Silver Rate Today: रक्षाबंधन से पहले चांदी 3500 रुपये हुई सस्ती, यूपी-बिहार-दिल्ली में ये रहा सिल्वर रेट
Aug 25, 2026 04:51 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

मुख्य बातें
- Silver Rate Today: आज हफ्ते के दूसरे दिन चांदी के भाव में गिरावट रही
- बीते 2 दिनों में चांदी का भाव 3,500 रुपये कम हुआ है
- रक्षाबंधन के लिए अगर आप भी चांदी की राखी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो आपको थोड़ी राहत मिल सकती है

Silver Rate Today: रक्षाबंधन से पहले चांदी 3500 रुपये हुई सस्ती, जानिये रेट
Silver Rate Today: आज हफ्ते के दूसरे दिन चांदी के भाव में गिरावट रही। बीते 2 दिनों में चांदी का भाव 3,500 रुपये कम हुआ है। रक्षाबंधन के लिए अगर आप भी चांदी की राखी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो आपको थोड़ी राहत मिल सकती है। देश में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाना है। कल चांदी का भाव 1676 रुपये की गिरावट के साथ 2.44 लाख रुपये पर बंद हुआ था। अगर आप भी चांदी के गहने खरीदने या निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो 25 अगस्त का रेट जान लीजिए।
दिल्ली में चांदी का रेट
दिल्ली के बुलियन मार्केट में एक किलोग्राम चांदी का रेट 2.42 लाख रुपये पर है। यहां चांदी का दाम 2492 रुपये कम हुआ है। सर्राफा बाजार में 10 ग्राम चांदी का रेट 2,420 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 24,200 रुपये रहा।
यूपी में चांदी का रेट
यूपी की राजधानी लखनऊ में चांदी का दाम 2,44,393 रुपये रहा। यहां आज कीमतों में 2488 रुपये की गिरावट रही।
बिहार में चांदी का भाव
बिहार की राजधानी पटना में चांदी का भाव 2.42 लाख रुपये रुपये रहा। यहां आज सिल्वर 2641 रुपये सस्ता हुआ है।
राजस्थान में चांदी का भाव
राजस्थान के जयपुर में चांदी का भाव 2,42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर है। यहां चांदी का दाम 2600 रुपये कम हुआ है।
मुंबई में चांदी का भाव
मुंबई में चांदी का भाव 2,42,324 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। यहां भी चांदी का दाम करीब 2400 रुपये कम हुए।
क्यों गिरा चांदी का दाम?
चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स में लगातार तेजी से डॉलर में खरीदी जाने वाली चांदी पर दबाव बढ़ता है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए चांदी महंगी हो जाती है, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ सकती है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू कीमतों पर भी दिखाई देता है।
दूसरी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। अमेरिका के 10 साल और 30 साल के बॉन्ड पर ब्याज बढ़ने से निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले निवेश विकल्प आकर्षक हो जाते हैं। ऐसे में कुछ निवेशक चांदी जैसी कमोडिटी से पैसा निकालकर बॉन्ड या अन्य एसेट में लगा सकते हैं। इससे चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ईरान-अमेरिका तनाव भी चांदी के बाजार पर असर डालते हैं। चांदी का इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ इंडस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्रियल मांग को लेकर चिंता बढ़ने पर चांदी की कीमत पर असर पड़ता है।