Success Story: माफियाओं के लिए काल हैं SDM शिवानी, पहले ही अटेम्प्ट में MPPSC क्रैक कर बनीं SDM

Aug 22, 2026 05:55 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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खास बात यह भी है कि उन्होंने अपनी तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता हासिल की। प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सख्त कार्यशैली के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।

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एमपी की युवा एसडीएम शिवानी गर्ग

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पास करने में कई अभ्यर्थियों को सालों की मेहनत और कई प्रयास लग जाते हैं। लेकिन शिवानी गर्ग की कहानी अलग है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए खास प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं। शिवानी गर्ग ने पहले ही प्रयास में MPPSC PCS परीक्षा पास कर SDM का पद हासिल किया। खास बात यह भी है कि उन्होंने अपनी तैयारी के लिए किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता हासिल की। प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सख्त कार्यशैली के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।

कौन हैं SDM शिवानी गर्ग?

शिवानी गर्ग मध्य प्रदेश के एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। उनके परिवार ने शुरू से ही शिक्षा को प्राथमिकता दी। माता-पिता ने उनकी पढ़ाई को लेकर पूरा सहयोग किया और शिवानी ने भी इस भरोसे को अपनी मेहनत से सही साबित किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें सिविल सर्विस में जाना है।

शिवानी पढ़ाई में शुरू से ही अच्छी थीं। उन्होंने साल 2015 में ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू कर दी। उनके सामने लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट था और इसी के अनुसार उन्होंने अपनी पढ़ाई की रणनीति तैयार की।

पहली कोशिश में पास की MPPSC परीक्षा

MPPSC PCS परीक्षा को देश की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा में हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही उम्मीदवारों को मिलती है। शिवानी गर्ग ने अपनी पहली ही कोशिश में इस परीक्षा को पास कर लिया। उनकी सफलता की खास बात यह रही कि उन्होंने तैयारी के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने सेल्फ स्टडी, नियमित पढ़ाई और बेहतर रणनीति पर भरोसा किया। उनका मानना था कि परीक्षा की सही समझ और लगातार मेहनत के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

SDM बनने के बाद सख्त अधिकारी की पहचान

MPPSC में चयन के बाद शिवानी गर्ग की पोस्टिंग गुना जिले में SDM के तौर पर हुई। प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने अपने काम करने के तरीके से लोगों का ध्यान खींचा। कानून-व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े मामलों में उन्होंने सख्त रवैया अपनाया। बताया जाता है कि उन्होंने एंटी-माफिया अभियान के तहत भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की। यही वजह है कि उनकी कार्यशैली की चर्चा अक्सर होती है।

पढ़ाई के दौरान हुई थी अंशुल गर्ग से मुलाकात

शिवानी गर्ग की निजी जिंदगी भी उनके संघर्ष और फैसलों से जुड़ी रही है। पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात अंशुल गर्ग से हुई। अंशुल गर्ग जेल अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। दोनों के बीच दोस्ती धीरे-धीरे आपसी समझ और विश्वास में बदल गई। हालांकि, दोनों के रिश्ते के सामने कई सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियां भी आईं। इंटर-कास्ट मैरिज होने के कारण उन्हें परिवार और समाज के दबाव का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद दोनों ने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया और करीब दो साल बाद शादी कर ली।

युवाओं के लिए प्रेरणा है शिवानी की कहानी

शिवानी गर्ग की कहानी सिर्फ MPPSC परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं है। यह कहानी बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो मुश्किल परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।