साबूदाना खिचड़ी बनेगी एकदम खिली-खिली! अपनाएं ये आसान ट्रिक, स्वाद और पोषण दोनों मिलेगा भरपूर - Haribhoomi
Sabudana Khichdi: साबूदाना खिचड़ी बनेगी एकदम खिली-खिली! अपनाएं ये आसान ट्रिक, स्वाद और पोषण दोनों मिलेगा भरपूर
Sabudana Khichdi: साबूदाना खिचड़ी एक बेहतरीन फलाहार है, जिसे खूब पसंद किया जाता है। इसे खिली-खिली बनाने के लिए जानें सिंपल रेसिपी।
खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने का तरीका।
- Published: 13 Aug 2026, 07:50 PM IST
- Last Updated: 13 Aug 2026, 07:50 PM IST
Sabudana Khichdi: साबूदाना खिचड़ी का नाम सुनते ही व्रत के साथ-साथ स्वादिष्ट और हल्के नाश्ते की याद आती है। लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर साबूदाना चिपचिपा हो जाता है और पूरी खिचड़ी एक साथ चिपक जाती है। ऐसे में स्वाद तो बिगड़ता ही है, देखने में भी डिश उतनी आकर्षक नहीं लगती। अगर आप भी दानेदार और खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो इसकी तैयारी में थोड़ी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
दरअसल, साबूदाना खिचड़ी का परफेक्ट टेक्सचर सिर्फ ज्यादा तेल या घी डालने से नहीं आता। साबूदाने को सही तरीके से भिगोना, पानी की मात्रा का ध्यान रखना और पकाते समय ज्यादा चलाने से बचना इसकी सबसे बड़ी ट्रिक है। इसके साथ मूंगफली, हरी मिर्च, जीरा और नींबू का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ इसे ज्यादा पौष्टिक भी बना सकता है। आइए जानते हैं खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाने का आसान तरीका।
साबूदाना भिगोने का तरीका है सबसे जरूरी
साबूदाना खिचड़ी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह धोना जरूरी है। साबूदाने को 2-3 बार हल्के हाथ से धोकर उसका अतिरिक्त स्टार्च निकाल दें। इसके बाद इतना पानी डालें कि साबूदाना बस हल्का-सा भीग जाए। बहुत ज्यादा पानी डालने पर यह जरूरत से ज्यादा नरम होकर चिपचिपा हो सकता है।
इसे करीब 4-6 घंटे या जरूरत के अनुसार भिगोकर रखें। अच्छे से भीगा हुआ साबूदाना उंगलियों से दबाने पर आसानी से मैश हो जाना चाहिए। पकाने से पहले अतिरिक्त पानी हो तो उसे पूरी तरह निकाल दें।
मूंगफली देगी स्वाद और क्रंच
साबूदाना खिचड़ी में भुनी हुई मूंगफली इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। मूंगफली को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें। इसे पूरी तरह पाउडर न बनाएं, क्योंकि छोटे-छोटे टुकड़े खिचड़ी में अच्छा टेक्सचर देते हैं।
मूंगफली में प्रोटीन और हेल्दी फैट भी पाए जाते हैं। इससे साबूदाना खिचड़ी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि ज्यादा संतोषजनक भी बन सकती है।
तड़के में डालें जीरा और हरी मिर्च
कड़ाही में थोड़ा घी या तेल गर्म करें। इसमें जीरा डालकर चटकाएं। इसके बाद हरी मिर्च और जरूरत के अनुसार करी पत्ता डाल सकते हैं। अगर व्रत के लिए बना रहे हैं तो सेंधा नमक का इस्तेमाल करें।
अब इसमें उबले या छोटे टुकड़ों में कटे आलू डालकर हल्का भूनें। इससे आलू पर तड़के का स्वाद अच्छी तरह चढ़ जाता है।
अब अपनाएं सबसे जरूरी ट्रिक
भीगे हुए साबूदाने को कड़ाही में डालने के बाद इसे तेज आंच पर लगातार न चलाएं। गैस को धीमा से मध्यम रखें और साबूदाने को हल्के हाथ से मिलाएं। इसे बहुत देर तक पकाने की जरूरत नहीं होती। जब साबूदाना पारदर्शी दिखने लगे और दाने अलग-अलग नजर आएं, तो गैस बंद कर दें।
यही छोटी-सी ट्रिक खिचड़ी को ज्यादा चिपचिपा होने से बचाने में मदद करती है। ऊपर से दरदरी मूंगफली, थोड़ा नींबू का रस और हरा धनिया डालें।
स्वाद के साथ पोषण भी रहेगा बरकरार
साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है। मूंगफली और अन्य सामग्री जोड़ने से भोजन में कुछ प्रोटीन, फैट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शामिल होते हैं। अगर डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है, तो साबूदाना जैसी हाई-कार्ब डिश की मात्रा अपने डाइट प्लान के अनुसार रखें।
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लेखक: (कीर्ति)