The Bonus Market Updates: शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार सपाट, सेंसेक्स 178 अंक चढ़ा; निफ्टी 24,600 के पार

घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को घरेलू मांग मजबूत रहने, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक फीसदी की तेजी से बाजार को कुछ दबाव भी झेलना पड़ा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 फीसदी बढ़कर 78,676 अंक के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 50 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 24,620 अंक के स्तर पर पहुंच गया।



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फार्मा और आईटी शेयरों में तेजी


सेक्टर के हिसाब से देखें तो सोमवार को निफ्टी फार्मा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख सूचकांकों में रहा और इसमें 0.72 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी500 हेल्थकेयर दोनों में 0.63 फीसदी की तेजी रही। आईटी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम 0.58 फीसदी और निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी चढ़ा। इसके अलावा निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी कंपनियों के शेयर भी बढ़त में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, कुछ सेक्टरों पर दबाव रहा। निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 फीसदी गिरकर सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके बाद पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

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पहली तिमाही के बेहतर नतीजों से बाजार को सहारा


बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, शेयर बाजार का रुख फिलहाल हल्का सकारात्मक बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे और देश में मजबूत बनी हुई घरेलू मांग है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमाई का मौजूदा सीजन अब लगभग खत्म होने वाला है और ज्यादातर कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। घरेलू मांग मजबूत रहने पर चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।



इन सेक्टरों पर बनी रह सकती है नजर


विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियां मौजूदा चुनौतियों के बावजूद अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि, कमजोर मानसून बाजार के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। देश के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही है। लेकिन जुलाई में बारिश में सुधार होने से इस कमी का कुछ असर कम हुआ है।



विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी राहत


बाजार के लिए एक और सकारात्मक संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख है। विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेशक जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे। अगस्त में भी अब तक ज्यादातर कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी है। इससे बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह बना हुआ है और निवेशकों के भरोसे को समर्थन मिल रहा है।



कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी चिंता


दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार के लिए कुछ चिंता बढ़ाई है। ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 1.59 फीसदी चढ़कर 79.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बता दें कि, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है।