सिंह राशिफल – Singh Rashifal 2026- 24 July To 31 July

मा, मी, मू, मे — मघा नक्षत्र

मो, टा, टी, टू — पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र

टे — उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र


24 जुलाई से 31 जुलाई तक

24, 25 को समय विपरीत है। महिला वर्ग को परेशानी अधिक आएगी। “ घर की मुर्गी दाल बराबर " वाली कहावत आप पर चरितार्थ होगी। आप असमंजस की स्थिति में रहेंगे। 26, 27 को पढ़ाई कर रहे जातकों के लिए समय अच्छा है। मनपसंद स्कूल या कॉलेज में प्रवेश मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। 28, 29, 30 को उत्तम प्रकार के भौतिक सुख-सुविधाओं का उपयोग करेंगे। आपमें हर वस्तु प्राप्त कर लेने की मंशा रहेगी। जीवन में आनंद व उत्साह का संचार रहेगा। आप पर ईश्वरीय अनुकम्पा रहेगी। 31 को किसी की जन्मदिन की पार्टी में शिरकत कर सकते हैं। मेहमानों का आगमन खुशी देगा। 

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में केतु सिंह राशि का लग्न में, चन्द्रमा धनु राशि का पंचम भाव में, राहु कुंभ राशि का सप्तम भाव में, शनि मीन राशि का अष्टम भाव में, मंगल वृषभ राशि का दशम भाव में, मिथुन राशि का ग्यारहवे भाव में, बृहस्पति + शुक्र+बुध कर्क राशि का बारहवे भाव में चलायमान रहेगा। 

सिंह राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2026शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी2, 3, 7, 8, 11, 12, 29, 305, 14, 15, 23, 24, 25
फरवरी3, 4, 7, 8, 9, 26, 271, 2, 10, 11, 12, 19, 20, 21, 28
मार्च2, 3, 4, 7, 8, 25, 26, 30, 311, 10, 11, 19, 20, 28
अप्रैल3, 4, 21, 22, 26, 27, 306, 7, 15, 16, 17, 24
मई1, 2, 19, 20, 23, 24, 25, 27, 28,293, 4, 5, 12, 13, 14, 21, 22, 30, 31
जून15, 16, 20, 21, 24, 251, 8, 9, 10, 17, 18, 27, 28
जुलाई12, 13, 17, 18, 21, 226, 7, 8, 15, 24, 25
अगस्त9, 10, 13, 14, 15, 17, 18, 192, 3, 4, 11, 12, 20, 21, 22, 30, 31
सितम्बर5, 6, 10, 11, 14, 158, 17, 18, 26, 27, 28
अक्टूबर2, 3, 7, 8, 11, 12, 30, 315, 6, 14, 15, 23, 24, 25
नवम्बर3, 4, 5, 7, 8, 9, 26, 271, 2, 10, 11, 12, 20, 21, 28, 29
दिसम्बर1, 2, 5, 6, 23, 24, 28, 298, 9, 17, 18, 19, 26

सिंह राशि का वार्षिक भविष्यफल

singh rashi
सिंह राशि

यह साल आपके लिए मुश्किलों से भरा हुआ रहेगा। इस वर्ष सिंह राशि वालों को वर्ष भर शनि की ढैय्या से परेशानी रहेगी। स्वास्थ्य में परेशानी रहेगी। गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका है. दर्व्यवसनों से सावधान रहें। खान-पान में लापरवाही घातक हो सकती है। मौसमी बीमारियों के प्रति भी सावचेत रहें। घर में किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है। अस्पताल व इलाज पर खर्चा भी होगा। व्यापार व काम-काज में स्थितियां कुछ ढीली- ढाली ही रहेंगी। आप भरपूर मेहनत व परिश्रम करेंगे, परिस्थितियों को अपने अनुकूल करने का प्रयास करेंगे। एकादश स्थान का बृहस्पति 2 जून तक आंशिक लाभ भी मिलायेगा । व्यवस्थाएं व खर्चे चलते रहेंगे व निर्वाह योग्य धन भी प्राप्त होगा, बड़ा लाभ या आकस्मिक लाभ की उम्मीद शनि की ढैय्या के कारण कम ही है। आपको रुपयों-पैसों के मामले में भी किसी पर भी भरोसा या विश्वास नहीं करना चाहिए। व्यावसायिक व व्यापारिक विस्तार की योजना दशम स्थान में उच्च के चन्द्रमा के कारण जोर मारेगी, लेकिन आपको लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भरसक प्रयास व प्रयत्न करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से पैसा जितनी तीव्रता या तेजी से आयेगा, उतनी ही तीव्रता या तेजी से खर्च भी होगा। धन संचय का आभाव रहेगा। 
इस साल आप तमाम व्यस्तताओं व प्रतिबद्धताओं के बीच अपने लिए व अपनों के लिए समय निकाल ही लेंगे। आप यह अनुभव करेंगे कि परिवार का साथ मुश्किल समय में सबसे बड़ा संबल होता हैं, बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद व स्नेह आपकी उन्नति में सहायक रहेगा। संतान से सम्बन्धित शुभ समाचार प्राप्त होगा। संतान के विवाह के प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। शत्रु व विरोधी सक्रिय होंगे, परंतु आपका नुकसान कुछ भी नहीं कर पाएंगे। बृहस्पति 2 जून के बाद अपनी उच्च राशि में आ जाएंगे, खर्चों में बेतहाशा वृद्धि के योग तो बने हुए हैं। लेकिन पैसा आयेगा भी। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा यदा-कदा पति-पत्नी में हल्के-फुल्के वैचारिक मतभेदों की स्थिति रह सकती है। लेकिन समय रहते सारे मतभेद व वैचारिक विभिन्नता समाप्त हो जायेगी। शत्रु षडयंत्र से सावधान रहें, कुछ आर्थिक विषय भी उलझ सकते हैं, लेकिन किसी समझदार मित्र या प्रभावशाली व्यक्तित्व की कृपा से वह विषय भी संभल जाएंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा, इस वर्ष भूमि, भवन, वाहन, आदि खरीदने से पूर्व कागजाद अच्छी तरह से परीक्षण निरीक्षण करवा लें। यात्राओं में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। 
शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:- 
इस वर्ष शारीरिक स्वास्थ्य ढीला रहेगा, रोग हावी रहेगा। आपको खान-पान में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। योग, व्यायाम जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। इस वर्ष गंभीर व घातक बीमारी चेतन हो सकती हैं। 2 जून तक बृहस्पति बारहवें भाव में भम्रणशील रहने से घर-परिवार में किसी विशेष सदस्य का स्वास्थ्य गिर सकता है, वरिष्ठ सदस्य व बुजुर्ग का स्वास्थ्य गड़बड़ायेगा। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य शनि के वक्रत्व परिभ्रमण से पाचनतंत्र 
रोग, पैरों, के रोग तकलीफ देंगे। व्यस्तता व भागदौड़ में, अपने स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं करें। 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य अतिचारी गुरु के कारण कोई सर्जरी हो सकती है। 
व्यापार, व्यवसाय व धन:- 
इस साल कारोबार में कभी लाभ तो कभी हानि की स्थिति रहेगी। नौकरी शुदा व्यक्तियों, करियर ओरियेंटेड लोगों को नौकरी में बेहतर अवसर मिलेंगे। व्यापार व कारोबार में विस्तार की योजना पर काम शुरु होगा। रुपयों-पैसों की आवक के लिहाज से समय में अनुकुलता बनी हुई है। आप पूरी गम्भीरता से अपने काम पर फोकस होंगे। व्यापार व परिवार दोनों से कोई एक चुनने के मौके कई बार आएंगे। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व प्रतिस्पर्धी कई बार आपके सामने बड़ा लक्ष्य रख देंगे। आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपया वाली स्थिति रहेगी। व्यापार व कारोबार में होशियारी व बुद्धिमता का उपयोग करके आप अपने मुनाफे को बढ़ा लेंगे। कार्य विस्तार की योजना कुछ बाधाओं के बाद कार्यरूप में परिणित होगी। नौकरी में हल्की-फुल्की परेशानियां आएंगी, लेकिन आप बुद्धिमता विवेक से हर मुश्किल व हर परेशानी का समाधान निकाल लेंगे। मैं आपको आगाह करूंगा कि 2 जून से 31 अक्टूबर के मध्य अतिचारी बृहस्पति के कारण रुपयों- से पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा या विश्वास नहीं करें, किसी योजना, साजिश या षडयंत्र के शिकार हो सकते हैं। वर्ष पर्यंत 5 दिसम्बर तक सातवें स्थान में राहु की स्थिति के कारण भागीदार व पार्टनर से कुछ वैचारिक गतिरोध व गलत फहमियां उत्पन्न हो सकती हैं। 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य वक्री शनि के कारण आपका पैसा गलत व्यक्तियों व गलत संस्था में कहीं फंस सकता है। भूमि, भवन, फ्लैट्स आदि में निवेश करने से पूर्व जांच पड़ताल कर लें। जल्दबाजी में किया गया निवेश या निर्णय आगे चलकर परेशानियों का सबब बन सकता है। 
घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार:- 
5 दिसम्बर तक राहु सातवें स्थान में गतिशील है । अतः पति-पत्नी में वैचारिक तालमेल गड़बड़ रहेगा । गृहक्लेश की स्थितियां रहेंगी। अविवाहितों के विवाह संबंधी बात उलझ सकती है। इस वर्ष मुश्किलें व परेशानियां हर मोर्चे पर आएंगी। काम-काज की व्यस्तता के बीच आप परिवार व परिवार के लोगों की जरूरतों पर ध्यान कम ही दे पाएंगे। भाईयों से सम्पत्ति संबंधी विवाद व झंझट हो सकते हैं। गलत फहमियां उत्पन्न होंगी। संतान के करियर, विषय का चयन, इच्छानुसार का चयन आपकी चिंता के मूल विषय में होगा। रिश्तेदारों की मदद के लिए आप मदद का हाथ बढ़ाएंगे सास-बहु, ननद, भोजाई, देवरानी-जेठानी में कभी कभार मतभेद उत्पन्न होंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 
विद्याध्यन, पढ़ाई व करियर :
सिंह राशि के व्यक्ति स्वाभिमानी होते हैं। इस साल आप दृढ़ प्रतिज्ञा के साथ अपने अध्ययन में जुट जाएंगे। 2 जून तक एकादश स्थान में गुरु के कारण आपको अनुकूल फल प्राप्त होंगे। आप महसूस करेंगे, कि धीमे-धीमे आपकी एकाग्रचित्तता बढ़ने लगी है। अगर आप कोई करियर ओरिएंटेंड कोर्स कर रहे हैं, तो शुरुआत में तो उससे व्यवधान आएंगे, लेकिन बाद में सारे व्यवधान स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप्प, फेसबुक, युट्युब आदि से दूरी बनाकर रखें, कहीं न कहीं इसका दुष्प्रभाव करियर व अध्ययन पर पड़ सकता है। इस साल वर्षारंभ में चार ग्रह पंचम स्थान में हैं। अतः नौकरीशुदा जातकों के प्रमोशन व इन्क्रीमेन्ट का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही संतान पर अध्ययन व करियर का अधिक दबाव व तनाव न बनाएं। अपनी इच्छा व मर्जी बच्चों पर नहीं थोपें। लक्ष्य के प्रतिपूर्ण रूप से एकाग्रचित्त होकर आगे बढ़ें। नया जॉब अवसर व ऑफर इस साल आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। 
प्रेम-प्रसंग व मित्र:- 
वर्षारंभ में पचंम स्थान में चतुष्ग्रह युति के कारण इस साल आपको प्रेम सम्बन्धों के प्रस्ताव काफी मात्रा में मिलेंगे। परंतु शनि की साढ़ेसाती के कारण सावधान, प्रेम प्रसंग, बदनामी व अपयश का कारण बन सकते हैं। शुक्र पंचम स्थान में होने से प्रेमी-प्रेमिका में तारतम्य व सामंजस्य बहुत ही बढ़िया रहेगा। मित्रों का सर्किल बहुत ही मजबूत रहेगा। मुश्किल व कठिन समय में हर मित्र बहुत ही दृढ़ता से आपके साथ खड़ा है। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के मध्य आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। 
वाहन, खर्च व शुभकार्य:- 
इस वर्ष किसी शुभकार्य की संभावना नहीं है। लेकिन हां बेतहाशा बढ़े हुए खर्च से आप परेशान हो जाएंगे। घर में रोजमर्रा की व दैनिक उपयोग की वस्तुएं खराब होती ही रहेंगी। फिजुलखर्ची व अनावश्यक खर्चों को जहां तक हो सके टालें। किसी शुभ व मांगलिक आयोजन में अकारण ही विघ्न उपस्थित हो सकता है। वाहन की रिपेयरिंग व रख रखाव समय-समय पर करवाते रहें। अन्यथा वाहन बीच रास्ते में आपको खड़ा कर सकता है। बार-बार हो रही मरम्मत राशि से आप परेशान हो जाएंगे, तथा किसी नवीन वाहन खरीदने की योजना बना सकते हैं। 
हानि, कर्ज व अनहोनी:- 
इस वर्ष आर्थिक मामले में विश्वास आपको ले डूबेगा । रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। शनि की साढ़ेसाती है, तथा 27 जुलाई से 11 दिसम्बर के मध्य किसी अनहोनी की आशंका है। इस वर्ष आप बैंक से व्यापार व खर्चों को व्यवस्थित करने के लिए ऋण ले सकते हैं। जहां तक पुराने ऋण का प्रश्न है चुक जायेगा। लेकिन जिनसे आप पैसा मांगते हैं। उनसे भी समय-समय पर तकाजा (वसूली के लिए) करते रहें। इस वर्ष घर के किसी वरिष्ठ सदस्य, माता-पिता या रिश्तेदार के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। 
यात्राएं :- 
इस वर्ष मध्य दूरी व लम्बी दूरी की यात्राएं खूब होंगी, इस वर्ष परिवार के साथ यात्रा का प्रोग्राम बन सकता है। काम-काज के लिए की गई यात्राएं खास लाभप्रद रहेंगी। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा का प्रोग्राम भी बन सकता है। 
उपाय:- 
वर्ष की शुभता बढ़ाने के लिए 6» रत्ती का माणिक्य रत्न युक्त 'सूर्य यंत्र' गले में धारण करें। आदित्य हृदय स्त्रोत का नित्य पाठ करें। रविवार को बैल को गुड़ रोटी देवें। लाल रंग के पुष्प वाले पौधे को नित्य सींचे (जल दें) सूर्य को नित्य अर्घ्य दें। 

सिंह राशि की चारित्रिक विशेषताएं

आपकी राशि का अधिपति सूर्य है, जो तेजस्वी व ओजयुक्त पौरुष का प्रतिनिधित्व करता है। सिंह राशि के व्यक्ति निर्भीक, उदार व अभिमानी होते हैं। चित्त में दृढ़ता, साहस तथा धैर्य इनमें विशेष मात्र में पाया जाता है। सूर्य आत्मशक्ति या आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है। अतएव सिंह राशि वाले पुरुषों में आत्मशक्ति गज़ब की होती है। ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नहीं घबराते । उनके अंदर आत्मविश्वास का भाव पूर्ण रूप से विद्यमान रहता है तथा अपनी बुद्धि एवं पराक्रम के बल पर वे जीवन में उन्नति प्राप्त करने में समर्थ रहते हैं। धनैश्वर्य, वैभव एवं भौतिक सुख-संसाधनों से ये प्रायः युक्त रहते हैं तथा जीवन में सुखपूर्वक इसका उपभोग करते हैं। ये जातक सिद्धांतवादी होते हैं तथा अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इनकी प्रवृत्ति धार्मिक होती है तथा स्वभाव में परोपकार का भाव भी रहता है, फलतः ये पूर्ण विश्वास के योग्य होते हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी या गैर-सरकारी क्षेत्रों में किसी उच्च पद को प्राप्त करने में समर्थ होते हैं, जिससे सामाजिक मान-प्रतिष्ठा तथा यश समाज में विद्यमान रहता है, साथ ही नेतृत्व की क्षमता भी इनमें विद्यमान रहती है। 
अतः इसके प्रभाव से आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा, जिससे अन्य लोग आपसे प्रभावित रहेंगे। आप निर्भीक पुरुष होंगे तथा अपने समस्त शुभ एवं सांसारिक कार्यकलापों को निर्भयता से संपन्न करके उनमें वांछित सफलता प्राप्त करेंगे, जिससे आपको भौतिक सुख-संसाधनों एवं अन्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी तथा उन्नति के मार्ग भी प्रशस्त रहेंगे, फलतः आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। 
आपके हृदय में उदारता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अन्य लोगों के प्रति स्नेह के भाव का प्रदर्शन भी करेंगे। आपको स्वपुरुषार्थ से जीवन में सफलता प्राप्त होगी तथा प्रतियोगिता के क्षेत्र में आप सफल होंगे। आपके शत्रु व प्रतिद्वंद्वी आपसे भयभीत होंगे, परंतु यदि आप अन्य जनों के साथ पूर्ण समानता का व्यवहार करेंगे, तो आप समाज में लोकप्रियता तथा अतिरिक्त प्रतिष्ठा भी अर्जित करने में समर्थ हो सकते हैं। 
आप में शारीरिक बल की प्रधानता विशेष रहेगी तथा परिश्रम एवं पराक्रम में अपने सांसारिक महत्त्व के कार्यों को संपन्न करेंगे तथा इनमें इच्छित सफलता प्राप्त करके जीवन में उन्नति के मार्ग प्रशस्त करेंगे। राजनीति या व्यापार आदि में आप उन्नतिशील रहेंगे तथा इन क्षेत्रों में आपकी श्रेष्ठता बनी रहेगी। 
आपके स्वभाव में तेजस्विता का भाव भी विद्यमान रहेगा। अतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध या उग्रता के भाव का भी प्रदर्शन करेंगे। आयुर्वेद एवं योग आदि के प्रति आपकी आस्था विद्यमान रहेगी। आप में गंभीरता का भाव विद्यमान होगा, फलतः आपके कार्य धैर्यपूर्वक संपन्न होंगे, जिससे आपको सफलता प्राप्त होगी। 
सूर्य राजयोग कारक ग्रह है। सिंह राशि के जातक प्रायः राजा की तरह ऐश्वर्य व प्रतिष्ठा का उपभोग करते हैं। ऐसे व्यक्तियों का चेहरा तेजस्वी व लालिमा युक्त होता है। 
धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा रहेगी तथा श्रद्धापूर्वक धार्मिक कार्यकलापों तथा अनुष्ठानों को संपन्न करेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में सत्संग आदि में भी अपना योगदान प्रदान कर सकते हैं। आपको भ्रमण या पर्वतीय क्षेत्र में घूमना रुचिकर लगेगा। अतः आप समय-समय पर ऐसे स्थानों की सैर करते रहेंगे। इस प्रकार समस्त सुखों का उपभोग करते हुए आप अपना समय व्यतीत करेंगे। 
सिंह राशि पुरुष संज्ञक व अग्नि तत्त्व प्रधान राशि है। आप उदार हृदय होने के नाते लोगों को क्षमा कर देते हैं। परंतु यदि कोई आपके मान, पद व प्रतिष्ठा पर कालिख पोतने की कोशिश करता है, तो आप उसे कभी भी क्षमा नहीं करेंगे। आपके जोश, हिम्मत व रोब के सामने शत्रु के हौसले पस्त हो जाएंगे। शत्रु आपके सामने आने से हमेशा घबराएगा, इसलिए पीठ पीछे आपकी बुराई होगी व सम्मुख प्रशंसा । आप चापलूस लोगों से बचें। 
सिंह राशि चतुष्पद, शीर्षोदय व दिनबली है। रात्रि के कार्यकलाप आपके लिए अनुकूल नहीं कहे जा सकते। आप किसी के भी अधीनस्थ रहकर कार्य नहीं कर सकते। आप स्वच्छंदचारी व स्वतंत्र विचारों वाले व्यक्ति हैं। यदि आप व्यापारी हैं, तो आप देखेंगे कि आपका भागीदार आपसे कुछ दबा हुआ, डरा हुआ-सा होगा। यह आपकी प्रकृति प्रदत्त शक्ति व जन्मजात विशेषता है। 
यदि आपका जन्म सिंह राशि के अन्तर्गत ‘मघा नक्षत्र' (मा, मे) में हुआ है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की केतु की दशा के अन्तर्गत हुआ है। आपकी योनि - मूषक, गण राक्षस, वर्ण-क्षत्रिय, योनि-मूषक, गण-राक्षस, हंसक-वायु, नाड़ी-आद्य, पाया-चांदी एवं वर्ग भी मूषक है। आप ठिगने कद के सुदृढ़ वक्ष स्थल एवं मज़बूत जंघाओं के मालिक हैं। गर्दन कुछ मोटी, वाणी में कुछ कर्कशता व रुखापन सिंह राशि वाले व्यक्ति की विशेषता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के प्रायः 5 व 6 नम्बर के दांत तीखे, जिह्वा चौकोर व खुरदरी होती है । मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों की आंखों में कुछ विशेष आकर्षण होता है, चेहरा शेर के समान भरा हुआ व रोबीला होता है । प्रायः इस राशि वाले व्यक्ति पुरुषार्थ व अपने पौरुष प्रदर्शन के लिए लालायित रहते हैं तथा इनको शानदार मूंछे रखने का बड़ा शौक रहता है। कुछ हद तक अभिमानी होने के नाते ये बहुत जल्दी नाराज़ भी हो जाते हैं तथा अपनी मर्दानगी एवं बलशाली शक्ति का दुरुपयोग करने में भी नहीं हिचकिचाते। 
यदि आपका जन्म सिंह राशि के अन्तर्गत 'पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र' (मो, टा, टी, टू) में हुआ है, तो आपका जन्म 20 वर्ष की शुक्र की महादशा में हुआ है। आपकी योनि मूषक, गण-मनुष्य, वर्ण- क्षत्रिय, हंसक-वायु, नाड़ी- मध्य, पाया-चांदी है। इस नक्षत्र के प्रथम चरण का वर्ग-मूषक तथा अंतिम तीन चरण का वर्ण- श्वान है। इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति मधुरभाषी एवं भ्रमणशील होते हैं। इन्हें पानी से बहुत प्रेम होता है। 
यदि आपका जन्म सिंह राशि के अन्तर्गत ' उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र' के प्रथम चरण (टे) में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि - गौ, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक - वायु, नाड़ी - आद्य, पाया-चांदी तथा वर्ग श्वान है। इस नक्षत्र में हंसक-वायु, जन्मे जातक सूर्य के समान तेजस्वी होते हैं तथा अपने परिश्रम से बहुत सारा धन एवं बहुत नाम अर्जित करते हैं। 
सिंह राशि वालों के पिता-पुत्र में कम बनती है। धार्मिक क्षेत्र में आप शक्ति के उपासक हैं। भैरों, सिंह एवं सूर्य इत्यादि शक्ति प्रधान देवताओं में आपकी रुचि रहेगी। सिंह राशि, उष्ण-स्वभाव, अल्प-संतति, पीतवर्ण, भ्रमणप्रिय व निर्जल राशि है। आपको मलाईदार वस्तुओं में रुचि रहेगी। सूर्य का तेजोमय ‘माणिक्य रत्न' आपके लिए सदा सर्वथा अनुकूल व शुभ रहेगा। 
उपायः- 4» का ‘माणिक्य' या 'सूर्यकांतमणि' धारण करें। आदित्य हृदय स्रोत का रोज़ाना पाठ करें। सूर्य को अर्घ्य दें। लाल रंग के 7 पुष्प 
भाग्योदय व उन्नति की कामना से जलाशय में प्रवाहित करें। लाल रंग के पुष्प व पत्ते वाले पौधे को रोज़ाना जल दें। अनार के पौधे को सींचें। 

सिंह राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – सिंह
  2. राशि चिन्ह – शेर
  3. राशि स्वामी – सूर्य
  4. राशि तत्त्व – अग्नि तत्त्व
  5. राशि स्वरूप – स्थिर
  6. राशि दिशा – पूर्व
  7. राशि लिंग व गुण – पुरुष, सत्त्वगुणी
  8. राशि जाति – क्षत्रिय
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, पित्त प्रकृति
  10. राशि का अंग – हृदय
  11. अनुकूल रत्न – माणिक्य
  12. अनुकूल उपरत्न – सूर्यकांत मणि
  13. अनुकूल रंग – चमकीला श्वेत, पीला, भगवा
  14. शुभ दिवस – रविवार, बुधवार
  15. अनुकूल देवता – सूर्य देव
  16. व्रत / उपवास – रविवार
  17. अनुकूल अंक – 1
  18. अनुकूल तारीखें – 1, 10, 19, 28
  19. मित्र राशियां – मिथुन, कन्या, मेष, धनु
  20. शत्रु राशियां – वृषभ, तुला, मकर, कुंभ
  21. व्यक्तित्व – दयालु, गर्मजोशी से भरा, नेतृत्व क्षमता वाला
  22. सकारात्मक तथ्य – आत्मविश्वासी, उदार, प्रभावशाली व्यक्तित्व
  23. नकारात्मक तथ्य – घमंडी, अत्यधिक आत्मविश्वास, अत्यधिक महत्वाकांक्षी