मोहन भागवतImage Credit source: TV9

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-Alpha के साथ संवाद किया. इस दौरान महिलाओं की RSS में भूमिका पर पूछे गए सवाल पर भागवत ने कहा कि संघ ने महिलाओं के लिए अलग विंग बनाया है. अगर एपेक्स बॉडी की बात करें, तो वे फील्ड में काम करती हैं और उनके विचार माने जाते हैं.

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ के सभी प्रोजेक्ट्स में महिलाएं बराबरी के साथ आगे बढ़ रही हैं. मुख्य संगठन के बारे में उन्होंने बताया कि महिलाएं जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और उनकी राय को पूरा महत्व दिया जाता है. उन पर बकाएदा विचार विमर्श किया जाता है.

महिलाओं के लिए समान अधिकारों और नेतृत्व के मौकों के समर्थन में वैश्विक नजरिए पर भी उन्होंने बात की. संघ प्रमुख ने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व की पूरी क्षमता है और उन्हें समान अधिकार मिलने चाहिए. RSS चीफ ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बारे में सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में यह तय है कि उन्हें आगे आना चाहिए.

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हर व्यक्ति का अपना अलग नजरिया

Gen-Z और Gen-Alpha के साथ संवाद के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि हमारी धार्मिक ग्रंथों पर चर्चा की परंपरा रही है. इस परंपरा में सिर्फ तर्क-वितर्क ही नहीं, बल्कि विरोधी विचार रखना और तर्कपूर्ण जवाब देना की प्रक्रिया भी शामिल है. हम हर पहलू की जांच करते हैं और मानते हैं कि हर व्यक्ति का अपना अलग नजरिया होता है. इसी प्रक्रिया से नए आयाम सामने आते हैं.

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बाबासाहेब ने बताया, अपनी बात कैसे रखनी

उन्होंने कहा कि किसी विषय की पूरी समझ तभी बनती है जब अलग-अलग राय, यहां तक ​​कि बिल्कुल उल्टी राय भी सामने लाई जाएं. इसलिए, मैं यह नहीं कहूंगा कि लोगों को विरोध-प्रदर्शन नहीं करना चाहिए. लोकतंत्र में ऐसे आंदोलनों को चलाने के तय तरीके और साधन होते हैं. हमें संविधान का पालन करना चाहिए. संविधान के निर्माता डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के भाषणों को पढ़ने से साफ पता चलता है कि लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात कैसे रखनी चाहिए.

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मोहम्मद जुनेद अख्तर

मोहम्मद जुनेद अख्तर

मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं. करियर की शुरुआत साल 2013 में 'अमर उजाला' गाजियाबाद से की थी. यहां इन्होंने करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया. फरवरी 2014 में नवोदय टाइम्स अखबार से जुड़ गए और गाजियाबाद में ही रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर की. करीब एक साल बाद 2015 में गाजियाबाद से दिल्ली ट्रांसफर हो गया. दिल्ली में अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए. अगस्त 2016 में दिल्ली से नोएडा ट्रांसफर हो गया. नोएडा में क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम किया. इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला. 2024 में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. इस दौरान 'उत्तर प्रदेश टाइम्स' की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया. जनवरी 2025 में न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया. यहां जुनेद अख्तर ने बतौर सब एडिटर काम किया और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर काम किया. सितम्बर 2025 से TV9 भारतवर्ष की वेबसाइट में सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़े.

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