'डॉक्टर की तरह जनता को चुनना होगा अपना नेता'... TV9 भारतवर्ष के मंच पर अवध ओझा ने बेबाकी से रखी अपनी राय
TV9 भारतवर्ष के एजुकेशन समिट ‘भारतवर्ष के टॉपर’ का दूसरा सीजन सोमवार 21 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है. समिट में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य पर चर्चा की गई. कार्यक्रम में प्रतिष्ठित नीति-निर्माताओं के साथ शिक्षा जगत से जुड़ी दिग्गज हस्तियां, प्रख्यात शिक्षाविद, स्कूल प्रिंसिपल्स और मेधावी छात्र उपस्थित रहे, जिसमें प्रमुख शिक्षाविद अवध ओझा ने भी शिरकत की. इस दौरान ‘अवध सर की क्लास नाम’ से आयोजित सेशन में उन्होंने बेबाकी के साथ अपनी राय रखते हुए कहा कि देश की जनता को डॉक्टर की तरफ अब अपना नेता भी चुनना होगा.
आइए, विस्तार से जानते हैं कि ‘भारतवर्ष के टॉपर’ के मंच पर अवध ओझा ने किन-किन मुद्दों पर अपनी बात रखी. जानते हैं कि उन्होंने क्या-क्या कहा.
राइट टू रिकॉल की जरूरत
‘भारतवर्ष के टॉपर’ के मंच परअवध ओझा ने राइट टू रिकॉल की बात करते हुए कहा कि भारत के संविधान में राइट टू रिकॉल एक्ट को एड किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये हर नागरिक के हाथ में होना चाहिए कि. उन्होंने कहा कि ये हक जनता के हाथ में होना चाहिए कि अगर हम वोट देकर किसी शख्स को चुनते है और उसे संसद में भेजते हैं तो उसी शख्स को वोट के जरिए वापस बुला सकें. उन्होंने कहा कि इससे कहीं न कही जनता की ताकत बढ़ेगी. साथ ही नेताओं पर एक दबाव भी बनेगा कि अगर ऐसा कुछ होगा तो उन्हें संसद से वापस बुला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा कई सारे देशों में है और भारत में भी ऐसा हो सकता है.
‘जनता को अब जागरूक होना पड़ेगा’
इसके आगे उन्होंने कहा कि भारत की जनता को अब जागरूक होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जिस पैरामीटर पर जनता डॉक्टर , शिक्षक चुनती है, उसकी जात, धर्म नहीं देखती बल्कि उसकी काबिलियत के आधार पर उसे चुनती है तो देश में नेताओं का चयन भी काबिलियत के आधार पर होना चाहिए.
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
भारत की शिक्षा व्यवस्था को लेकर अवध ओझा ने कहा कि उन्होंने आगे कहा कि आज भारत का युवा विदेश में पढ़ना चाहता है. वो पढ़ाई के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, चाईना, रशिया जैसे देशों में जाना चाहता है. उन्होंने कहा कि क्या हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी नहीं कि कि हमारे युवा अपने देश में ही पढ़ सकें.
उन्होंने कहा कि जो जनता का प्रतिनिधित्व करता है उसके पास एक लेवल ऑफ समझदारी होना ही चाहिए. उन्होंने कहा कि हर शहर में एक सिविल सोसाइटी होनी चाहिए और वो सोसाइटी डिसाइड करे कि चुनाव कौन लड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दल जनता द्वारा नामित व्यक्ति को टिकट नहीं दे रही हैं तो जनता उन्हें खुद चुनाव लड़ाएगी. उन्होंने कहा कि अगर 8 से 10 हजार लोग किसी के पीछे खड़े हो जाते हैं तो उसे बाहर के किसी समर्थन की जरूरत ही नहीं है.उन्होंने कहा कि आज पार्टियां उस शख्स को टिकट देती हैं जो चुनाव में जीत दर्ज कर सकता है. यही टिकट देने की उनकी यही प्रायोरिटी है.
सोनम वांगचुक का किया जिक्र
इस दौरान अवध ओझा ने अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए कहा कि वो भारत के युवाओं के लिए अनशन कर रहे हैं न कि अपने लिए. उन्होंने कहा कि जब उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें प्रदर्शन स्थल से उठाकर अस्पताल ले गए. उन्होंने कहा कि सरकार का काम ये है कि अगर कोई व्यक्ति आपसे नाराज है तो उससे बात करे. उन्होंने कहा कि बात करने से ही चीजें ठीक होती है.
अवध ओझा ने गांधी का भी किया जिक्र
अवध ओझा ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी एक वकील के रूप में साउथ अफ्रीका गए. वहां वो राज नेता बन गए उन्होंने वहां संघर्ष किया और जीतकर भारत आए. उन्होंने कहा कि जब गांधी जी भारत आए तो उस समय वर्ल्ड वॉर चल रहा था. उस समय उन्होंने कहा था कि वो अंग्रेजों को डिस्टर्व नहीं करेंगे क्योंकि अंग्रेजों ने कहा था कि वो जनता के अधिकारों के लिए चल रहे हैं. वो जनता जो शोषित हो रही है, वो उसके लिए लड़ रहे हैं. तब गांधी जी ने कहा था कि अगर जनता के अधिकारों की बात है तो वो उनके साथ हैं.

जूही उरूषा खान
जूही उरूषा खान पिछले 12 साल से पत्रकारिता से जुड़ी हुई हैं. भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से फिल्म जर्नलिज्म की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली आकर BAG में एंटरटेनमेंट बीट पर इंटर्नशिप की. बाद में CNEB न्यूज चैनल में एंटरटेनमेंट बीट में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया, साथ ही प्रोग्रामिंग को भी देखा.<p></p>CNEB के बाद VOICE OF INDIA में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर काम करना शुरू किया. यहां से फिर जनसंदेश न्यूज चैनल के साथ जुड़ीं और प्रोग्रामिंग में काम किया. इसके बाद 4 REAL NEWS चैनल में करीब चार साल न्यूज के साथ ही प्रोग्रामिंग और धार्मिक शोज पर काम किया.<p></p>यहां से राज्यसभा टीवी का रुख किया और प्रोग्रामिंग में काम किया. इसके साथ ही एंकरिंग करना भी शुरू की. इसके बाद सूर्या समाचार में प्रोग्रामिंग में एंटरटेनमेंट बीट पर बतौर प्रोड्यूसर काम किया.<p></p>जी बिहार झारखंड में भी काम करने का अनुभव है. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ी हुई हैं.
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