UP Politics on Fish Feast: सावन में अयोध्या मछली भोज पर गरमाई यूपी की सियासत; राजभर बोले- धर्म के नाम पर ढोंग रचती है कांग्रेस - Haribhoomi
सावन के महीने में अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर आयोजित मछली भोज को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया, वहीं अजय राय ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि उनका मछली खाते हुए कोई प्रमाण सामने आ जाए तो वे तुरंत पद से इस्तीफा दे देंगे।
ओपी राजभर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ चुका है और वे धर्म के नाम पर केवल ढोंग करते हैं।
- Published: 24 Aug 2026, 02:41 PM IST
- Last Updated: 24 Aug 2026, 02:41 PM IST
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। सावन के पवित्र माह में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अयोध्या आगमन के दौरान स्वागत समारोह में मछली-भात परोसे जाने की खबरों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां इसे सनातन परंपरा और आस्था का अनादर बता रहा है, वहीं कांग्रेस ने इसे निषाद समाज की पारंपरिक आजीविका और सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर जवाब दिया है।
ओम प्रकाश राजभर का कांग्रेस पर तीखा तंज
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पूरे विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चर्चा में बने रहने और सुर्खियां बटोरने के लिए कांग्रेस नेता सावन के पवित्र महीने में इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा दे रहे हैं।
राजभर ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या बिना प्याज और लहसुन के बनने से मछली शाकाहारी हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ चुका है और वे धर्म के नाम पर केवल ढोंग करते हैं।
अजय राय की खुली चुनौती, 'तस्वीर दिखाओ और इस्तीफा ले लो'
अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने जोरदार पलटवार करते हुए सत्ता पक्ष को खुली चुनौती दी। अजय राय ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं पूरी तरह शाकाहारी हैं और उन्होंने किसी भी मांसाहारी भोज में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई उनके मछली खाने की एक भी तस्वीर या साक्ष्य प्रस्तुत कर दे, तो वे तत्काल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए गैर-जरूरी और भ्रामक विवाद खड़े कर रही है।
निषाद समाज की परंपरा और आजीविका का दिया हवाला
अजय राय ने पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि अयोध्या में निषाद समाज के लोगों ने उन्हें अपने एक पारंपरिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। मछली पालन, मछली पकड़ना और उनका खान-पान निषाद समाज की सदियों पुरानी जीवनशैली और आजीविका का मुख्य हिस्सा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस समाज के पूर्वज निषाद राज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को गंगा पार कराई थी, आज भाजपा उसी निषाद समाज की परंपराओं का अपमान कर रही है, जिसे प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
नदियों और बालू के ठेकों पर सरकार को घेरा
विवाद के बीच अजय राय ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में मछुआरों और निषाद समाज के पुश्तैनी अधिकारों को छीनकर नदियों और बालू खनन के बड़े ठेके उद्योगपतियों व बाहरी कारोबारियों को सौंपे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से जल और नदी तटों पर निर्भर रहने वाले स्थानीय परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और सरकार बुनियादी मुद्दों से भागने के लिए इस प्रकार के सियासी हथकंडे अपना रही है।