'उन्हें लगता है कि वो RSS से बड़े हैं, मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए', CJP नेता अभिजीत दिपके का बीजेपी पर हमला - cjp abhijit dipke slams bjp listen to rss chief mohan bhagwat
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह RSS से भी बड़ी हो गई है और उसे मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए।

CJP नेता दिपके ने भाजपा को RSS प्रमुख की बात सुनने को कहा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने रविवार को BJP से RSS प्रमुख मोहन भागवत की बात सुनने को कहा। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर आरोप लगाया कि उसे लगता है कि वह संगठन से भी बड़ी हो गई है।
दिपके का यह बयान तब आया जब न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि जो हिंदू यह मानता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए, उसे हिंदू नहीं माना जा सकता।
'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल गलत: दिपके
दिपके ने विरोध कर रहे 'जेन जी' के लिए 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की। दिपके ने कहा, 'मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि BJP को मोहन भागवत की बात सुननी चाहिए। 12 साल तक सत्ता में रहने और कई एजेंसियों के कंट्रोल में होने के बाद, BJP को लगता है कि वह RSS से भी बड़ी हो गई है।'
दिपके ने कहा कि मोहन भागवत ने पहले ही विरोध कर रहे जेन जी युवाओं को 'राष्ट्र-विरोधी' कहने के खिलाफ चेतावनी दी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया। दिपके ने कहा, 'पीएम एक नया शब्द लेकर आए - 'दिमागी नक्सल'। इससे साफ पता चलता है कि पीएम मोहन भागवत की बात नहीं सुन रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि जहां RSS प्रमुख सबको साथ लेकर चलने और बच्चों का सम्मान करने की बात करते हैं, वहीं प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल सही नहीं लगता।'
मोहन भागवत की बात मनानी चाहिए: दिपके
दिपके ने कहा, 'उन्हें कम से कम मोहन भागवत की बात तो सुननी चाहिए जो उनके मार्गदर्शक हैं। वे (बीजेपी) आरएसएस की वजह से ही सत्ता में हैं।' CJP प्रमुख ने उन सुझावों को भी खारिज कर दिया कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के बारे में टिप्पणियों से पता चलता है कि उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं थीं। एक यूट्यूब चैनल के साथ वांगचुक के इंटरव्यू के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए डिपके ने कहा कि वांगचुक की बातों को गलत तरीके से पेश किया गया।
दिपके ने कहा, 'उनसे पूछा गया था कि क्या सौरव दास और आशुतोष रंका की कोई महत्वाकांक्षा है? वांगचुक ने कहा कि हम प्रतिभाशाली और अच्छे नेता हैं और अब तक भ्रष्ट नहीं हुए हैं। हमने ईमानदारी से आंदोलन चलाया है।' उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने हमारे बारे में अच्छी बातें कही हैं।'
न्यूयॉर्क में भागवत ने क्या कहा?
न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि अलग-अलग धर्म अलग-अलग रास्ते अपना सकते हैं, लेकिन मानवता और सच्चाई एक ही है। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा, 'हम ऐसे समाज से आते हैं जो मानता है कि मानवता एक है। अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं है।'
संघ प्रमुख ने कहा, 'अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही मंजिल की ओर ले जाते हैं। और हर इंसान की अपनी गरिमा होती है। इंसानों के बीच कोई अंतर नहीं है।' भागवत ने एकता बनाए रखते हुए विविधता की रक्षा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
'मैं कोई धर्म-विद्वान या आप जैसा कोई धार्मिक अधिकारी नहीं हूं, लेकिन मैं ऐसे समाज में काम कर रहा हूं जो पारंपरिक रूप से कहता है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है।'
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