जमशेदपुर SSP अपराध पर नकेल कसने में नाकाम! 36.43 करोड़ की बैंक डकैती पर उठे सवाल

Jamshedpur News: शहर में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय को 30 जून 2026 को पद से हटा दिया गया था. इसके अगले दिन 1 जुलाई को 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. एहतेशाम वकारिब को जमशेदपुर का नया एसएसपी बनाया गया. नए एसएसपी के आने के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया, लेकिन इसके बावजूद शहर में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला जारी रहा. हत्या, फायरिंग, रंगदारी, हत्या की साजिश, चोरी और अवैध हथियार व नशे से जुड़े मामले सामने आते रहे. अब 24 सितंबर को हुई करोड़ों रुपये की बैंक डकैती ने पुलिस की अपराध नियंत्रण व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

झारखंड गठन के बाद सबसे बड़ी बैंक डकैती

24 सितंबर को गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में पांच हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती की. अपराधियों ने बैंककर्मियों को बंधक बनाया और सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के बाद मैनेजर को हथियार के बल पर चेस्ट और गोल्ड सेफ खुलवाया. अपराधी करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए. कुल लूट की कीमत करीब 36.43 करोड़ रुपये बताई गई है. उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड गठन के बाद किसी वित्तीय संस्थान में यह सबसे बड़ी स्वर्ण और नकदी डकैती है. 

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी वारदात की तैयारी पुलिस के खुफिया तंत्र की नजर से कैसे बची. पुलिस के अनुसार अपराधियों ने बैंक खुलने के समय, सुरक्षा व्यवस्था और भागने के रास्तों की रेकी की थी. वारदात के बाद पुलिस ने 20 अधिकारियों की एसआईटी गठित की है और सीमावर्ती इलाकों में जांच शुरू की है.

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पुलिस का सूचना तंत्र क्या कर रहा था. अपराधी बैंक की रेकी कर रहे थे, वारदात की तैयारी कर रहे थे और दिनदहाड़े बैंक में घुसकर करोड़ों रुपये की लूट कर फरार हो गए, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी.

शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब और अवैध लॉटरी के संचालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में इन गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

केस स्टडी-1 : 27 जून का हिमांशु सिंह हत्याकांड

नए एसएसपी की तैनाती से पहले 27 जून की रात बिष्टुपुर के डीडी बार में विवाद के बाद करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या हुई थी. इस मामले को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे और इसके बाद पुलिस नेतृत्व में बदलाव हुआ. 7 जुलाई को एसआईटी ने बार मैनेजर समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा वारदात में इस्तेमाल हथियार और बाइक बरामद की.

केस स्टडी-2 : 18 जुलाई को रंगदारी के लिए फायरिंग

18 जुलाई की शाम टिनप्लेट सब्जी मार्केट के कारोबारी मथुरा पोद्दार से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने और विरोध करने पर दो राउंड फायरिंग का मामला सामने आया. 24 जुलाई को पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दो देसी कट्टे, चार कारतूस, एक खोखा और बाइक बरामद की.

केस स्टडी-3 : 19 जुलाई की फायरिंग और हत्या की साजिश

जुगसलाई इलाके में 19 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना की कड़ी भी पुलिस ने बाद में पकड़े गए अपराधियों से जोड़कर जांच की. 21 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि अपराधी मो. निजाम की हत्या की साजिश रची जा रही है. कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और हथियार बरामद किए गए.


केस स्टडी-4 : 24 अगस्त का निखार सबलोक हत्याकांड

24 अगस्त को होटल क्रिस्टल के मालिक निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस जांच में उनके शरीर में 11 गोलियां लगने की बात सामने आई. बाद की जांच में सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सऐप चैट के जरिए साजिश की कड़ियां जोड़ने का दावा पुलिस ने किया. 16 सितंबर को इस हत्याकांड से जुड़े शूटर सागर सिंह को धनबाद में पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी और उसके दो सहयोगी पकड़े गए.

केस स्टडी-5 : सितंबर में चोरी की वारदात

सितंबर में चोरी की घटनाओं ने भी पुलिस के सामने चुनौती बढ़ाई. 21 सितंबर को जुगसलाई की मल्लिक प्लाई सेंटर में चोरी हुई. प्रारंभिक अनुमान में करीब पांच लाख रुपये के सामान की चोरी बताई गई, जिसमें एक लाख रुपये से अधिक नकदी, लैपटॉप, चांदी के सिक्के और सोने का सिक्का शामिल था. सीसीटीवी में संदिग्धों की गतिविधियां कैद हुईं.

23 सितंबर को सिदगोड़ा में टाटा स्टीलकर्मी के बंद क्वार्टर से दिनदहाड़े करीब 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और 20 हजार रुपये नकद चोरी होने का मामला सामने आया. इसी दौरान बिष्टुपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया और 21 चोरी की बाइक बरामद की. पुलिस के अनुसार गिरोह पार्क और अस्पतालों से बाइक चोरी कर उन्हें बंगाल और ओडिशा में बेचता था.

केस स्टडी-7 : 24 सितंबर की ऐतिहासिक बैंक डकैती

इन सभी घटनाओं के बीच 24 सितंबर की केनरा बैंक डकैती सबसे बड़ी वारदात बनकर सामने आई. गोलमुरी स्थित बैंक में पांच हथियारबंद अपराधी पहुंचे. बैंककर्मियों को बंधक बनाया गया, सुरक्षा गार्ड पर हमला किया गया और मैनेजर को हथियार के बल पर चेस्ट और गोल्ड सेफ खुलवाने के बाद करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद लेकर अपराधी फरार हो गए. पुलिस के अनुसार वारदात सुबह करीब 9:20 से 9:44 बजे के बीच हुई.

केस स्टडी-8 : बैंक डकैती के 24 घंटे बाद फिर गोलमुरी में चोरी

25 सितंबर, यानी बैंक डकैती के ठीक अगले दिन, गोलमुरी बाजार की आरती ज्वेलरी में चोरी हो गई. चोर वेंटिलेटर तोड़कर दुकान में घुसे और सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी लेकर फरार हो गए. शुरुआती जानकारी में चोरी की कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

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