UP Power Reforms Yogi Govt: योगी सरकार में बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, वितरण हानि 20.63% से घटकर 13.04% हुई - Haribhoomi

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली वितरण व्यवस्था को आर्थिक रूप से मजबूत और कुशल बनाने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में वितरण हानि 20.63 प्रतिशत से घटकर 13.04 प्रतिशत रह गई है।

yogi govt power distribution loss drops 13 percent

विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह उपलब्धि योगी सरकार और यूपीपीसीएल प्रबंधन के कड़े निर्देशों और दैनिक समीक्षा का परिणाम है।

  • Published: 07 Sep 2026, 04:55 PM IST
  • Last Updated: 07 Sep 2026, 04:55 PM IST

उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा लागू की गई सख्त मॉनिटरिंग, डेटा-आधारित निगरानी और फीडर-स्तरीय जवाबदेही के कारण राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में न केवल बिजली चोरी और लाइन लॉस पर लगाम लगी है, बल्कि बकाया राजस्व वसूली में भी भारी इजाफा हुआ है। राज्य में कृषि फीडरों को छोड़कर कुल फीडरों की संख्या बढ़कर 21,463 हो गई है, जिनमें से लाभकारी फीडरों की संख्या 5,772 से बढ़कर 8,104 पहुंच चुकी है।

लाभकारी फीडरों में पश्चिमांचल डिस्कॉम रहा सबसे आगे
प्रदेश में लाभकारी फीडरों की कुल हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई है। विभिन्न डिस्कॉम्स के प्रदर्शन की बात करें तो पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम 53 प्रतिशत लाभकारी फीडरों के साथ पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान पर रहा। इसके बाद केस्को 39 प्रतिशत, जबकि दक्षिणांचल और मध्यांचल डिस्कॉम 37-37 प्रतिशत और पूर्वांचल डिस्कॉम 22 प्रतिशत लाभकारी फीडरों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

हाई लॉस क्लस्टर मॉडल से ₹654 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली
बिजली चोरी पर शिकंजा कसने और राजस्व बढ़ाने के लिए लागू किए गए 'हाई लॉस क्लस्टर मॉडल' के तहत 703 क्लस्टर, 1,703 फीडर और 42.21 लाख उपभोक्ताओं को कवर किया गया। इस विशेष अभियान के जरिए 654 करोड़ 31 लाख रुपये की बकाया राशि वसूल की गई। इसके साथ ही 1,01,548 नए वैध विद्युत कनेक्शन भी जारी किए गए, जिससे अनधिकृत बिजली उपयोग में भारी कमी आई है।

अत्यधिक घाटे वाले फीडरों में 21% तक कम हुआ नुकसान
राज्य के अत्यधिक नुकसान वाले क्षेत्रों में चलाए गए अभियानों का असर देखने को मिला है। ललितपुर के तालबेहट टाउन-2 में एटीएंडसी हानि 63 प्रतिशत से घटकर सीधे 11 प्रतिशत पर आ गई। कासगंज के मणिकापुर सीरी में यह 87 से 53 प्रतिशत और मथुरा के राल में 83.62 प्रतिशत से गिरकर 47.82 प्रतिशत पर पहुंच गई। आगरा, मथुरा, चित्रकूट, राठ और कोसी के टॉप-10 हाई लॉस फीडरों का घाटा 22.53 करोड़ रुपये से घटकर 17.89 करोड़ रुपये रह गया, जो लगभग 21 प्रतिशत की सीधी कमी दर्शाता है।

फीडर स्तर पर दैनिक मॉनिटरिंग से बढ़ा वित्तीय अनुशासन
विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह उपलब्धि योगी सरकार और यूपीपीसीएल प्रबंधन के कड़े निर्देशों और दैनिक समीक्षा का परिणाम है। प्रत्येक फीडर स्तर पर जवाबदेही तय होने से अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के बीच वित्तीय अनुशासन मजबूत हुआ है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है, बल्कि डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में भी बड़ा सुधार आया है।