SECL Deepka Protest: हरदीबाजार में अस्पताल समेत 8 सरकारी भवन टूटने से ग्रामीणों में गुस्सा, SECL दीपका के GM ऑफिस में तालाबंदी, मुआवजे की मांग
SECL Deepka Protest: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हरदीबाजार में SECL Deepka Protest (एसईसीएल दीपका विरोध) तेज हो गया है। एसईसीएल दीपका खदान विस्तार की जद में आ रहे गांव में शुक्रवार सुबह प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य केंद्र, पटवारी कार्यालय और आंगनबाड़ी समेत 8 सरकारी भवनों पर बुल्डोजर चला दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पर्याप्त व्यवस्था के हुई इस कार्रवाई से लोगों परेशान हैं। इसके विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जीएम कार्यालय पहुंचे और तालाबंदी की। (Hardibazar Protest)
जीएम ऑफिस में ग्रामीणों ने लगाया ताला (SECL Deepka Protest)
SECL Deepka Protest (एसईसीएल दीपका विरोध) के तहत कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल और सरपंच लोकेश्वर कंवर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने दीपका महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उचित मुआवजा, नौकरी, नई बसाहट और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन के कारण एरिया ऑफिस का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
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मुआवजे और पुनर्वास की मांग (SECL Deepka Protest)
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन खदान (SECL Mine Expansion) में शामिल हो चुकी है, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक नौकरी और पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है। SECL Deepka Protest (एसईसीएल दीपका विरोध) में शामिल लोगों ने भूमि अधिग्रहण की गड़बड़ियों को दूर करने, उचित मुआवजा देने और प्रभावित परिवारों को स्थायी रोजगार देने की मांग रखी है।
व्यापारियों ने भी किया समर्थन (Hardibazar Protest)
हरदीबाजार के व्यापारियों ने भी ग्रामीणों के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। प्रदर्शन के दौरान सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। करीब 300 महिला-पुरुष जीएम ऑफिस के गेट पर बैठ गए और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मांगों पर अड़े रहे।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
करीब 8 घंटे चले SECL Deepka Protest (एसईसीएल दीपका विरोध) के बाद बिलासपुर मुख्यालय में मांगों पर चर्चा के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कार्रवाई से पहले ग्राम पंचायत को सूचना दी जानी चाहिए थी। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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