UP में घटिया काम के चलते PNC इंफ्राटेक बैन: बिहार में बना रही वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे, क्या काम प्रभावित होगा? - Bihar News
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में लापरवाही, खराब क्वालिटी और सड़क धंसने पर NHAI ने PNC इंफ्राटेक को कुछ दिनों पहले तीन साल के लिए बैन कर दिया। कार्रवाई 3 सितंबर 2026 से प्रभावी हुई है। उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड हुई यह कंपनी बिहार में एक्सप्र
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5 अगस्त 2026 को नॉन परफॉर्मर घोषित करने के लिए कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। उसके बाद NHAI ने प्रतिबंध की कार्रवाई की है। प्रतिबंध की अवधि में कंपनी NHAI या इससे संबंधित किसी भी एजेंसी की निविदा प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगी।
NHAI ने क्यों PNC इंफ्राटेक के खिलाफ कार्रवाई की? यह कंपनी बिहार में क्या काम कर रही है? बैन का क्या असर होगा? पढ़िए रिपोर्ट…।
हर दिन 42 लाख रुपए के हिसाब से टोल शुल्क की भरपाई करेगी कंपनी
लखनऊ से कानपुर के बीच 63 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण होना था। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत काम PNC इंफ्राटेक कंपनी ने किया। 14 जुलाई को एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराया गया।
12-13 दिनों में ही पहली बारिश में निर्माण की गुणवत्ता सामने आ गई। कई जगह पर एक्सप्रेसवे धंस गया। कारण बताओ नोटिस और इंजीनियरों पर कार्रवाई के साथ ही एनएचएआई ने पूरे एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पर रोक लगाने का भी फैसला लिया।
अनुमानित हर दिन 42 लाख रुपए के हिसाब से टोल शुल्क की भरपाई कंपनी द्वारा एनएचएआई को की जाएगी। निर्माण कार्य की जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर की टीम को जिम्मा सौंपा गया था। जांच रिपोर्ट NHAI को सौप दी गई।
सड़क धंसने, दरारें पड़ने, एलिवेटेड रोड के स्लैब से सीमेंट गिरने जैसी खामियां सामने आईं। लगभग 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित है। इसी आधार पर तीन वर्षों के लिए निर्माण कंपनी पर बैन लगाया गया।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने, सतह खिसकने और दरारें आने की शिकायतों के बाद NHAI ने PNC इंफ्राटेक के खिलाफ कार्रवाई की।
पीएनसी द्वारा 14 सितंबर 2026 को सेबी रेगुलेशन के तहत बीएसई और एएसई को सूचना दी कि एनएचएआई ने 11 सितंबर 2026 को उसकी सहयोगी कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिबंध को पीएनसी इन्फ्राटेक तक विस्तारित करते हुए प्रतिबंध लगाया है।
प्रभावित प्रोजेक्ट कानपुर- लखनऊ एक्सप्रेसवे पैकेज-2 की अनुमानित लागत 1513 करोड़ रुपए है। इसे काम पूरा होने के प्रोविजनल और फाइनल सर्टिफिकेट भी मिल चुके थे और नुकसान होने के समय यह मेंटनेंस के चरण में था।
कंपनी की रेटिंग कम हुई, नए टेंडर लेने की क्षमता पर असर होगा
कार्रवाई का असर यह हुआ कि पीएनसी के शेयर में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने इसके बाद कहा कि कार्रवाई से उसके मौजूदा प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
भविष्य में नए टेंडर लेने में उसकी तकनीकी क्षमता, रेटिंग कम हो जाने के कारण प्रभावित होगी। वह इस आदेश के विरूद्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
बिहार में अभी यह कंपनी कहां काम कर रही?
बिहार में कंपनी ने कोईलवर-भोजपुर और भोजपुर से बक्सर एनएज 922 बनाया है। यह 60 किमी की सड़क है। इस पर कई जगहों पर स्टीच लगाने पड़े थे।
यह कंपनी अभी बिहार में वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का काम कर रही है। इसे दो पैकेज में बनाया जा रहा है। यह ढ़ाई हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। इसका 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
भास्कर ने पथ निर्माण विभाग से बात की। विभागीय अफसर का कहना है कि कंपनी का कामकाज बिहार में ठीक है। वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे पर ठीक-ठाक काम चल रहा है।

बिहार में काम नहीं रुकेगा
कंपनी के बिहार में चल रहे कामकाज पर कोई असर नहीं होगा। जो परियोजनाएं पहले से चल रही होती हैं वे खुद से बंद नहीं होतीं। उनका काम अनुबंध की शर्तों के अनुसार जारी रह सकता है, जब तक कि संबंधित एजेंसी अलग फैसला न ले।
मतलब साफ है कि बिहार में कंपनी का काम जारी रहेगा। बीच में काम रोकने से सरकार को ही नुकसान होगा। काम देने की प्रक्रिया लंबी होती है। काम रोका गया तो कंपनी 10 परसेंट लॉस लेकर चली जाएगी। इसलिए भी बैन लगाना संभव नहीं है।
यूपी में लगे बैन का असर होगा कि कंपनी नई NHAI/MoRTH परियोजनाओं में भाग नहीं ले सकती। जो परियोजनाएं पहले से चल रही हैं, उन्हें पूरा करेगी। जिन परियोजनाओं में पहले से सबसे कम बोलीदाता (L1) घोषित हो चुकी हैं, उन पर भी असर नहीं पड़ेगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत के बाद भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं थीं।
PNC इंफ्राटेक कंपनी के बारे में जानिए
PNC इंफ्राटेक यूपी की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक है। यह एक्सप्रेसवे के अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग, पुल व फ्लाईओवर, एयरपोर्ट रनवे, रेलवे परियोजना, जल व शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कार्य करती है।
आगरा में इसका मुख्यालय है। कंपनी की शुरुआत प्रदीप कुमार जैन ने 1989 में PNC Construction Company के रूप में की थी, जिसे बाद में 1999 में PNC Infratech Ltd. बनाया गया।
किन- किन राज्यों में कंपनी का काम चल रहा है
देश के 10 से अधिक राज्यों में कंपनी ने काम किया है या कर रही हैं। इसमें यूपी, बिहार के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य हैं।