UPI MDR Charges: मुफ्त UPI पेमेंट का जमाना होने वाला है खत्म? संसद में संशोधन विधेयक पेश
Published: Tuesday, August 4, 2026, 22:51 [IST]
UPI MDR Charges: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, तो आने वाले समय में इससे जुड़ा बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे भविष्य में कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का कानूनी रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल सरकार ने कोई शुल्क लागू नहीं किया है, लेकिन प्रस्तावित बदलाव ने डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री की उस मांग को बल दिया है, जिसमें बड़े कारोबारियों पर सीमित MDR लगाने की बात लंबे समय से उठाई जा रही थी।
अभी UPI पर कोई चार्ज नहीं, सिर्फ कानूनी प्रावधान तैयार
सरकार की ओर से पेश किया गया संशोधन फिलहाल किसी भी UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं लगाता। इसका उद्देश्य केवल ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिसके तहत भविष्य में जरूरत पड़ने पर MDR लागू किया जा सके। यानी अभी आम लोगों के लिए UPI पूरी तरह मुफ्त रहेगा। सरकार का कहना है कि अंतिम फैसला सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
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2,000 रुपये से ऊपर के भुगतान पर लग सकता है MDR
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के स्तर पर एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.3% से 0.5% तक MDR लगाया जा सकता है। हालांकि यह केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर संतुलित असर पड़े।
बड़े कारोबारियों पर ही पड़ सकता है शुल्क का असर
चर्चा में शामिल प्रस्तावों के अनुसार, MDR केवल उन व्यापारियों पर लागू हो सकता है, जिनका सालाना कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। इसका मतलब है कि छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को पहले की तरह मुफ्त UPI सुविधा मिलती रह सकती है। साथ ही ग्राहकों से सीधे कोई अतिरिक्त शुल्क वसूलने की संभावना भी फिलहाल नहीं बताई गई है।
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डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री क्यों कर रही है MDR की मांग?
डिजिटल पेमेंट कंपनियां और बैंक लंबे समय से UPI पर MDR बहाल करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मुफ्त UPI सेवा के कारण नेटवर्क, तकनीक और संचालन की लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। यदि बड़े कारोबारियों पर सीमित MDR लागू होता है, तो इससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को आर्थिक मजबूती मिल सकती है। हालांकि सरकार का अंतिम फैसला आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।