Snake Facts: बारिश में बढ़ जाती है सांपों की हलचल, जानें जहरीले-बिना जहरीले सांपों की पहचान और बचाव के जरूरी उपाय
बरसात का मौसम शुरू होते ही खेतों, घरों और गांवों के आसपास सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। बारिश के दौरान सांप अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण सुरक्षित जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाकों और खेतों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
सतना से शिवांक द्विवेदी की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के दिनों में सांपों से जुड़े मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि, हर सांप जहरीला नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि सांपों को पहचानने और उनके व्यवहार को समझने से कई दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
हर सांप खतरनाक नहीं होता
भारत में सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही बेहद जहरीली होती हैं। आमतौर पर लोग हर सांप को देखकर डर जाते हैं, जबकि कई सांप इंसानों के लिए नुकसानदायक नहीं होते।
कई गैर-जहरीले सांप खेतों और घरों के आसपास मौजूद चूहों और अन्य छोटे जीवों को खाते हैं। इस वजह से वे किसानों के लिए फायदेमंद भी साबित होते हैं। ये फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों की संख्या नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
जहरीले सांपों की पहचान कैसे करें?
जहरीले और बिना जहरीले सांपों की पहचान करना आसान नहीं होता, क्योंकि कई बार दोनों एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। सिर्फ रंग या आकार देखकर सांप की पहचान करना सुरक्षित तरीका नहीं है।
भारत में पाए जाने वाले कुछ बेहद जहरीले सांपों में रसेल वाइपर, कोबरा, करैत और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। इन सांपों के काटने पर तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सांप को देखकर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
रसेल वाइपर से रहें सावधान
रसेल वाइपर भारत के खतरनाक जहरीले सांपों में गिना जाता है। यह अक्सर खेतों, घास वाले इलाकों और झाड़ियों में पाया जाता है। इसका रंग आसपास के वातावरण से मिलता-जुलता होने के कारण इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है।
यह सांप खतरा महसूस होने पर तेजी से हमला कर सकता है। इसलिए खेतों में काम करते समय जूते पहनना, हाथ डालने से पहले जगह की जांच करना और अंधेरे में टॉर्च का इस्तेमाल करना जरूरी है।
सांप काटने पर क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए—
- पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और ज्यादा चलने-फिरने से रोकें।
- काटे गए हिस्से को हिलाने से बचाएं।
- तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
- सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें, बल्कि संभव हो तो उसकी पहचान के लिए सुरक्षित दूरी से फोटो ले सकते हैं।
क्या नहीं करना चाहिए?
सांप काटने के बाद झाड़-फूंक, घरेलू नुस्खे या घाव को काटकर खून निकालने जैसी पुरानी मान्यताओं से बचना चाहिए। ये तरीके नुकसान पहुंचा सकते हैं और इलाज में देरी कर सकते हैं।
बरसात के मौसम में थोड़ी सावधानी और जागरूकता से सांपों से जुड़े हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। सांप प्रकृति के महत्वपूर्ण जीव हैं और कई प्रजातियां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए डर के बजाय सही जानकारी और सतर्कता जरूरी है।