Rudraksha Niyam: हाथ में रुद्राक्ष पहनते हैं तो इन चीजों से रहें दूर...छोटी सी भूल पड़ सकती है भारी!
Rudraksha Wearing Rules: रुद्राक्ष को हिंदू धर्म में भगवान शिव से जुड़ा बेहद पवित्र माना गया है. शिव भक्त इसे माला या आभूषण के रूप में धारण करते हैं. खासतौर पर हाथ या कलाई में रुद्राक्ष पहनने की परंपरा भी है. मान्यता है कि इसे धारण करने से व्यक्ति को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है. हालांकि, रुद्राक्ष धारण करने को लेकर कुछ विशेष नियम और सावधानियां भी बताई गई हैं. मान्यता के अनुसार, इसे पहनने वाले व्यक्ति को कुछ चीजों से दूरी बनानी चाहिए और रुद्राक्ष की पवित्रता का भी ध्यान रखना चाहिए. ऐसे में अगर आप हाथ या कलाई में रुद्राक्ष पहनते हैं, तो जान लें इससे जुड़े नियम.
रुद्राक्ष क्या है?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ‘रुद्राक्ष’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘रुद्र’ (भगवान शिव का नाम) और ‘अक्ष’ (आंसू). ऐसा माना जाता है कि संसार के कल्याण के लिए भगवान शिव के नेत्रों से गिरे आंसुओं से ही रुद्राक्ष के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी. इसलिए इसे शिव का सीधा प्रसाद और स्वरूप माना गया है. रुद्राक्ष भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. शिव भक्त इसे अपनी माला या आभूषण के रूप में धारण करते हैं. मान्यता है इसे धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
रुद्राक्ष पहनने के फायदे
रुद्राक्ष पहनने से मन शांत रहता है, तनाव कम होता है, और शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है. ये नेगेटिव एनर्जी से बचाव करता है, ध्यान और एकाग्रता बढ़ाता है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.
रुद्राक्ष पहनने के नियम
हाथ या कलाई में रुद्राक्ष धारण करने के लिए कुछ विशेष नियम और सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है, जिन्हें ध्यान में रखकर ही शुभ फल प्राप्त किया जा सकता है.
- रुद्राक्ष हमेशा सोमवार, शिवरात्रि या किसी शुभ दिन शिव जी का ध्यान करके पहनें.
- रुद्राक्ष को हमेशा लाल, पीले, सफेद धागे या चांदी/सोने की धातु में ही पिरोकर पहनें. काले धागे के इस्तेमाल बचें.
- कलाई में आमतौर पर 12 या अपनी जरूरत के अनुसार मनके पहने जाते हैं.
- शौच या स्नानागार (बाथरूम) जाने से पहले हाथ का रुद्राक्ष उतार देना चाहिए.
- किसी की मृत्यु या श्मशान यात्रा में जाते समय रुद्राक्ष उतारकर सुरक्षित स्थान पर रख दें.
- रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस, मदिरा और तामसिक भोजन के सेवन से दूर रहना चाहिए.
- रात को सोने से पहले रुद्राक्ष को कलाई से निकालकर किसी पवित्र स्थान या पूजा घर में रख दें.
- गंदे या दूषित हाथों से रुद्राक्ष को छूना नहीं चाहिए.
पहली बार रुद्राक्ष कैसे पहनें?
पहली बार रुद्राक्ष पहनने के लिए सोमवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है. धारण करने से पहले रुद्राक्ष को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं, फिर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करके इसे अभिमंत्रित करें और भगवान शिव का ध्यान करके गले या हाथ में पहनें.

सना चौधरी
सना यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली हैं. सना ने हाईटेक इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है. पढ़ाई के साथ-साथ कंटेंट ऑप्टिमाईजेशन और वीडियो एडिटिंग भी सीखा है. जिसके बाद सना ने अलग-अलग जगहों पर डिजिटल कॉन्टेंट राइटर और वीडियो एडिटर के तौर पर काम किया. इससे पहले सना Zee मीडिया में बतौर वीडियो और कंटेंट एडिटर काम कर चुकी हैं. उन्होंने जी न्यूज में सोशल मीडिया पेज मैनेज किया है. Zee के बाद सना ने टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट TV9hindi.com में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया. सना को न्यूज़ एंकरिंग का भी शौक है.
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