Satyendar Jain News: दिल्ली जल बोर्ड केस में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन अरेस्ट, 873 दिन जेल में काट चुके हैं
Updated: Tuesday, August 18, 2026, 21:33 [IST]
Satyendar Jain Arrested: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन एक बार मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने मंगलवार यानी 18 अगस्त 2026 को उन्हें दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया। उनके साथ दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
ACB के मुताबिक, मामला STP के अपग्रेडेशन और इससे जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की कुछ शर्तें कथित तौर पर एक खास टेक्नोलॉजी कंपनी Eurotech Environment Pvt Ltd को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार या बदली गई थीं।
आपको बता दें कि, सत्येंद्र जैन की यह गिरफ्तारी उनके लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि इससे पहले वह ED के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। करीब 873 दिन जेल में रहे। 18 अक्टूबर 2024 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दी और वह तिहाड़ जेल से बाहर आए। लेकिन, अब लगता है कि जैन फिर से कानूनी पचड़े में फंस चुके हैं। आइए विस्तार से जानते हैं...
Delhi Jal Board Case में क्या है आरोप?
ACB के मुताबिक, यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के संवर्धन और उन्नयन से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया का है। इस मामले में FIR नंबर 10/2024 दर्ज की गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें और स्पेसिफिकेशन शामिल किए गए, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और एक विशेष टेक्नोलॉजी प्रदाता को कथित तौर पर अनुचित फायदा मिला।
जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई। साथ ही तकनीक और माध्यम से जुड़ी कुछ ऐसी शर्तें रखी गईं, जो किसी खास कंपनी के पक्ष में जाती थीं। उपचारित अपशिष्ट जल (Treated Wastewater) से जुड़े कुछ जरूरी मानकों को कथित तौर पर तकनीकी शर्तों से बाहर रखा गया और बाद में स्पेसिफिकेशन में बदलाव किए गए। ACB का आरोप है कि इन प्रक्रियागत बदलावों से सरकारी खजाने पर वित्तीय असर पड़ा।
सत्येंद्र कुमार जैन समेत कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
- सत्येंद्र कुमार जैन: पूर्व जल मंत्री, दिल्ली सरकार
- उदित प्रकाश राय : पूर्व CEO, दिल्ली जल बोर्ड
- अंकित श्रीवास्तव : पूर्व संविदा सलाहकार, DJB
- नागेंद्र यादव : मेसर्स AN Enterprises के मालिक
- राजा कुमार कुर्रा : मेसर्स Eurotech Environment Pvt Ltd के मालिक
- पंकज वर्मा : मेसर्स Srijanhar के मालिक
इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
₹1.52 करोड़ की रिश्वत का आरोप क्या है?
जांच का सबसे गंभीर हिस्सा कथित रिश्वत के लेन-देन से जुड़ा है। ACB के अनुसार, जांच में सामने आया कि उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में करीब ₹1.52 करोड़ की रकम पहुंची। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह रकम AN Enterprises के जरिए ट्रांसफर हुई और इसका संबंध कथित तौर पर टेक्नोलॉजी प्रदाता Eurotech Environment से था। ACB का यह भी दावा है कि कथित रिश्वत की रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एजेंसी फिलहाल इस पूरे वित्तीय लेन-देन और कथित अपराध से हुई आय की कड़ी की जांच कर रही है। ध्यान रहे कि ये जांच एजेंसी के आरोप हैं, जिन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है। आरोप लगना दोष सिद्ध होना नहीं है।
टेंडर की शर्तों में कैसे हुई कथित गड़बड़ी?
ACB की जांच के मुताबिक, निजी कंपनियों से जुड़े लोगों और सरकारी अधिकारियों के बीच टेंडर से संबंधित बातचीत हुई। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में कथित तौर पर टेंडर की शर्तों, शुद्धिपत्र और दूसरे दस्तावेजों का आदान-प्रदान सामने आया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन चर्चाओं के बाद कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों को टेंडर में शामिल किया गया या उनमें बदलाव किए गए। एजेंसी को संदेह है कि इन बदलावों का उद्देश्य Eurotech Environment को फायदा पहुंचाना था। यानी जांच का फोकस केवल रिश्वत के कथित लेन-देन पर नहीं, बल्कि टेंडर की पूरी प्रक्रिया कैसे प्रभावित की गई, इस पर भी है।
आइए अब समझिए सत्येंद्र जैन का पुराना जेल रिकॉर्ड...
दिल्ली जल बोर्ड मामले में गिरफ्तारी से पहले सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) में करीब ढाई साल तक कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। 18 अक्टूबर 2024 को मामले में तिहाड़ जेल से बाहर आए। आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बयान में बताया था कि जैन 873 दिनों के बाद जेल से बाहर आए। आइए टाइमलाइन में समझें...
30 मई 2022: ED ने किया था गिरफ्तार
30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने सत्येंद्र जैन को PMLA के तहत कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। यह मामला CBI की उस FIR से जुड़ा था, जिसमें उन पर 2015 से 2017 के बीच कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। ED का आरोप था कि जैन से जुड़ी कंपनियों के जरिए करीब ₹4.81 करोड़ की कथित अपराध की आय को अलग-अलग लेन-देन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई।
मई 2023: मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत
लगभग एक साल जेल में रहने के बाद 26 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी। इसके बाद उनकी मेडिकल बेल कई बार बढ़ाई गई। इसका मतलब यह है कि वह पूरे समय जेल में बंद नहीं थे।
मार्च 2024: फिर लौटना पड़ा Tihar Jail
18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया। इसके बाद जैन ने उसी दिन सरेंडर किया और उन्हें फिर तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
18 अक्टूबर 2024: 873 दिन बाद नियमित जमानत
इसके बाद, 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी। आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बयान में बताया था कि जैन 873 दिनों के बाद जेल से बाहर आए।