भारत में पाकिस्तान की फेक करेंसी चेस्ट में भास्कर: UP चुनाव से पहले 80Cr जाली नोट खपाने की डील, एजेंट बोला- हर विधानसभा में डिलिवरी - Bihar News

‘2027 में यूपी चुनाव है। तैयारी अभी से करनी होगी। पिछले चुनाव में 65 करोड़ खपाए थे। अब 80 करोड़ तक पहुंचने का टारगेट है। नेता को सेट कीजिए। हर जिले में हमारे आदमी हैं। ऑर्डर दीजिए पैसे की डिलीवरी हर विधानसभा में हो जाएगी। एक करोड़ में 3 करोड़ के जाली नोट

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यूपी इलेक्शन में जाली नोटों की खेप खपाने का ये दावा रातुल का है। जो खुद को भारत में जाली नोटों की सबसे बड़ी चेस्ट का बिग बॉस बताता है। गुवाहाटी में बैठकर वह फेक करेंसी के पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। पर्दे के पीछे रहकर जाली नोटों का साम्राज्य चलाने वाले रातुल के नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए भास्कर रिपोर्टर फेक करेंसी के चेस्ट तक पहुंचे और यूपी चुनाव के लिए 80 करोड़ की डील की।

पढ़िए और देखिए यूपी चुनाव में जाली नोटों की खेप खपाने की पूरी प्लानिंग..

भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम को यूपी चुनाव में जाली नोटों की बड़ी खेप खपाने की प्लानिंग का इनपुट मिला। ये नोट चुनाव से पहले बिहार के रास्ते यूपी में स्टॉक किए जाने हैं।

भास्कर की टीम इस नेटवर्क की खोज में जुटी तो पहला इनपुट नेपाल के परसा जिले के इनरवा से मिला। बिहार से लेकर यूपी तक जाली नोटों की डीलिंग करने वाली महिला एजेंट मैया पौडेल के बारे में पता चला। काफी पड़ताल के बाद मैया पौडेल से इनपुट मिला कि नेपाल सरकार की सख्ती के बाद अब जाली नोट का कारोबार नेपाल से गुवाहाटी शिफ्ट हो गया। इ

न्वेस्टिगेशन के दौरान नेपाल से ही जाली नोटों के सरगना रातुल का पता चला। नेटवर्क खंगालाने पर रातुल से यूपी चुनाव को लेकर 80 करोड़ की फेक करेंसी की डील हुई।

रिपोर्टर - यूपी में 2027 में चुनाव है, माल चाहिए?

रातुल - मिल जाएगा, चुनाव को लेकर तैयारी चल रही है।

रिपोर्टर - यूपी में हमारे पास कैसे माल पहुंचेगा?

रातुल - फर्स्ट टाइम आपको गुवाहाटी आकर माल देखकर फाइनल करना होगा।

रिपोर्टर - हम आ जाएंगे।

रातुल - पहली बार कितने से काम शुरू करेंगे ?

रिपोर्टर - 3 करोड़ की प्लानिंग है, कितना देना होगा?

रातुल - आपको केवल 1 करोड़ ही देने होंगे।

रिपोर्टर - 3 करोड़ कितने दिन में तैयार हो जाएंगे?

रातुल - ऑर्डर दीजिएगा, माल रेडी हो जाएगा।

डिलिवरी के लिए तैयार किए जा रहे जाली नोटों के बंडल, ये वीडियो एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को भेजा।

डिलिवरी के लिए तैयार किए जा रहे जाली नोटों के बंडल, ये वीडियो एजेंट ने भास्कर रिपोर्टर को भेजा।

एजेंट बोला - हर जिले में मैनेजर लगा दूंगा

डील के दौरान रातुल ने बताया कि नोट की डिलिवरी से पहले वो हर जगह अपने मैनेजर लगा देगा। नोट मैनेजर के पास पहुंच जाएंगे। इसके बाद नेताजी को अपने आदमियों से बंटवाने होंगे।। रातुल ने दावा किया कि ये चाइना का माल है, लेकिन 3 साल तक नोट का कलर फेड नहीं होगा।

रिपोर्टर - चुनाव में तो हमको यूपी के हर जिले में माल चाहिए।

रातुल - आप टेंशन मत लो सब हो जाएगा, मैं वहां मैनेजर लगा दूंगा।

रिपोर्टर- पहले चुनाव में आपका माल यूपी गया है ना?

रातुल - हां, जाता है, इस बार भी जाएगा।

रिपोर्टर - आप मेरा माल यूपी में डिलीवर करा दो।

रातुल - हो जाएगा, मेरा पूरा नेटवर्क लग जाएगा।

रिपोर्टर - माल एक नंबर होना चाहिए, नेता जी को बांटना है, शिकायत नहीं हो।

रातुल - माल एक नंबर है, 3 साल तक कलर फेड नहीं होगा।

रिपोर्टर - ये माल कहां का है? कैसे आता है?

रातुल - चाइना-पाकिस्तान का है, बांग्लादेश के रास्ते भारत आता है।

रिपोर्टर - नोटों का चेस्ट कहां है, वहीं से डायरेक्ट देंगे क्या।

रातुल - गुवाहाटी में चेस्ट है, माल वहीं से सीधा यूपी जाएगा।

रिपोर्टर - यूपी चुनाव में इस बार कितने का टारगेट है?

रातुल- पिछली बार 65 करोड़ गया था, इस बार लगभग 80 करोड़ जा सकता है।

रिपोर्टर - यूपी में योगी सरकार है, दिक्क्त तो नहीं होगी?

रातुल - यूपी, बिहार ही नहीं दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा हर राज्य में एजेंट हैं।

रिपोर्टर- आपका मैनेजर नेताजी से मिलेगा क्या?

रातुल - हमारा कोई भी आदमी किसी के सामने नहीं आएगा, डिलीवरी आपको होगी।

रातुल का दावा - बंगाल चुनाव में हुई थी बड़ी डील

गुवाहाटी से जाली नोट का नेटवर्क चलाने वाले रातुल ने दावा किया है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर जाली नोट की डील हुई थी। चुनाव से पहले ही जगह-जगह नोटों की खेप पहुंचा दी गई थी।

जब सवाल किया गया कि नोट बंटने के बाद वापस तो नहीं हुए? रातुल ने बताया कि किसी भी चुनाव से कोई शिकायत नहीं आई। नोट बंट गए और नए चुनाव को लेकर डिमांड भी आने लगी है।

रातुल ने कहा गुवाहाटी आ जाओ, नोट लो और मार्केट में चला कर देख लो। बैंक में जमा करके देख लो, कहीं से कोई दिक्कत आएगी, तो डील कैंसिल कर देना। अगर यूपी चुनाव में पैसा कमाना है तो अभी से तैयारी करनी होगी। चुनाव के समय सख्ती बढ़ जाती है, इसलिए स्टॉक अभी से करना होगा।

रातुल के दावों को मानें तो वह पिछले यूपी विधानसभा चुनाव में जाली नोटों की बड़ी खेप खपा चुका है। उसने लगभग 70 करोड़ रुपए भेजने का दावा किया, जिसमें एक भी शिकायत नहीं आने की बात कही।

रातुल से फोन पर हुई डील के बाद करेंसी चेस्ट तक पहुंचने के लिए भास्कर रिपोर्टर एजेंट बनकर गुवाहाटी पहुंचे। गुवाहाटी पहुंचने के बाद जब रिपोर्टर ने रातुल को कॉल किया तो उसने अपने एजेंट राजीव को रिपोर्टर का नंबर दे दिया। डेढ़ घंटे बाद राजीव ने रिपोर्टर को कॉल किया और गुवाहाटी के लोखरा फ्लाई ओवर के पास मिलने के लिए बुलाया। रातुल का आदेश मिलने के बाद राजीव ने रिपोर्टर को जाली नोटों की सबसे बड़ी फेक करेंसी के चेस्ट तक पहुंचाया।

राजीव - आपका पैसा रेडी है?

रिपोर्टर - हां, आपने पैसा रेडी कर दिया है क्या?

राजीव - बांगलादेश से आए बड़े बंडल से आपके लिए छोटा बंडल बनवा रहे हैं।

रिपोर्टर - आपके पास से तो रोज माल निकलता है, आज कितना स्टॉक है।

राजीव - यह सब मत पूछिए, ऑर्डर जितना भी आए माल निकल जाता है।

रिपोर्टर - यहां कोई दिक्क्त तो नहीं, हम सेफ हैं ना?

राजीव - पूरी तरह से सेफ हैं, बॉस की सेटिंग है।

रिपोर्टर - रातुल बॉस से मिलवा दीजिए?

राजीव - बॉस तो बाहर रहते हैं, फोन पर डील होगी।

रिपोर्टर को चेस्ट के बाहर रोका, एक कॉल पर वीडियो मंगाया

राजीव ने पहले रिपोर्टर की पूरी पड़ताल की और फिर रातुल से फोन पर बात की। रातुल को पता था कि पार्टी यूपी से आई है और चुनाव में नोट खपाने की बड़ी प्लानिंग है। इसलिए रातुल ने राजीव से रिपोर्टर को चेस्ट तक ले जाने को कहा। राजीव रिपोर्टर को लोखरा फ्लाइ ओवर से पहाड़ की तरफ लेकर गया। थोड़ी दूर जाने पर एक छोटा सा मार्केट दिखा। यहां अधिकतर दुकानें बंद थीं। गली के रास्ते राजीव रिपोर्टर को एक 2 मंजिला पुरानी बिल्डिंग के पास ले गया। रिपोर्टर को वहां रोक दिया और कहा कि ऑफिस में कुछ बाहर के लोग आए हैं। यह कहकर उसने एक कॉल लगाया और नोट की पैकिंग प्रोसेसिंग से लेकर स्टॉक का वीडियो मंगवाया। राजीव ने कहा कि एक-दो बार आपके साथ काम हो जाएगा तो हम आपको प्रिंटिंग यूनिट तक लेकर जाएंगे।

फेक करेंसी की असली नोटों की तरह पैकेजिंग करते एजेंट। करेंसी चेस्ट के पास का ये वीडियो एजेंट ने रिपोर्टर को दिखाया।

फेक करेंसी की असली नोटों की तरह पैकेजिंग करते एजेंट। करेंसी चेस्ट के पास का ये वीडियो एजेंट ने रिपोर्टर को दिखाया।

असली नोटों की तरह जाली नोट की पैकिंग

राजीव ने रिपोर्टर को जो वीडियो दिखाया वो होश उड़ाने वाला था। 3 से 4 लोग नोटों की पैकिंग करने में लगे थे। एक बड़े से कार्टन में लगभग 2 करोड़ के असली जैसे दिखने वाले जाली नोट की पैकिंग की जा रही थी। पैकिंग में लगे लोग नोट को दिखा रहे थे। वह पूरी प्रॉसेस बता रहे थे कि असली नोटों की तरह कैसे जाली नोटों की खेप को पैक किया जा रहा है।

500 के नोटों की गड्‌डी को देखकर नहीं लग रहा था कि वह नकली हैं। पूरी तरह सफाई के साथ प्लास्टिक के रैपर में नोटाें के बंडल पैक किए जा रहे थे। माल बिहार में डिलीवरी के लिए भेजा जाना था। राजीव ने बताया कि यह माल बिहार के लिए तैयार हो रहा है। बिहार और नेपाल से सटे इलाकों में काफी डिमांड है। यहां बिना चुनाव के ही नोटों की डिमांड रहती है।

एजेंट ने ब्लैक कोटेड जाली नोट दिखाएं, पुलिस की स्कैनिंग से बचने के लिए तस्कर नए तरीके से फेक करेंसी की स्मगलिंग कर रहे हैं।

एजेंट ने ब्लैक कोटेड जाली नोट दिखाएं, पुलिस की स्कैनिंग से बचने के लिए तस्कर नए तरीके से फेक करेंसी की स्मगलिंग कर रहे हैं।

चेस्ट में दो तरह के जाली नोट

गुवाहाटी में जाली नोटों की चेस्ट में रिपोर्टर को दो तरह के नोट दिखाए गए। एक जो पूरी तरह से ब्लैक कोटेड थे और दूसरे असली नोटों की तरह चमक रहे थे। राजीव ने बताया कि चाइना और पाकिस्तान से अब ब्लैक कोटेड नोट आ रहे हैं। यह स्कैनिंग में नहीं पकड़े जाते और लंबे समय तक टिके रहते हैं। इसकी प्रिंटिंग जल्दी खराब नहीं होती है।

लगातार मार्केट में चलने के बाद भी 3 साल तक कोई दिक्कत नहीं होती है। पहले जो नोट आते थे, वह 6 महीने में डाउन हो जाते थे। अब चाइना ने पेपर मोटा और क्वालिटी अच्छी कर दी है, जिससे कोई भी नोट 3 साल के पहले खराब नहीं होते हैं।

जाली नोट के चेस्ट से 80 करोड़ की डील

एजेंट बनकर गुवाहाटी पहुंचे रिपोर्टर से राजीव ने जाली नोटों के चेस्ट के बारे में पूरी जानकारी दी। राजीव ने रातुल को कॉल लगाया और रिपोर्टर के साथ पूरी डील की। इस दौरान रातुल ने खुलासा किया कि अब पूरा कारोबार गुवाहाटी से ही होता है। बांगलादेश से सटे होने की वजह से गुवाहाटी को सेंटर पॉइंट बनाया गया है। क्योंकि माल पाकिस्तान और चाइना से बांग्लादेश होते हुए यहां तक आसानी से पहुंच जाता है। पहले पूरा काम नेपाल से ही हो जाता था। तब यूपी और बिहार का नेटवर्क काफी एक्टिव था, लेकिन नेपाल में नई सरकार बनने के बाद सख्ती बढ़ गई है। इसके कारण अब चेस्ट को शिफ्ट करना पड़ा है। गुवाहाटी से माल आसानी से हर राज्य में पहुंच जाता है।

लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती… गुवाहाटी तक पहुंचने के बाद भास्कर के सामने अब सबसे बड़ा सवाल था कि इस चेस्ट से निकलने वाली जाली करेंसी आखिर जाती कहां है? कौन से रास्ते इस्तेमाल किए जाते हैं? बिहार और यूपी तक माल कैसे पहुंचता है? कौन लोग इसे आगे लेते हैं? क्या एक ही नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय है? और सबसे अहम क्या चुनाव के दौरान जाली नोटों को बड़े पैमाने पर खपाने की यह पूरी प्लानिंग सिर्फ बातचीत का दावा है या इसके पीछे जमीन पर भी कोई नेटवर्क मौजूद है?

भास्कर की पड़ताल अगले एपिसोड में इसी रूट को खंगालेगी। अगले एपिसोड में गुवाहाटी के करेंसी चेस्ट से निकलकर जाली नोटों की किन रास्तों से बिहार और यूपी तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा है? देखिए रूट मैप और नेटवर्क की अगली कड़ी।

दूसरे एपिसोड में पढ़िए गुवाहाटी के चेस्ट से देश में कैसे हो रही जाली नोटों की डिलिवरी और क्या है रुट मैप..