UPSC क्लियर किए बिना LBSNAA में पा सकते हैं एंट्री, जानें कैसे मिलेगा मौका

लॉ छात्रों के लिए इंटर्नशिपImage Credit source: X/@LBSNAA_Official
लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) को आमतौर पर IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, यहां पहुंचने के लिए UPSC परीक्षा पास करना ही एकमात्र रास्ता नहीं है. LBSNAA के नेशनल सेंटर फॉर लॉ एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NCLA) ने फाइनल ईयर के लॉ छात्रों के लिए चार सप्ताह की एकेडमिक इंटर्नशिप शुरू की है. इसके जरिए योग्य छात्रों को कानून, प्रशासन, गवर्नेंस और पब्लिक पॉलिसी को करीब से समझने का अवसर मिलेगा. खास बात यह है कि चयनित छात्रों को LBSNAA कैंपस में रहने और खाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी.
फाइनल ईयर के छात्र कर सकते हैं आवेदन
यह इंटर्नशिप मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या लॉ कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए है. 3 वर्षीय LLB के फाइनल ईयर और 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB प्रोग्राम के फाइनल ईयर के छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. सेलेक्शन में छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों को महत्व दिया जाएगा. नेशनल लेवल की मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन और प्रकाशित रिसर्च पेपर भी उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.
मेरिट के आधार पर होगा चयन
इंटर्नशिप के लिए उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता और उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा. आवेदन के साथ जमा किए गए दस्तावेज, कॉलेज आईडी और मूट कोर्ट से जुड़ी उपलब्धियों की जांच की जाएगी. शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को LBSNAA की ओर से ईमेल के जरिए जानकारी दी जाएगी. यह इंटर्नशिप अनपेड होगी, यानी छात्रों को कोई स्टाइपेंड नहीं दिया जाएगा. एज लिमिट और आवेदन फीस को लेकर भी फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.
फ्री में रहने और खाने की सुविधा
स्टाइपेंड नहीं मिलने के बावजूद इस इंटर्नशिप में छात्रों को कई सुविधाएं मिलेंगी. चयनित इंटर्न्स को चार सप्ताह की अवधि के दौरान LBSNAA कैंपस में रहने और खाने की सुविधा मुफ्त मिलेगी. साथ ही उन्हें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पॉलिसी एक्सपर्ट्स और स्कॉलर्स के साथ बातचीत का अवसर मिल सकता है.
गवर्नेंस और पब्लिक पॉलिसी समझने का मौका
इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ, गवर्नेंस और पब्लिक पॉलिसी से जुड़े विषयों पर काम करने का अवसर मिलेगा. इसमें लीगल रिसर्च, केस स्टडी, पॉलिसी एनालिसिस, लीगल ड्राफ्टिंग और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस को समझना शामिल है. छात्र फैकल्टी के साथ अलग-अलग एकेडमिक और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकते हैं.
इन करियर क्षेत्रों में मिल सकती है मदद
यह इंटर्नशिप उन लॉ छात्रों के लिए उपयोगी हो सकती है जो ज्यूडिशियरी, सिविल सर्विसेज, पब्लिक पॉलिसी, लीगल कंसल्टेंसी, थिंक-टैंक या सरकारी एडवाइजरी जैसे क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं. इससे छात्रों को कानून और प्रशासन के बीच संबंध को व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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