UP में 6 लाख तो गोवा में सिर्फ 3 हजार हैं सरकारी टीचर, सरकार ने संसद में बताया डेटा

UP में 6 लाख तो गोवा में सिर्फ 3 हजार हैं सरकारी टीचर, सरकार ने संसद में बताया डेटा

देश में कितने हैं सरकारी अध्यापक

सरकारी स्कूलों में टीचर्स की कमी को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं. अब केंद्र सरकार ने संसद में साफ किया है कि पूरे देश में कितने टीचर के पद खाली हैं, इसका कोई सेंट्रल रिकॉर्ड उसके पास नहीं है. शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि टीचर्स की भर्ती, उनकी नौकरी से जुड़े नियम और कितने पद मंजूर हैं या खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि शिक्षा राज्यों और केंद्र दोनों की जिम्मेदारी वाला विषय है.

हालांकि, मंत्रालय ने UDISE+ 2025-26 के आधार पर सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स का डेटा जारी किया है. इसके मुताबिक देशभर के सरकारी स्कूलों में प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक 51.34 लाख से ज्यादा टीचर पढ़ा रहे हैं. आंकड़ों से यह भी पता चला कि सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा टीचर उत्तर प्रदेश में हैं, जबकि राज्यों में सबसे कम गोवा में हैं. केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि राज्यों को समय-समय पर खाली पदों पर मेरिट के आधार पर पारदर्शी भर्ती करने और समग्र शिक्षा योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है.

देशभर में कितने सरकारी टीचर हैं?

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक UDISE+ 2025-26 के अनुसार सरकारी स्कूलों में कुल 51,34,623 टीचर काम कर रहे हैं. प्राइमरी में 17,54,291, अपर प्राइमरी में 15,32,001, सेकेंडरी में 5,38,824 और हायर सेकेंडरी में कुल 13,09,507 टीचर हैं. मंत्रालय ने साफ किया कि ये सिर्फ काम कर रहे टीचर्स का डेटा है. कितने पद मंजूर हैं और कितने खाली हैं, इसका रिकॉर्ड राज्यों के पास रहता है.

Govt School

UP में सबसे ज्यादा, गोवा में सबसे कम टीचर

सरकारी स्कूलों में टीचर्स की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है. यहां 6,27,124 टीचर काम कर रहे हैं. इसके बाद बिहार में 5,36,061 और मध्य प्रदेश में 3,99,970 टीचर हैं. वहीं राज्यों में Goa में सबसे कम 3,805 टीचर हैं. जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में लक्षद्वीप में सिर्फ 729 टीचर हैं.

किस राज्य में हैं कितने टीचर

रैंक राज्य सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक
1 उत्तर प्रदेश 6,27,124
2 बिहार 5,36,061
3 मध्य प्रदेश 3,99,970
4 पश्चिम बंगाल 4,48,113
5 राजस्थान 4,41,070
6 ओडिशा 2,13,165
7 महाराष्ट्र 2,23,687
8 असम 2,16,716
9 कर्नाटक 1,93,644
10 तमिलनाडु 2,21,451

खाली पदों पर क्या बोली केंद्र सरकार?

लोकसभा में सरकार ने साफ कहा कि पूरे देश में कितने टीचर के पद खाली हैं, इसका कोई सेंट्रल डेटाबेस नहीं है. मंत्रालय के मुताबिक टीचर्स की भर्ती और खाली पद भरने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों की है. केंद्र सरकार समय-समय पर राज्यों को सलाह देती है कि भर्ती पारदर्शी तरीके और मेरिट के आधार पर करें. साथ ही समग्र शिक्षा योजना के तहत आर्थिक मदद भी दी जाती है, ताकि स्कूलों में तय स्टूडेंट-टीचर रेशियो बना रहे.

उत्तर प्रदेश में 81 हजार से ज्यादा पद खाली

हालांकि केंद्र के पास पूरे देश के खाली पदों का रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन Project Approval Board (PAB) की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की स्थिति सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्तर पर 2,50,488 मंजूर पदों में 77,400 पद खाली हैं. वहीं सेकेंडरी स्तर पर 11,083 मंजूर पदों में 4,421 पद खाली हैं. यानी उत्तर प्रदेश में कुल 81,821 टीचर के पद खाली हैं, जो मंजूर पदों का करीब 31% है. केंद्र ने राज्य सरकार से भर्ती प्रक्रिया तेज करने और खाली पद जल्द भरने को कहा है, ताकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े.

देवेश कुमार पांडेय

देवेश कुमार पांडेय

देवेश कुमार पांडेय TV9 Hindi में बतौर सब-एडिटर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले देवेश को राजनीति के अलावा इतिहास, साहित्य में दिलचस्पी है.  साल 2024 में भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) के अमरावती कैंपस से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. देवेश को घूमना, लिखना, पढ़ना और पॉडकास्ट सुनना पसंद है.

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