Terror Module: आतंक के खिलाफ गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच आरोपी गिरफ्तार

गुजरात एटीएस ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां राज्य के विभिन्न जिलों से हुई हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कड़ीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खली अयूब सुनसारा, शाफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करडिया के रूप में हुई है। इन्हें पाटन जिले की सिद्धपुर तहसील के खड़ियाल गांव से गिरफ्तार किया गया।



संदिग्धों से पूछताछ में मिला सुराग


अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आठ संदिग्ध सदस्यों से पूछताछ के दौरान इन पांचों के नाम सामने आए थे। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर मेहसाणा जिले के कड़ी कस्बे में न्यायिक मजिस्ट्रेट आर. एम. भाटिया की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सभी आरोपियों को 24 जुलाई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया।

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आरोपियों ने बम बनाने की कोशिश की


लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है, क्योंकि उनमें से एक ने टाइम बम बनाने का प्रयास किया था। साथ ही, बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित उर्दू साहित्य की बरामदगी अभी बाकी है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आरोपियों के नाम जांच के दौरान सामने आए। उन्होंने बताया कि एटीएस यह भी पता लगाना चाहती है कि बम बनाने की सामग्री कहां से जुटाई गई, उसे कहां छिपाकर रखा गया, आरोपियों ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े जिहादी साहित्य कैसे प्राप्त किए और उन्हें कहां छिपाया गया।

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आरोपियों ने एक देसी टाइम बम का परीक्षण करने की कोशिश भी की थी, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। पहले गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में शामिल अमीन नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई थी, जबकि एक आरोपी को बम बनाने की तकनीक की जानकारी थी।



जुलाई में आठ आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार


गौरतलब है कि 3 जुलाई को गुजरात एटीएस ने प्रतिबंधित पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आठ संदिग्ध सदस्यों को गुजरात और उससे सटे मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि आरोपी गुजरात में एक सक्रिय आतंकी नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे।