SGB निवेशकों के लिए जरूरी अपडेट: अक्टूबर में खुल रही है अर्ली-एग्जिट विंडो, जानें रिडेम्पशन का सही तरीका
SGB निवेशकों के लिए जरूरी अपडेट: अक्टूबर में खुल रही है अर्ली-एग्जिट विंडो, जानें रिडेम्पशन का सही तरीका
Published: Sunday, September 13, 2026, 16:14 [IST]
मुंबई: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। अगर आप अक्टूबर में मिलने वाले भुगतान के लिए प्री-मैच्योर (समय से पहले) एग्जिट करना चाहते हैं, तो सोमवार, 14 सितंबर 2026 से अर्ली-एग्जिट रिक्वेस्ट दर्ज करा सकते हैं। इस चरण में सबसे पहली किस्त SGB 2019–20 Series V की है, जो 15 अक्टूबर को रिडीम होगी। इसके लिए आवेदन विंडो 14 सितंबर से 5 अक्टूबर तक खुली रहेगी। रिडेम्पशन की कीमत 999 शुद्धता वाले सोने के लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के पिछले तीन कार्य दिवसों के औसत मूल्य के आधार पर तय की जाएगी।
वित्तीय योजना बना रहे निवेशकों के लिए अक्टूबर में दो और किस्तों से निकलने का विकल्प रहेगा। SGB 2020–21 Series VII का रिडेम्पशन 19 अक्टूबर को होगा, जिसकी विंडो 19 सितंबर से 9 अक्टूबर तक चलेगी। वहीं, SGB 2019–20 Series VI का रिडेम्पशन 30 अक्टूबर को होना है, जिसके लिए 29 सितंबर से 21 अक्टूबर के बीच आवेदन किया जा सकता है। आरबीआई के नए कैलेंडर के अनुसार, अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच कुल 32 किस्तों के लिए अर्ली-एग्जिट की सुविधा उपलब्ध होगी।

SGB early-exit window: eligible October tranches
| Tranche | Redemption date | Request window | Last submission day |
|---|---|---|---|
| 2019–20 Series V | 15 Oct 2026 | 14 Sep–5 Oct 2026 | 5 Oct 2026 |
| 2020–21 Series VII | 19 Oct 2026 | 19 Sep–9 Oct 2026 | 9 Oct 2026 |
| 2019–20 Series VI | 30 Oct 2026 | 29 Sep–21 Oct 2026 | 21 Oct 2026 |
SGB price formula, interest and tax
आरबीआई रिडेम्पशन की कीमत IBJA 999 गोल्ड के पिछले तीन व्यावसायिक दिनों के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज के आधार पर तय करता है। चूंकि एग्जिट की तारीखें कूपन पेमेंट की तारीखों से मेल खाती हैं, इसलिए रिडेम्पशन की तारीख पर 2.5% प्रति वर्ष की दर से ब्याज का भुगतान भी किया जाता है। यह ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है; हालांकि, व्यक्तिगत निवेशकों के लिए धारा 47(viic) के तहत आरबीआई रिडेम्पशन पर मिलने वाला कैपिटल गेन (पूंजीगत लाभ) पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है।
How to place SGB early‑exit requests: bank, DP, Retail Direct
आरबीआई की तय समय सीमा के भीतर अपने बैंक या डाकघर में प्री-मैच्योर रिडेम्पशन फॉर्म जमा करें। डिमैट खाताधारकों को NSDL या CDSL के तहत अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के माध्यम से अनुरोध भेजना होगा। वहीं, RBI Retail Direct पोर्टल का उपयोग करने वाले निवेशक 'SGB' सेक्शन में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और नियत तिथि पर सीधे खाते में राशि प्राप्त कर सकते हैं। यदि भुगतान में देरी होती है, तो संबंधित रिसीविंग ऑफिस को कूपन दर पर मुआवजा देना अनिवार्य है।
Redeem or hold: what to weigh now
कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी लिक्विडिटी (नकदी) की जरूरत, टैक्स स्थिति और सोने बनाम रुपये के रुख का आकलन कर लें। अर्ली-एग्जिट से IBJA-लिंक्ड वैल्यू और छमाही ब्याज का पूरा लाभ मिलता है, जबकि सेकेंडरी मार्केट (शेयर बाजार) में बॉन्ड बेचने पर उसकी फेयर वैल्यू से कम दाम मिलने की आशंका रहती है। इसमें न्यूनतम 1 ग्राम के मल्टीपल में आंशिक (पार्टियल) रिडेम्पशन की सुविधा भी मिलती है, जिससे आप पूरे बॉन्ड बेचे बिना अपनी जरूरत के मुताबिक फंड निकाल सकते हैं। यह लचीलापन आपको अलग-अलग प्राइस लेवल पर एग्जिट करने में मदद करता है।
Checklist and rejection busters
आवेदन से पहले अपना सीरीज कोड, बॉन्ड की संख्या, पैन-लिंक्ड KYC और सही बैंक खाते का विवरण तैयार रखें। DP से रिजेक्शन से बचने के लिए डिमैट डिटेल का पैन कार्ड से सही मिलान सुनिश्चित करें। आरबीआई की सटीक विंडो के भीतर ही आवेदन जमा करें, क्योंकि कुछ बैंक अपनी आंतरिक कट-ऑफ सीमा थोड़ी पहले तय कर देते हैं। यदि तय समय पर पैसा बैंक खाते में न पहुंचे, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं; विलंब होने पर रिसीविंग ऑफिस द्वारा हर्जाना दिया जाना आवश्यक है।
Story first published: Sunday, September 13, 2026, 16:14 [IST]
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