UP Election 2027: गौतम बुद्ध नगर की 3 सीटों पर क्या है सियासी माहौल?
Gautam Buddh Nagar: दिल्ली से सटा गौतम बुद्ध नगर जिला भले ही सीटों की संख्या में यूपी के सबसे छोटे जिलों में गिना जाता हो, मगर सियासी और आर्थिक अहमियत के लिहाज से इसका कद किसी बड़े जिले से कम नहीं है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से यह जिला हमेशा राष्ट्रीय सुर्खियों में रहता है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तो यहां सियासी पारा अभी से चढ़ना शुरू हो गया है. आइए जानते हैं जिले की सभी सीटों का पूरा हाल.
जिले में बड़ी संख्या में है प्रवासी कामकाजी आबादी
गौतम बुद्ध नगर जिला 1997 में बुलंदशहर और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया था. जनगणना 2011 के अनुसार जिले की कुल आबादी करीब 16 लाख 48 हजार थी, जिसमें पुरुषों की संख्या करीब 8 लाख 90 हजार और महिलाओं की संख्या करीब 7 लाख 58 हजार दर्ज हुई. यहां प्रति हजार पुरुषों पर सिर्फ 851 महिलाएं हैं, जो प्रदेश के औसत से काफी कम है, इसकी एक वजह जिले में बड़ी संख्या में आने वाली पुरुष प्रवासी कामकाजी आबादी मानी जाती है.
प्रधानमंत्री जी 25 वर्षों से अनवरत जनसेवा और राष्ट्र सेवा कर रहे हैं : रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh#SevaSankalpAbhiyan#HappyBDayPMModipic.twitter.com/Toy4mer5dV
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 17, 2026
दादरी और जेवर जैसे इलाकों में किसान और ग्रामीण आबादी
साक्षरता के मामले में यह जिला प्रदेश में सबसे आगे गिना जाता है, यहां कुल साक्षरता दर करीब 80 प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता करीब 88 प्रतिशत और महिला साक्षरता करीब 71 प्रतिशत रही. धार्मिक आबादी की बात करें तो जिले में हिंदू आबादी करीब 85 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 13 प्रतिशत है. खास बात यह है कि जिले की करीब 59 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है, जो इसे यूपी के सबसे शहरीकृत जिलों में शुमार करती है, हालांकि दादरी और जेवर जैसे इलाकों में आज भी किसान और ग्रामीण आबादी की बड़ी मौजूदगी है.
जिले में सिर्फ 3 विधानसभा सीटें, कोई भी आरक्षित नहीं
गौतम बुद्ध नगर जिले में कुल तीन विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं नोएडा, दादरी और जेवर. बता दें यह तीनों सीटें सामान्य श्रेणी में आती हैं और यहां कोई भी सीट अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है.
भाजपा को मिला था भारी बहुमत, सपा सेंध लगाने की लगा रही जुगत
2022 के विधानसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर जिले की तीनों सीटों पर भाजपा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, विपक्ष यहां कहीं भी मुकाबले में नजर नहीं आया. आइए आपको तीनों विधानसभाओं के बारे में डिटेल में बताते हैं.
नोएडा सीट की बात करें तो यहां भाजपा के पंकज सिंह ने सपा के सुनील चौधरी को करीब 1 लाख 81 हजार वोटों के भारी अंतर से हराया था. पंकज सिंह केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं और यह जिले की सबसे बड़ी जीत रही थी.
दादरी सीट की बात करें तो भाजपा के तेजपाल सिंह नागर ने सपा के राजकुमार भाटी को करीब 1 लाख 38 हजार वोटों से पराजित किया था.
जेवर सीट पर भाजपा के धीरेंद्र सिंह ने रालोद प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना को करीब 56 हजार वोटों से हराया था.
75 वर्ष पहले वडनगर से एक यात्रा प्रारम्भ हुई थी। एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर और भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी के रूप में वो यात्रा देश और दुनियावासी देख रहे हैं : मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath#SevaSankalpAbhiyan#HappyBDayPMModipic.twitter.com/Vr3BNOi9iN
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 17, 2026
जमीन अधिग्रहण आंदोलन से भाजपा के गढ़ तक का सफर ने जिले को दी पहचान
गौतम बुद्ध नगर जिले की राजनीति समझने के लिए 2011 के भट्टा परसौल किसान आंदोलन को याद करना जरूरी है. ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के लिए हुए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ भड़के इस आंदोलन ने पूरे जिले की सियासत को हिलाकर रख दिया था और इसका सीधा असर 2012 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल को यहां नुकसान उठाना पड़ा था. मगर 2014 की मोदी लहर के बाद जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल गई. 2017 और 2022 दोनों विधानसभा चुनावों में भाजपा ने तीनों सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की. दिलचस्प बात यह है कि नोएडा और दादरी जैसी सीटों पर बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से आकर बसे मतदाता हैं, जो परंपरागत जातीय समीकरणों से हटकर विकास और सुरक्षा जैसे शहरी मुद्दों पर वोट करते रहे हैं, जबकि जेवर जैसी सीट पर स्थानीय गुर्जर, जाट ठाकुर किसान बिरादरी का प्रभाव आज भी कायम है.
अब क्या हैं मौजूदा हालात, क्या बीजेपी को मिलेगी चुनौती?
2027 के चुनाव से पहले गौतम बुद्ध नगर जिला यूपी की सियासत का सबसे बड़ा अखाड़ा बनता जा रहा है. मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया, जिसे भाजपा अपनी सबसे बड़ी विकास उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है. इसी दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दादरी में बड़ी जनसभा कर सत्ताधारी दल को सीधी चुनौती दी है. जबकि बसपा कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं.
"आगरा एक्सप्रेसवे की जो डिजाइन है वही डिजाइन NHAI ने नकल की लेकिन आज तक वैसा एक्सप्रेसवे नहीं बना पाएं।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/J0H89lDF1G
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 17, 2026
60 साल से ज्यादा उम्र के विधायकों का कटेगा टिकट
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक भाजपा उन सीटों पर मौजूदा विधायकों का टिकट बदलने पर विचार कर रही है जहां विधायक 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं और दो बार जीत चुके हैं. जिससे दादरी सीट पर नए चेहरे को मौका मिलने की अटकलें तेज हैं. दूसरी ओर सपा जेवर सीट पर भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में जुटी है ताकि भाजपा के इस मजबूत गढ़ में सेंध लगाई जा सके.
किस सीट पर क्या है जातीय समीकरण आइए समझते हैं
- नोएडा सीट की बात करें तो शहरी और बाहरी राज्यों से आई प्रवासी आबादी का यहां सबसे बड़ा प्रभाव है. इसके अलावा पंजाबी, ब्राह्मण और वैश्य समाज भी यहां अहम भूमिका में रहते हैं.
- दादरी सीट पर गुर्जर और ठाकुर बिरादरी का पारंपरिक दबदबा है. साथ ही इस सीट पर मुस्लिम और दलित मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
- जेवर सीट पर जाट और गुर्जर किसान बिरादरी का मजबूत प्रभाव. इसके अलावा दलित और मुस्लिम मतदाता भी अच्छी-खासी संख्या में मौजूद हैं.
"जुलाई में जीरो नौकरी, अगस्त में जीरो नौकरी और सितंबर में भी अब देख लेना जीरो नौकरी। आने वाले समय में समाजवादी सरकार बनाओ तो रोजगार का रास्ता खोलने का काम करेंगे।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/B7Y9DiFYGn
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 17, 2026
(FAQ)
सवाल: गौतम बुद्ध नगर जिले में कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं?
जवाब: गौतम बुद्ध नगर जिले में कुल तीन विधानसभा सीटें हैं, नोएडा, दादरी और जेवर.
सवाल: इनमें से कौन-सी सीट आरक्षित है?
जवाब: जिले की तीनों सीटें सामान्य श्रेणी की हैं, यहां कोई भी सीट अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित नहीं है.
सवाल: 2022 चुनाव में गौतम बुद्ध नगर जिले में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
जवाब: भाजपा ने तीनों सीटों पर भारी बहुमत से जीत दर्ज की, विपक्ष यहां कहीं मुकाबले में नहीं आ सका.
जय भीम pic.twitter.com/jYvv2HGPq4
— BSP (@Bsp4u) September 14, 2026
सवाल: गौतम बुद्ध नगर जिले की आबादी में हिंदू और मुस्लिम समुदाय का हिस्सा कितना है?
जवाब: जनगणना 2011 के अनुसार जिले में हिंदू आबादी करीब 85 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 13 प्रतिशत है.
सवाल: जिले में किस पार्टी का ऐतिहासिक तौर पर दबदबा रहा है?
जवाब: 2011 के भट्टा परसौल किसान आंदोलन के बाद कुछ समय के लिए सत्ताधारी दल को नुकसान हुआ था, मगर 2014 के बाद से यह जिला भाजपा का मजबूत गढ़ बन चुका है.
सवाल: 2027 के चुनाव से पहले फिलहाल राजनीतिक माहौल कैसा है?
जवाब: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को भाजपा अपने चुनाव प्रचार का केंद्र बना रही है, जबकि सपा और बसपा भी बड़ी रैलियों और कार्यक्रमों के जरिए भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही हैं.
UP Election 2027: उन्नाव की 6 सीटों पर BJP का किला रहेगा बरकरार?
UP Election 2027: आगरा की 9 सीटों...
UP Election 2027: अयोध्या की 5 सीटों पर किसका दबदबा?