Sukma Potacabin Student Sick: सुकमा के पोलमपल्ली पोटाकेबिन हॉस्टल की अधीक्षक को हटाया, 47 छात्राएं हुईं थीं बीमार, सभी छात्रावासों की जांच करेगी टीम
Sukma Potacabin Student Sick Update: सुकमा के पोलमपल्ली पोटाकेबिन हॉस्टल की अधीक्षक पद्मलता मोरे को हटा दिया गया है। 47 छात्राओं के बीमार होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। हॉस्टल में साफ-सफाई, भोजन, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही सामने आई थी।
पद्मलता मोरे की जगह सहायक टीचर को जिम्मेदारी
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पोलमपल्ली पोटाकेबिन और RMSS हॉस्टल की छात्राओं को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। फूड पॉइजनिंग से तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई गई थी।
कलेक्टर ने किया था हॉस्टल का निरीक्षण
कलेक्टर ने 29 अगस्त को खुद संस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालन में कई तरह की कमियां मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने 28 और 29 अगस्त को स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी बच्चों की जांच भी की।
जांच के लिए बनाई 3 अधिकारियों की टीम
मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है। वहीं, कोंटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी से भी निरीक्षण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था में बदलाव
बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए पोटाकेबिन में दो नए वाटर फिल्टर लगाए गए हैं। बच्चों को अब नियमित रूप से पानी उबालकर ठंडा करने के बाद पिलाया जा रहा है। पूरे परिसर की सफाई और सैनिटाइजेशन कराया गया है। इसके अलावा नालियों और शौचालयों में ब्लीचिंग पाउडर भी डाला गया है।
जांच के लिए भेजे गए पानी के सैंपल
PHE विभाग ने पोटाकेबिन में इस्तेमाल होने वाले पानी के नमूने जांच के लिए लिए हैं। वहीं, खाद्य विभाग ने बच्चों को दिए जाने वाले खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। इसके साथ ही हाथ धोने और बर्तन साफ करने के लिए अलग-अलग जगह तय की गई हैं।
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कन्या आश्रम की अधीक्षक को भी हटाया
गंजेनार शासकीय कन्या आश्रम भवन की मरम्मत पूरी नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अधीक्षक जसवती मांझी को पद से हटा दिया है। उनकी जगह सहायक शिक्षक आशाकली को आश्रम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, जसवती मांझी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
सभी पोटाकेबिन और छात्रावासों की होगी निगरानी
पोलमपल्ली की घटना के बाद प्रशासन ने जिले के सभी पोटाकेबिन और छात्रावासों की जांच के आदेश दिए हैं। जिला स्तर के अधिकारियों को इन जगहों का निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच करने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।