Uber में सबसे बड़ी छंटनी! 3,300 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, जानिए क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला
Sep 02, 2026 10:39 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली

मुख्य बातें
- Uber Layoffs 2026: Uber टेक्नोलॉजी करीब 3,300 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है, जो कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% है
- यह 2020 के बाद Uber की सबसे बड़ी छंटनी है
- कंपनी मैनेजमेंट की परतों को कम करके संगठन को सरल और तेज बनाना चाहती है

Uber से जाएगी 3,300 कर्मचारियों की नौकरी।
दुनिया की बड़ी ऐप-कैब कंपनियों में शामिल Uber ने कर्मचारियों की संख्या घटाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी करीब 3,300 कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने जा रही है, जो उसके कुल कर्मचारियों का लगभग 10 फीसदी है। यह कोरोना महामारी के दौरान 2020 में हुई छंटनी के बाद Uber का सबसे बड़ा वर्कफोर्स कट है। कंपनी के मुताबिक इस कदम का मकसद संगठन को आसान बनाना, मैनेजमेंट को कम करना और खर्च घटाना है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की रिपोर्ट के अनुसार, इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद Uber में मैनेजरों की संख्या करीब 20 फीसदी तक कम हो जाएगी। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कुल मैनेजरों में से कितने लोगों को सीधे नौकरी से हटाया जाएगा। छंटनी सिर्फ मैनेजरों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि दूसरे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों पर भी इसका असर पड़ेगा। Uber की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के अंत तक कंपनी में दुनियाभर में करीब 34,000 कर्मचारी थे।
Uber का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कंपनी को अपने कारोबार को लेकर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर अमेरिका में Waymo जैसी बिना ड्राइवर वाली राइड-हेलिंग सेवा कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बिना ड्राइवर चलने वाली टैक्सी सेवाओं को भविष्य में पारंपरिक ऐप-कैब कारोबार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इस चिंता का असर Uber के शेयर पर भी देखने को मिला और कंपनी के शेयर में करीब 8 फीसदी तक गिरावट आई थी। इसके अलावा शेयर ने व्यापक S&P 500 इंडेक्स की तुलना में भी कमजोर प्रदर्शन किया है। ऐसे माहौल में Uber अब अपने संगठन को ज्यादा तेज और कम खर्चीला बनाने की कोशिश कर रही है।
Uber के CEO डारा दारा खोसरोशाही (Dara Khosrowshahi) ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा कि पिछले कुछ सालों में कंपनी के तेजी से विस्तार के कारण संगठन में कई अतिरिक्त स्तर बन गए हैं। इससे फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी हुई और कई कर्मचारी ऐसे काम में लगे थे जिनका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग टीमों के बीच तालमेल बैठाना था। कंपनी अब ऐसे छोटे-छोटे समूहों को कम करेगी, जिनमें सिर्फ एक या दो कर्मचारी हैं। साथ ही CEO से 7 या उससे ज्यादा स्तर नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या भी घटाई जाएगी। Uber अपने इंजीनियरिंग, साइंस और डिलीवरी से जुड़े प्रमुख विभागों को भी ज्यादा सरल बना रही है। इसके तहत रेस्टोरेंट, रिटेल और व्हाइट-लेबल डिलीवरी से जुड़ी तीन ऑपरेशंस टीमों को मिलाने की योजना है।
खोसरौशाही (Khosrowshahi) का कहना है कि इस रीस्ट्रक्चरिंग से होने वाली बचत को कंपनी दोबारा ग्रोथ, इनोवेशन और नई तकनीकों में लगाएगी। Uber ड्राइवरों, डिलीवरी कूरियर्स और दुनियाभर के मर्चेंट्स के लिए ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है। साथ ही कंपनी अपने मौजूदा कारोबार को मजबूत करने और भविष्य में ऑटोनॉमस यानी बिना ड्राइवर वाली सेवाओं के लिए भी तैयारी कर रही है।
CEO ने अपने संदेश में AI का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया, लेकिन कंपनी के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में भी बदलाव किए जा रहे हैं। यह छंटनी अमेरिका समेत उन दूसरे देशों में भी होगी, जहां Uber अपना कारोबार चलाती है। दिलचस्प बात यह है कि छंटनी की खबर सामने आने के बाद शुरुआती कारोबार में Uber के शेयर करीब 2 फीसदी चढ़ गए। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने कंपनी के लागत घटाने और संगठन को ज्यादा कुशल बनाने के फैसले को फिलहाल सकारात्मक रूप में लिया है। Uber के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह कम कर्मचारियों के साथ कारोबार को तेजी से बढ़ाने के साथ-साथ Waymo जैसी कंपनियों से मिलने वाली भविष्य की चुनौती का सामना कैसे करती है।