UPI पेमेंट में बढ़ेगी प्राइवेसी, मोबाइल नंबर छिपाने की तैयारी में NPCI

यूटिलिटी

  • Authored by: प्रदीप पाण्डेय
  • Updated Jul 29, 2026, 03:48 PM IST

इन बदलावों के लागू होने के बाद UPI यूजर्स की निजी जानकारी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित होगी। मोबाइल नंबर सार्वजनिक न होने से स्पैम कॉल, फर्जी मैसेज, ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान से जुड़े जोखिम कम हो सकते हैं।

Image

मोबाइल नंबर की जगह मिलेगा Username आधारित UPI ID

देश में डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने की दिशा में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। UPI नेटवर्क संचालित करने वाली संस्था NPCI, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून को लागू करने की तैयारी के तहत बैंकों और UPI ऐप्स के साथ चर्चा कर रही है। इसका उद्देश्य UPI लेनदेन के दौरान ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, खासकर मोबाइल नंबर और नाम, को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखना है।

मोबाइल नंबर छिपाने का दिया जा चुका है निर्देश

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, NPCI पहले ही सभी UPI ऐप्स और सदस्य बैंकों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर मास्क (Mask) करने का निर्देश जारी कर चुका है। हाल के महीनों में खासकर महिला यूजर्स की ओर से सोशल मीडिया पर पहचान और गोपनीयता से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। NPCI ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए 4 सितंबर तक की समय-सीमा तय की है।

अब सिर्फ आखिरी चार अंक ही दिखेंगे

नए दिशा-निर्देशों के तहत UPI लेनदेन के दौरान सामने वाले व्यक्ति को ग्राहक का पूरा मोबाइल नंबर नहीं दिखेगा। उसकी जगह केवल मोबाइल नंबर के आखिरी चार अंक ही दिखाई देंगे। इसके अलावा, QR Code के जरिए भुगतान पूरा होने के बाद भी ऐप्स पर ग्राहक का मोबाइल नंबर प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। NPCI का मानना है कि इससे यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी और अनचाहे संपर्क या पहचान उजागर होने का खतरा कम होगा।

मोबाइल नंबर की जगह मिलेगा Username आधारित UPI ID

NPCI ने UPI ऐप्स को यह भी निर्देश दिया है कि वे मोबाइल नंबर आधारित UPI ID की बजाय Username आधारित UPI ID को प्राथमिकता दें। अभी अधिकांश यूजर्स UPI रजिस्ट्रेशन के समय अपने मोबाइल नंबर को ही Virtual Payment Address (VPA) के रूप में चुन लेते हैं, जबकि Username चुनने का विकल्प पहले से मौजूद है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐप्स में डिफॉल्ट रूप से Username आधारित UPI ID देने पर जोर होगा, जिससे मोबाइल नंबर सार्वजनिक होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

DPDP कानून के तहत बढ़ेगी डेटा सुरक्षा

NPCI बैंकों और UPI ऐप्स के साथ इस बात पर भी काम कर रहा है कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के अनुरूप सभी संस्थाओं की जिम्मेदारियां स्पष्ट हों। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि UPI इकोसिस्टम में ग्राहकों का व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहे और उसकी गोपनीयता से कोई समझौता न हो।

Pradeep Pandey

प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

और पढ़ें

  • Hindi News
  • Utility-News

End of Article