UP Board 2027 Exam: यूपी बोर्ड ने बढ़ाई इंटरमीडिएट व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की सीमा, नई व्यवस्था लागू| Navbharat Live

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सार

UP Board Exam: यूपी बोर्ड ने 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के पंजीकरण नियमों में बदलाव किया है। इंटरमीडिएट के सामान्य परीक्षार्थियों की सीमा हटाई गई है।

UP Board Revises Registration Rules for Private Candidates, New Norms for 2027 Exams

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

UP Board Application Process For Registration: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। शासन के निर्देश पर बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित करने संबंधी नीति में संशोधन किया है, जिससे अधिक विद्यार्थियों को आवेदन का अवसर मिल सकेगा।

नई व्यवस्था में छात्र-छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद

नई व्यवस्था के अनुसार इंटरमीडिएट व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के पंजीकरण के लिए किसी केंद्र पर अधिकतम 800 अभ्यर्थियों की सीमा यथावत रखी गई है। हालांकि सामान्य व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए पहले निर्धारित 400 की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नया प्रावधान भी लागू किया है। अब किसी भी विद्यार्थी का आवेदन पत्र ऑनलाइन अपसारित न होने का प्रमाणपत्र सभी अपसारण केंद्रों से प्राप्त कर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को देना होगा। डीआईओएस को इस संबंध में प्रमाणित रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को भेजनी होगी, ताकि कोई भी योग्यता न रखने वाला अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत न हो सके।

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राजकीय विद्यालयों को ही बनाया जाएगा अपसारण केंद्र

इसके अलावा, केवल राजकीय विद्यालयों को ही अपसारण केंद्र बनाया जाएगा। हालांकि ऐसे विद्यालयों को यह जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जहां पिछले तीन वर्षों में सामूहिक नकल या अन्य गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिली हों। जिला विद्यालय निरीक्षकों को आवेदन पत्रों और अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच करने के बाद ही उन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए अनुमोदित करना होगा।

बोर्ड के अनुसार पिछले वर्ष कुशीनगर जिले में लगभग 700 अयोग्य विद्यार्थियों के आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार कड़ी निगरानी और सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक केंद्र पर हाईस्कूल के 500 तथा इंटरमीडिएट के 700 विद्यार्थियों तक के आवेदन पत्र अपसारित किए जाएंगे। इस प्रकार एक केंद्र पर कुल 1200 आवेदन पत्रों के निस्तारण की व्यवस्था रहेगी। विशेष परिस्थितियों में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की अनुमति से हाईस्कूल में 650 और इंटरमीडिएट में 800 तक आवेदन अपसारित किए जा सकेंगे।

यूपी बोर्ड का मानना है कि नई व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और निष्पक्ष बनेगी तथा पात्र विद्यार्थियों को समय पर पंजीकरण का लाभ मिलेगा।

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