क्या बच्चों के लिए बंद हो जाएगा Social Media? 20 से ज्यादा देशों ने उठाया बड़ा कदम, भारत भी इसी राह पर है?| Navbharat Live

Updated On: Jul 13, 2026 | 06:06 PM IST

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सार

Social Media Ban: क्या आने वाले समय में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा? यह सवाल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें कई देश यह कदम उठा चुके है।

Social Media Ban for Kids Over 20 countries have taken a major step

Social Media Ban (Source. Gemini)

विस्तार

Social Media Ban for Kids: क्या आने वाले समय में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा? यह सवाल इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है में है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने जिस कदम को पहले एक पॉलिसी एक्सपेरिमेंट के तौर पर लागू किया था अब वही दुनिया के कई देशों में नई नीति का आधार बनता दिख रहा है। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के बाद यूएई समेत 20 से अधिक देश बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने या ऐसा कानून लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

वहीं हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले की सराहना की थी। इसके बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि भविष्य में भारत भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर इसी तरह के नियमों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि फिलहाल भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।

किन देशों में लागू हो चुका है प्रतिबंध?

रिपोर्ट में सामने आया है कि दुनिया के 5 देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू हो चुका है। जिसमें ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल दिसंबर से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाई थी। वहीं चीन में नाबालिगों के लिए 2023 से ही कड़े नियम लागू हैं। वहीं इंडोनेशिया ने इस साल मार्च में ऐसा कानून लागू किया जबकि मलेशिया भी इसी तरह का नियम ला चुका है। तुर्की इस साल के अंत तक और यूएई अगले साल से बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू करने की तैयारी में हैं।

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कई बड़े देश भी ला रहे हैं नए कानून

यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कई देश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यूके और ग्रीस में 2027 से, जबकि स्वीडन में 2028 से बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू करने की योजना है। कनाडा और नॉर्वे भी इसी साल नया कानून ला सकते हैं। इसके अलावा जर्मनी, डेनमार्क, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्लोवेनिया, फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन और इटली जैसे देशों में भी ऐसे नियमों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

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आखिर क्यों बढ़ रही है बैन की मांग?

बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। जिसमें विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, मोटापा, नींद की समस्या और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी परेशानियां बढ़ा सकता है। बैन के समर्थकों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मूल रूप से बच्चों के लिए डिजाइन नहीं किए गए थे। लेकिन इस फैसले के आलोचकों की राय अलग है। उनका कहना है कि केवल प्रतिबंध लगाने से समस्या खत्म नहीं होगी क्योंकि बच्चे दूसरे तरीकों से सोशल मीडिया तक पहुंच बना सकते हैं। ऐसे में कई विशेषज्ञ डिजिटल शिक्षा, पैरेंटल कंट्रोल और सुरक्षित ऑनलाइन माहौल को भी समान रूप से जरूरी मानते हैं।

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