Pakistan In Crisis: संकट में पाकिस्तान... US से मांग रहा पैसे, अब तेल ने भी ऐसे बिगाड़ा खेल

अमेरिका-ईरान में आर-पार की जंग (US-Iran War) जारी है और उधर लाल सागर में हूती विद्रोही सऊदी अरब के जहाजों पर कहर बरपाते नजर आ रहे हैं, जबकि दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी तेल-गैस की सप्लाई के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट बंद है. इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम 95 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. 

मिडिल ईस्ट में जंग के चलते पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है. एक ओर जहां शहबाज शरीफ सरकार अमेरिका से 10 अरब डॉलर की मदद मांगने के लिए हाथ में कटोरा लिए खड़ी है, तो वहीं दूसरी ओर देश की जनता पर महंगाई का बम फोड़ रही है. नए सिरे से शुरू हुई मिडिल ईस्ट जंग के साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बम फूटने का सिलसिला भी एक बार फिर से शुरू हो गया है. सरकार ने अचानक Petrol-Diesel Price Hike का ऐलान किया है और नई कीमतें 23 जुलाई से लागू कर दी गई हैं. 

कितना महंगा हुआ Petrol-Diesel? 
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को पेट्रोल की कीमत में 6.39 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 7.83 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया था. इन बदलाव के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत (Pakistan Petrol Price) 327.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई स्पीड डीजल की कीमत (Pakistan Diesel Price) उछलकर 375.04 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है. नई कीमतों 23 जुलाई गुरुवार से लागू कर दी गई हैं. 

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US-ईरान से ऐसे बढ़ा फ्यूल प्राइस
अमेरिका-ईरान में नए सिरे से जंग की शुरुआत हुई है और बीते 12 दिनों से हमलों का सिलसिला जारी है. इससे पहले करीब 100 दिनों से ज्यादा चले US-Iran War के दौरान भी पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली थी. 

अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर पहली बार बीते 28 फरवरी को स्ट्राइक की थी, जिसके बाद Middle East War की शुरुआत हो गई थी. उस समय इसकी पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत मार्च के पहले सप्ताह में 266 पाकिस्तानी रुपये थी, लेकिन 3 अप्रैल आते-आते Petrol Price 458.41 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. हालांकि, जब जंग थमने के आसार दिखे, तो इसकी कीमतों में कटौती भी की गई थी. 

महंगी LNG खरीदने को मजबूर
पाकिस्तान तेल आयात (Pakistan Oil Import) पर पूरी तरह से निर्भर है और इसकी ज्यादातर जरूरत खाड़ी देशों के रास्ते ही पूरी होती है. इस निर्भरता के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का सबसे बुरा असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है. रिपोर्ट्स की मानें, तो तेल की किल्लत के बीच पाकिस्तान की सरकारी कंपनी Pakistan LNG Ltd को जुलाई के अंत के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में करीब 21.88 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट की दर से एलएनजी की खेप खरीदीनी पड़ी. ये LNG Price साल 2022 के बाद से सबसे अधिक है. 

अमेरिका से मांग रहा 10 अरब डॉलर
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्ज के जरिए चल रही पाकिस्तान की इकोनॉमी को बचाने के लिए शहबाज सरकार ने अमेरिका से 10 अरब डॉलर की वित्तीय मदद मांगी है. पाकिस्तानी फाइनेंस मिनिस्टर ने अमेरिकी वित्त मंत्री से ये गुहार लगाई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशों में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिता निभाई थी, जिससे उसकी ये उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिका से वो आर्थिक मदद प्राप्त कर सकता है.

सरकार का आया ये बयान
Petrol-Diesel Price Hike को लेकर पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि ईरान-अमेरिका के बीच नए सिरे से शुरू हुई जंग के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखा है और अब अब ईंधन की कीमतें दैनिक आधार पर तय की जाएंगी. इससे पहले बीते मार्च महीने में सरकार ने Fuel Price में साप्ताहिक संशोधन का ऐलान किया था. 

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