UP Minority Commission Chairman: पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी, यूपी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नियुक्त - Haribhoomi
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्व मंत्री और पूर्व एमएलसी मोहसिन रजा को राज्य अल्पसंख्यक आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री रैंक का दर्जा प्रदान किया गया है। वक्फ संपत्तियों में गड़बड़ियों की एसआईटी जांच की मांग उठाने के कुछ ही दिनों बाद सरकार ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
पूर्व मंत्री मोहसिन रजा को बड़ी जिम्मेदारी बने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष (फाइल फोटो)
- Published: 08 Sep 2026, 05:00 PM IST
- Last Updated: 08 Sep 2026, 05:00 PM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व राज्यमंत्री मोहसिन रजा को एक बार फिर मुख्यधारा के प्रशासनिक और राजनीतिक पटल पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शासन ने उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही मोहसिन रजा को कैबिनेट मंत्री रैंक का दर्जा भी दिया गया है। भाजपा के प्रमुख मुस्लिम चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले मोहसिन रजा को मिली इस जिम्मेदारी को राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है।
Mohsin Raza, the former Uttar Pradesh minister and ex-Ranji cricketer, has been appointed as the chairman of the Uttar Pradesh Minorities Commission pic.twitter.com/cMaUBBXMs7
— IANS (@ians_india) September 8, 2026
2017 में रहे थे अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री
मोहसिन रजा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधान परिषद सदस्य MLC रह चुके हैं। वर्ष 2017 में जब उत्तर प्रदेश में पहली बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी, तब मोहसिन रजा को मंत्रिमंडल में शामिल करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया था।
वक्फ संपत्तियों के ऑडिट और SIT जांच की उठाई थी मांग
अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने से कुछ दिन पहले 12 अगस्त को मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने दोनों वक्फ बोर्ड शिया व सुन्नी की संपत्तियों की जिला स्तर पर एसआईटी SIT जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की थी।
उन्होंने दावा किया था कि पहले उत्तर प्रदेश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं, जो अब घटकर महज 1.27 लाख रह गई हैं। रजा का आरोप था कि पिछली सरकारों के दौरान ऑडिट न होने से 70 हजार से अधिक संपत्तियां या तो दस्तावेजों से गायब हो गईं या फिर उन पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया।
रणजी क्रिकेटर और 'प्रिंस लखनऊ' भी रह चुके हैं रजा
मोहसिन रजा का सार्वजनिक जीवन बहुआयामी रहा है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह एक कुशल क्रिकेटर रहे और रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा वे मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में भी सक्रिय रहे और वर्ष 1995 में 'प्रिंस लखनऊ' का खिताब जीत चुके हैं।
2014 से भाजपा में सक्रिय, मिला कैबिनेट स्टेटस
मोहसिन रजा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे। टीवी बहसों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के कारण उन्हें प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया था। अब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद के साथ कैबिनेट रैंक मिलने से प्रदेश में अल्पसंख्यकों के कल्याण, वक्फ सुधारों और कानूनी अधिकारों से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।