Space War Escalation: चीनी सैटेलाइट के रहस्यमयी तरीके से टूटने से हड़कंप; 'स्पेस वॉर' और एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की आशंका - Haribhoomi
जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए घातक ईरानी मिसाइल हमले में चीनी सैटेलाइट डेटा के इस्तेमाल के दावों के बीच अब चीन के खुफिया सैटेलाइट के रहस्यमयी तरीके से अपनी कक्षा से भटक कर टूटने की खबर आई है।
चीन के खुफिया सैटेलाइट के रहस्यमयी तरीके से अपनी कक्षा से भटक कर टूटने की खबर है।
- Published: 15 Sep 2026, 05:45 PM IST
- Last Updated: 15 Sep 2026, 05:45 PM IST
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अंतरिक्ष से जुड़ी इस रहस्यमयी घटना ने अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक और सैन्य गतिरोध को बढ़ा दिया है। रक्षा और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, जॉर्डन के 'मुवफ्फक साल्टी एयर बेस' पर हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले से पहले और बाद की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें चीनी संस्थाओं द्वारा ईरान को उपलब्ध कराई गई थीं। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद चीन के एक खुफिया सैटेलाइट का अचानक कक्षा में विखंडित होना किसी बड़ी अंतरिक्ष जंग के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी सैनिकों पर हमले में चीनी सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल
जॉर्डन में अमेरिकी वायुसेना के बेस पर हुए मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान के पास हमले के सटीक लोकेशन की जानकारी चीनी सैटेलाइट्स द्वारा मुहैया कराई गई खुफिया तस्वीरों से मिली थी।
हालांकि, वाशिंगटन ने सीधे तौर पर चीन सरकार को जिम्मेदार न ठहराते हुए चीन-आधारित कंपनियों पर यह संवेदनशील डेटा लीक करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने संबंधित कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई भी शुरू की है।
ऑर्बिट में रहस्यमयी विखंडन और 'स्पेस वॉर' की आशंकाएं
सैटेलाइट डेटा शेयरिंग के आरोपों के बीच चीन का खुफिया निगरानी सैटेलाइट अचानक अपनी कक्षा में अस्वाभाविक गतिविधि दिखाते हुए विखंडित हो गया। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक सामान्य तकनीकी खराबी या ईंधन टैंक का विस्फोट नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे किसी एंटी-सैटेलाइट (ASAT) हथियार या निर्देशित ऊर्जा हथियार का प्रयोग भी हो सकता है।
सैटेलाइट के इस तरह अचानक टूटने से अंतरिक्ष में भारी मात्रा में खतरनाक 'स्पेस मलबे' का जमावड़ा हो गया है, जिससे अन्य व्यावसायिक व सैन्य सैटेलाइट्स के लिए जोखिम बढ़ गया है।
अमेरिका-चीन संबंधों पर कूटनीतिक असर और चीन की सफाई
अमेरिकी विदेश विभाग और पेंटागन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और चीन से ऐसे संवेदनशील सैन्य डेटा के हस्तांतरण पर जवाब मांगा है। दूसरी ओर, चीन के विदेश मंत्रालय और वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने अमेरिकी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि चीन का ईरान के साथ सभी प्रकार का सहयोग अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में है और अमेरिका बिना किसी पुख्ता सबूत के उस पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। बहरहाल, इस घटना ने अमेरिका और चीन के बीच पहले से जारी तनाव को अब धरती से निकालकर अंतरिक्ष तक पहुंचा दिया है।