Russia Election: युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी नहीं लड़ा पाएगी चुनाव, रूसी सुप्रीम कोर्ट का फैसला
Published: Tuesday, August 11, 2026, 8:43 [IST]
Russia Election 2026: रूस में अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव से पहले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाली प्रमुख विपक्षी पार्टी 'याब्लोको' को बड़ा झटका लगा है। रूस की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पार्टी का चुनावी रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया, जिसके बाद अब वह चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेगी।
याब्लोको यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई का खुले तौर पर विरोध करने वाली देश की एकमात्र पंजीकृत विपक्षी पार्टी थी। पार्टी ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का ऐलान किया है। इस फैसले को रूस में विपक्ष के लिए एक और बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से बाहर किया
रूस की सुप्रीम कोर्ट ने क्रेमलिन समर्थक पार्टी की अपील पर याब्लोको का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। केंद्रीय चुनाव आयोग ने पिछले महीने याब्लोको समेत 11 पार्टियों को चुनावी बैलेट में शामिल होने की अनुमति दी थी। लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद पार्टी अगले महीने होने वाले 18 से 20 सितंबर के संसदीय चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेगी। याब्लोको लंबे समय से सरकार की आलोचना करती रही है और यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उसका रुख स्पष्ट रहा है।
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यावलिंस्की ने फैसले की निंदा की
1990 के दशक में याब्लोको की सह-स्थापना करने वाले वरिष्ठ उदारवादी नेता ग्रिगोरी यावलिंस्की ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। यावलिंस्की के मुताबिक, याब्लोको को चुनाव से बाहर करना उन लोगों से बातचीत से इनकार करने जैसा है, जो सरकार से असहज सवाल पूछते हैं। उन्होंने अधिकारियों से शांति, स्वतंत्रता और बिना डर के जीवन की जनता की मांग पर ध्यान देने की अपील की।
याब्लोको के समर्थन में दिखे वीडियो
याब्लोको को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों का समर्थन देखने को मिला। कई वीडियो में युवा लड़के और लड़कियां हाथों में सेब लिए नजर आए। कुछ लोग ऐसे रूसी गानों पर डांस करते दिखे, जिनमें सेब का जिक्र था। पार्टी के नाम 'याब्लोको' का रूसी भाषा में अर्थ सेब होता है। पार्टी अध्यक्ष निकोलाई रिबाकोव ने कोर्ट में कहा कि इन वीडियो के लिए याब्लोको ने किसी को पैसे नहीं दिए। उन्होंने कहा कि लोग युद्ध और मौत के बजाय सामान्य जीवन चाहते हैं।
नवलनाया समेत कई नेताओं ने किया समर्थन
विदेश में रह रहे रूस के कई विपक्षी नेताओं ने भी लोगों से याब्लोको के समर्थन में वोट करने की अपील की थी। इनमें दिवंगत क्रेमलिन आलोचक एलेक्सी नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया के अलावा इल्या याशिन और व्लादिमीर कारा-मुर्ज़ा शामिल हैं। नवलनाया ने 6 अगस्त को कहा था कि याब्लोको का समर्थन करना नैतिक और राजनीतिक रूप से सही है। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष रिबाकोव ने इन नेताओं के समर्थन को 'बिना वजह का समर्थन' बताते हुए पार्टी को उनसे अलग रखने की कोशिश की।
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शांति अभियान ने बढ़ाई क्रेमलिन की चिंता
NEST सेंटर के वरिष्ठ रिसर्च फेलो निकोलाई पेत्रोव के मुताबिक, अधिकारियों ने शुरुआत में शायद याब्लोको को चुनाव में बने रहने दिया था, ताकि लोगों को अपनी नाराजगी जाहिर करने का मौका मिल सके। लेकिन पार्टी के शांति अभियान को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिलने के बाद स्थिति बदल गई। पेत्रोव का कहना है कि अब याब्लोको को बैलेट से हटाना भी क्रेमलिन के लिए मुश्किल संदेश पैदा कर सकता है, क्योंकि इससे यह धारणा मजबूत होगी कि सरकार उसके विचारों से डरती है।