Sonal Dinusha:सबसे ज्यादा रन मारे, सबसे ज्यादा शतक लगाए, इसके बावजूद सोनल के साथ नाइंसाफी?

सबसे ज्यादा रन बनाए, सबसे ज्यादा शतक लगाए, कई रिकॉर्ड तोड़ डाले, अपनी टीम को हार से बचाया लेकिन इसके बावजूद सोनल दिनुशा के साथ बड़ा खेल हो गया. सोनल दिनुशा को इतना सबकुछ करने के बावजूद प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड नहीं मिला. ये अवॉर्ड दे दिया गया भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को, जिन्होंने टेस्ट सीरीज में बैटिंग तो कमाल की लेकिन वो शतक और रनों के मामले में सोनल दिनुशा से पीछे ही रहे. सवाल ये है कि आखिर कैसे दिनुशा को ये अवॉर्ड नहीं मिला.

सोनल दिनुशा और पडिक्कल के बीच बड़ा अंतर

सोनल दिनुशा ने टेस्ट सीरीज के दोनों मैचों में कमाल प्रदर्शन किया. कुछ ऐसा ही कमाल देवदत्त पडिक्कल ने भी किया. लेकिन दिनुशा बल्ले से प्रदर्शन के मामले में पडिक्कल से काफी आगे रहे. सोनल ने 2 मैचों में 140 की औसत से 420 रन बनाए. उन्होंने उन्होंने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 100 रन बनाए. उसी मैच की दूसरी पारी में सोनल ने 84 रन बनाए. कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में सोनल ने 103 रन बनाए और दूसरी पारी में भी उन्होंने सेंचुरी जड़ दी. यही नहीं सोनल ने सीरीज में सबसे ज्यादा 8 छक्के भी जड़े. उनका सीरीज में बेस्ट एवरेज भी रहा.

दूसरी ओर देवदत्त पडिक्कल ने 2 मैचों में 328 रन बनाए. इस खिलाड़ी ने गॉल और कोलंबो में शतक ठोका. हालांकि इस खिलाड़ी को तीन ही पारियां खेलने का मौका मिला लेकिन फिर भी सोनल ने उनके मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया. बड़ी बात ये है कि सोनल ने उस वक्त ये रन बनाए जब उनकी टीम एक टेस्ट हार चुकी थी. दूसरे टेस्ट मैच में टीम को फॉलोऑन मिल गया था. इसलिए प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड में उनका हक बनता था.

सोनल दिनुशा के रिकॉर्ड

कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाकर सोनल ने कई रिकॉर्ड बना डाले. सोनल दिनुशा दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं जिसने एक टेस्ट सीरीज में महज चार पारियों में नंबर 6 या उससे नीचे बैटिंग ऑर्डर पर खेलते हुए तीन शतक लगा दिए. सोनल दिनुशा श्रीलंका के पहले क्रिकेटर हैं जिसने फॉलोऑन वाले टेस्ट मैच में दोनों पारियों में शतक लगाया है. सोनल दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं जिसने भारत के खिलाफ नंबर 6 या उससे नीचे बैटिंग करते हुए दोनों पारियों में सैकड़ा जड़ा है.

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

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