Sultanpur DRDA PD Suspended: सुल्तानपुर परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह निलंबित, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा एक्शन - Haribhoomi

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पदीय दायित्वों में लापरवाही और मातहतों से दुर्व्यवहार के आरोप में सुलतानपुर DRDA के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya (File photo)

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (फाइल फोटो)

  • Published: 17 Sep 2026, 04:17 PM IST
  • Last Updated: 17 Sep 2026, 04:17 PM IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक लापरवाही और जनसेवा के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण DRDA, सुलतानपुर के परियोजना निदेशक पीडी अशोक कुमार सिंह को शासकीय कार्यों में लापरवाही, पद की गरिमा के प्रतिकूल आचरण और अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उनके विरुद्ध वृहद जांच बैठाने के आदेश दिए हैं।

​शासकीय आचरण नियमावली के उल्लंघन पर गिरी गाज

शासकीय जानकारी के अनुसार, परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह पर अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ अशोभनीय व आपत्तिजनक व्यवहार करने, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। उनका यह कृत्य उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर संज्ञान लेते हुए उप्र सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित की गई है।

​अंतिम पायदान तक पहुंचे लाभ, लापरवाही अस्वीकार्य

निलंबन की कार्रवाई करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित और जनसेवा है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना और जनता को समयबद्ध, पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है। जो भी अधिकारी जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर उतारने में हीलाहवाली करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

​अफसरों को सख्त चेतावनी

उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में निर्देश दिया कि शासकीय मशीनरी में अनुशासनहीनता और जनता के कार्यों के प्रति अरुचि किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अफसरों की पहली जिम्मेदारी है। सुलतानपुर परियोजना निदेशक का निलंबन इसी नीति के तहत की गई नजीर है, जिससे विभाग के अन्य लापरवाह अधिकारियों में भी कड़ा संदेश गया है।